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क्यों आसान नहीं Benjamin Netanyahu को मिटाना, Iran जैसे कितने आए और चले गए? कहानी सिक्योरिटी की Layer By Layer

ईरान इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर ईनाम घोषित करने का प्लान कर रहा है. यानी उन्हें मारने वाले को 5 करोड़ यूरो दिए जाएंगे. हालांकि नेतन्याहू को मारना इतना भी आसान नहीं है.

क्यों आसान नहीं Benjamin Netanyahu को मिटाना, Iran जैसे कितने आए और चले गए? कहानी सिक्योरिटी की Layer By Layer
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( Image Source:  @IDF and @netanyahu )

Benjamin Netanyahu Security Detail: पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और लगातार बढ़ते तनाव के बीच शांति वार्ता अब भी किसी नतीजे तक नहीं पहुंच सकी है. इसी बीच ईरान से एक ऐसा प्रस्ताव सामने आया है, जिसने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है.

ब्रिटेन के अखबार द टेलीग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक, तेहरान की संसद एक ऐसे बिल पर मतदान की तैयारी कर रही है, जिसमें अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump और इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu की हत्या करने वाले व्यक्ति या संगठन को इनाम देने का प्रस्ताव शामिल है. इस प्रस्ताव के तहत ट्रंप या नेतन्याहू की हत्या करने वाले किसी भी व्यक्ति, समूह या संस्था को 5 करोड़ यूरो का इनाम देने की बात कही गई है. भारतीय मुद्रा में यह रकम करीब 5,61,91,90,800 रुपये बैठती है.

हालांकि दुनिया के सबसे ज्यादा सुरक्षा घेरे में रहने वाले नेताओं में शामिल बेंजामिन नेतन्याहू तक पहुंच बनाना बेहद मुश्किल माना जाता है. इजरायल के प्रधानमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था दुनिया की सबसे एडवांस और कड़ी सुरक्षा प्रणालियों में गिनी जाती है. आइये जानते हैं उनकी सिक्योरिटी के बार में

कौन संभालता है नेतन्याहू की सुरक्षा?

इजरायल के प्रधानमंत्री की सुरक्षा की जिम्मेदारी देश की आंतरिक सुरक्षा एजेंसी Shin Bet के पास होती है. इसी एजेंसी के भीतर एक विशेष और बेहद गोपनीय यूनिट काम करती है, जिसे “यूनिट 730” या “VIP प्रोटेक्शन यूनिट” कहा जाता है.

सिक्योरिटी में केवल खास एजेंट्स

यह यूनिट इजरायल की सबसे एलीट सुरक्षा यूनिट्स में शामिल मानी जाती है. यूनिट 730 में सिर्फ उन्हीं कमांडो को शामिल किया जाता है, जिन्होंने पहले इजरायल डिफेंस फोर्स यानी IDF की लड़ाकू यूनिट्स में बेहतरीन सेवाएं दी हों. इस यूनिट का मुख्य काम प्रधानमंत्री और देश के अन्य शीर्ष नेताओं को हर समय सुरक्षा प्रदान करना है. इजराइल में सिक्योरिटी खतरे के आधार पर दी जाती है.

लेयर बाई लेयर समझें सिक्योरिटी

बेंजामिन नेतन्याहू की सुरक्षा कई परतों में की जाती है. सबसे अंदरूनी सुरक्षा घेरे में शिन बेट के एजेंट सादे कपड़ों में मौजूद रहते हैं. इसके बाहर पुलिस, सैन्य बल और अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक निगरानी सिस्टम तैनात रहते हैं, जो किसी भी संदिग्ध गतिविधि को तेजी से पहचानने में सक्षम होते हैं.

सुरक्षा कारणों से नेतन्याहू की सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मियों की सही संख्या सार्वजनिक नहीं की जाती. हालांकि माना जाता है कि उनके आवास और काफिले के आसपास हर समय सैकड़ों ट्रेंड सैनिक तैनात रहते हैं. जब प्रधानमंत्री सार्वजनिक कार्यक्रमों में शामिल होते हैं, तब खतरे के स्तर के हिसाब से सुरक्षा और बढ़ा दी जाती है.

कितनी खास होती है नेतन्याहू की कारें?

केवल एजेंट्स ही नहीं काफिले की कारों पर भी खास ध्यान दिया जाता है. इजरायल के प्रधानमंत्री जिन गाड़ियों में सफर करते हैं, उन्हें दुनिया की सबसे सुरक्षित गाड़ियों में गिना जाता है. ये वाहन केवल बुलेटप्रूफ नहीं होती, बल्कि IED विस्फोट, केमिकल अटैक और रॉकेट हमलों को झेलने के हिसाब से तैयार की जाती हैं. प्रधानमंत्री के काफिले के साथ अक्सर जैमर वाहनों को भी तैनात किया जाता है, ताकि रिमोट कंट्रोल के जरिए होने वाले हमलों को रोका जा सके.

नेतन्याहू के घर पर कैसी सिक्योरिटी रहती है?

नेतन्याहू का आधिकारिक और निजी आवास बेहद कड़ी सुरक्षा के दायरे में रहता है. यहां अंडरग्राउंड सेंसर, थर्मल कैमरे और एंटी-बैलिस्टिक सुरक्षा कवच लगाए गए हैं. इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास के ऊपर का हवाई क्षेत्र नो-फ्लाई जोन घोषित किया जाता है.

कैसे बचाती है साइबर सिक्योरिटी लेयर?

शिन बेट की एक विशेष साइबर यूनिट नेतन्याहू की डिजिटल सुरक्षा का जिम्मा संभालती है. प्रधानमंत्री की फोन कॉल, ईमेल और इंटरनेट कम्युनिकेशन को पूरी तरह एन्क्रिप्टेड रखा जाता है, ताकि विदेशी खुफिया एजेंसियां या साइबर हमलावर उनकी जानकारी तक पहुंच न बना सकें.

उनके आसपास हर समय मेडिकल टीम मौजूद रहती है और किसी भी मेडिकल इमरजेंसी से निपटने के लिए उनके ब्लड ग्रुप का पर्याप्त स्टॉक भी तैयार रखा जाता है. कई बार प्रधानमंत्री के काफिले में एक जैसी दिखने वाली कई गाड़ियां शामिल की जाती हैं, ताकि कोई यह पहचान न सके कि नेतन्याहू किस वाहन में मौजूद हैं. इसके अलावा सुरक्षा एजेंसियां कई मौकों पर आखिरी समय में प्रधानमंत्री का रूट या कार्यक्रम स्थल भी बदल देती हैं, ताकि किसी भी संभावित सुरक्षा खतरे को कम किया जा सके.

हर एंट्री पर हाईटेक जांच (टेकनिकल लेयर)

नेतन्याहू के किसी भी कार्यक्रम में आने वाले हर व्यक्ति को हाईटेक बॉडी स्कैनर से गुजरना पड़ता है. हाल के समय में शिन बेट ने विशेष फेस मास्क और बॉडी कैमरों का इस्तेमाल भी शुरू किया है. इनकी मदद से एजेंट अपनी पहचान छिपाकर रिकॉर्डिंग कर सकते हैं और गतिविधियों पर नजर रख सकते हैं.

ईरान इजरायल युद्ध
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