Begin typing your search...

Hormuz को कैसे जकड़े हुए है अमेरिका, USS अब्राहम लिंकन से लेकर USS बुश तक की तैनाती, नाकेबंदी ही नहीं शूट एंड किल का भी ऑर्डर

होर्मुज के जरिए अमेरिका ईरान पर शिकंजा कस रहा है. इसके लिए भारी मात्रा में सैन्य तैनाती की गई है और साथ ही शूट एंड किल के आदेश दिए गए हैं.

Hormuz को कैसे जकड़े हुए है अमेरिका, USS अब्राहम लिंकन से लेकर USS बुश तक की  तैनाती, नाकेबंदी ही नहीं शूट एंड किल का भी ऑर्डर
X
( Image Source:  X-@ANI )

Iran US Tension: ईरान और इजराइल के बीच अभी भी तनातनी चल रही है. ईरान ने होर्मुज से आने जाने वाले जहाजों पर रोक लगाई थी, अब अमेरिका ने यहां पूरी तरह से सैन्य नाकाबंदी कर दी है. ट्रंप का कहना है कि इससे ईरान को भारी नुकसान होने वाला है. हालांकि, वॉशिंगटन डीसी स्थित कांग्रेसनल रिसर्च सर्विस के पूर्व ईरान विश्लेषक केनेथ कैट्ज़मैन ने अल जज़ीरा को बताया कि ईरान अभी कई महीनों तक सैन्य नाकाबंदी के साथ रह सकता है.

फिलहाल अमेरिका ने होर्मुज को पूरी तरह से जकड़ रखा है. ट्रंप इस्लामिक रिपब्लिक पर पूरी तरह से प्रेशर बनाने की कोशिश कर रहे हैं. इसी के मद्देनजर में बीती शाम अमेरिका ने शूट एंड किल के आदेश दिए हैं. डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी नौसेना को आदेश दिया है कि वह किसी भी ईरानी नाव को “मार गिराए”, अगर वह स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में बारूदी सुरंगें (माइन) बिछाने की कोशिश करे.

'शूट एंड किल' आदेश, क्या बोले डोनाल्ड ट्रंप?

ट्रंप ने गुरुवार को कहा कि अमेरिकी सेना इस रणनीतिक समुद्री मार्ग से विस्फोटकों को हटाने के प्रयासों को और तेज करेगी. उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “मैंने अमेरिकी नौसेना को आदेश दिया है कि जो भी छोटी नावें स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के पानी में माइन लगा रही हैं, उन्हें बिना किसी झिझक के नष्ट कर दिया जाए.” ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अमेरिकी माइन स्वीपर इस समय स्ट्रेट को साफ कर रहे हैं और यह काम अब पहले से तीन गुना तेज किया जाएगा.

क्या पूरी तरह अमेरिका की कंट्रोल में है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज?

ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका का “स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पर पूरी तरह कंट्रोल” है और ईरान की सरकार आंतरिक मतभेदों से जूझ रही है, जिससे यह स्पष्ट नहीं है कि देश में असली सत्ता किसके पास है. हालांकि, उनके दावे पर सवाल भी उठे हैं, क्योंकि रिपोर्टों के अनुसार ईरान के कमांडो ने हाल ही में दो कार्गो जहाजों को जब्त किया है और एक अमेरिकी रिपोर्ट में कहा गया है कि इस क्षेत्र को पूरी तरह साफ करने में छह महीने तक लग सकते हैं.

कैसे ईरान को अमेरिका ने जकड़ा?

  • विमानवाहक पोत (Aircraft Carriers)

रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सेना ने इस क्षेत्र में बड़ा नौसैनिक बल तैनात किया है, जिसमें विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन, यूएसएस जॉर्ज एच. डब्ल्यू. बुश और यूएसएस जेराल्ड आर. फोर्ड शामिल हैं. इसके जरिए अमेरिका ईरान पर जबरदस्त प्रेशर बना रहा है.

  • कितने सैनिक?

करीब 10,000 अमेरिकी सैनिक इस अभियान में शामिल बताए जा रहे हैं. मार्च में लगभग 5,000 मरीन भी क्षेत्र में भेजे गए थे, जिनमें 11वीं मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट (MEU) के जवान शामिल हैं, जो यूएसएस बॉक्सर एम्फीबियस रेडी ग्रुप पर तैनात हैं.

  • कितने युद्धपोत?

इसके अलावा 17 युद्धपोत सक्रिय हैं और अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) इस पूरे अभियान का संचालन कर रहा है. अमेरिका किसी भी सूरत में पीछे हटना नहीं चाह रहा है.

  • माइन्स हटाने के लिए खास तकनीक का इस्तेमाल?

अमेरिकी नौसेना (US Navy) द्वारा खदानें (माइन) हटाने के लिए कुछ आधुनिक तकनीकों और सिस्टम का इस्तेमाल किए जाने की संभावना जताई जा रही है इनमें “कॉमन अनक्रूड सरफेस व्हीकल” शामिल हो सकता है, जिसे टेक्सट्रॉन सिस्टम्स ने विकसित किया है. यह एक बिना चालक वाला जहाज होता है, जो AQS-20 सोनार सिस्टम को खींचकर समुद्र की सतह का स्कैन करता है और लगभग 30 मीटर चौड़े हिस्सों में तलाशी लेता है. इससे पहले 2021 में ब्रिटेन की रॉयल नेवी ने भी Raytheon AQS-20 सिस्टम का टेस्ट किया था.

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज ईरान नहीं पूरी दुनिया के लिए क्यों है अहम?

यह स्थिति इसलिए भी गंभीर है क्योंकि इससे पहले स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से होकर दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति होती थी. इस जंग के बाद से कई ज्यादातर देश तेल के संकट से जूझ रहे हैं. भारत भी एलपीजी क्राइसेस के मामले में धीरे-धीरे पटरी पर आ रहा है.

ईरान इजरायल युद्धअमेरिकाडोनाल्ड ट्रंप
अगला लेख