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इधर धमकाते रहे ट्रंप और उधर अपने पैरों पर फिर से खड़ा हो रहा ईरान, अब हुआ युद्ध तो मिडिल ईस्ट के कई देशों पर बरसाएगा भारी कहर

अमेरिका और इज़राइल के ताबड़तोड़ किए गए हमलों के बाद सीजफायर के दौरान ईरान उम्मीद से कहीं तेजी से अपनी सैन्य ताकत को दोबारा खड़ा कर रहा है. अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने ड्रोन प्रोडक्शन फिर शुरू कर दिया है. अगले कुछ महीनों में वह मिसाइल और ड्रोन क्षमता को काफी हद तक बहाल कर सकता है. इस खुलासे के बाद मिडिल ईस्ट में फिर तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है.

Iran Rebuilding Military Capabilities Faster Than Expected, US Intelligence Claims
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US- इजरायल के हमलों के बाद भी तेजी से ताकतवर हो रहा ईरान

( Image Source:  File Photo )

Iran Rebuilding Military Capabilities Faster Than Expected after US Israel strikes: अमेरिका और इजरायल के लगातार हमलों के बावजूद ईरान उम्मीद से कहीं तेजी से अपनी सैन्य ताकत दोबारा खड़ी कर रहा है. अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की नई रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि ईरान ने ड्रोन निर्माण फिर शुरू कर दिया है और उसकी सैन्य इंडस्ट्रियल क्षमता पूरी तरह खत्म नहीं हुई है.

CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रैल की शुरुआत में लागू हुए छह हफ्ते के सीजफायर के दौरान ही ईरान ने कुछ ड्रोन प्रोडक्शन यूनिट्स दोबारा चालू कर दी थीं. अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि ईरान अपनी मिसाइल लॉन्च साइट्स, हथियार निर्माण क्षमता और सैन्य इंफ्रास्ट्रक्चर को काफी तेजी से बहाल कर रहा है.

रिपोर्ट में क्या-क्या कहा गया है?

  • रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने जितना समय ईरान की रिकवरी के लिए अनुमान लगाया था, ईरान उससे कहीं ज्यादा तेज निकला. एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा, “ईरान ने हमारी सभी टाइमलाइन को पीछे छोड़ दिया है.”
  • रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान अगले 6 महीनों में अपनी ड्रोन अटैक क्षमता पूरी तरह बहाल कर सकता है. यही वजह है कि अमेरिका और उसके सहयोगी देशों की चिंता फिर बढ़ गई है. अगर दोबारा संघर्ष शुरू होता है, तो ईरान मिसाइलों के साथ-साथ बड़े पैमाने पर ड्रोन हमले भी कर सकता है.
  • अमेरिकी रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि चीन और रूस से मिल रही तकनीकी और सामग्री सहायता ने ईरान की सैन्य वापसी को तेज किया है. कुछ अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि चीन लगातार ऐसे कंपोनेंट्स उपलब्ध करा रहा था, जिनका इस्तेमाल मिसाइल निर्माण में किया जा सकता है. हालांकि चीन ने इन आरोपों से इनकार किया है.
  • इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी हाल ही में दावा किया था कि चीन ईरान को मिसाइल निर्माण से जुड़े उपकरण उपलब्ध करा रहा है. वहीं चीन के विदेश मंत्रालय ने इन आरोपों को 'बेबुनियाद' बताया.
  • रिपोर्ट के अनुसार, ईरान की सैन्य क्षमता को नुकसान जरूर पहुंचा है, लेकिन वह पूरी तरह खत्म नहीं हुई. अमेरिकी खुफिया एजेंसियों का मानना है कि ईरान के कई मिसाइल लॉन्चर अभी भी सुरक्षित हैं.
  • पहले अनुमान था कि आधे लॉन्चर नष्ट हो चुके हैं, लेकिन नई रिपोर्ट में कहा गया कि करीब दो-तिहाई लॉन्चर अब भी मौजूद हैं या फिर मलबे से निकाल लिए गए हैं. इसके अलावा, ईरान के हजारों ड्रोन अभी भी उसके पास मौजूद बताए जा रहे हैं.
  • अमेरिकी रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान की लगभग 50% ड्रोन क्षमता अब भी सुरक्षित है. साथ ही उसके कई कोस्टल डिफेंस मिसाइल सिस्टम भी पूरी तरह नष्ट नहीं हुए हैं, जिससे होर्मुज स्ट्रेट जैसे रणनीतिक समुद्री रास्तों पर खतरा बना हुआ है.

अमेरिकी सेना ने क्या कहा?

हालांकि, अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड के प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर ने दावा किया कि ऑपरेशन के दौरान ईरान के 90% डिफेंस इंडस्ट्रियल बेस को खत्म कर दिया गया, लेकिन अमेरिकी इंटेलिजेंस रिपोर्ट्स इस दावे से पूरी तरह सहमत नहीं दिख रहीं. कई अधिकारियों का मानना है कि ईरान की सैन्य इंडस्ट्री को केवल कुछ महीनों का नुकसान हुआ है, वर्षों का नहीं.

ट्रंप ने क्या चेतावनी दी?

इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान के साथ कोई समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिका फिर से सैन्य कार्रवाई शुरू कर सकता है. ऐसे में ईरान की तेजी से लौटती सैन्य ताकत मिडिल ईस्ट में एक नए बड़े संघर्ष का कारण बन सकती है.

डोनाल्ड ट्रंपईरान इजरायल युद्ध
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