Begin typing your search...

हाथ से लिखे खत, भरोसेमंद लोगों की चेन और छिपा ठिकाना- ऐसे पहुंचाए जाते हैं Mojtaba Khamenei के मैसेज

ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई तक संदेश पहुंचाने के लिए अपनाया जा रहा है बेहद गुप्त तरीका. हाथ से लिखे खत, भरोसेमंद लोगों की चेन और छिपे ठिकाने के जरिए कैसे चल रहा है पूरा सिस्टम?

हाथ से लिखे खत, भरोसेमंद लोगों की चेन और छिपा ठिकाना- ऐसे पहुंचाए जाते हैं Mojtaba Khamenei के मैसेज
X
( Image Source:  X-@ANI )
समी सिद्दीकी
Edited By: समी सिद्दीकी4 Mins Read

Updated on: 24 April 2026 9:27 AM IST

Mojtaba Khamenei: ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह सैयद मोजतबा हुसैनी खामेनेई अभी तक कैमरे के सामने नहीं आए हैं. बस उनका संदेश आता है, जिसे मीडिया में जारी कर दिया जाता है. उनके गायब होने के पीछे अलग-अलग थ्योरीज हैं. खामेनेई का मैसेज डिलीवर करने के लिए खास तरीका अपनाया जाता है. ताकि, वह अमेरिका और इजराइल की नजर से बचे रहें. अब एक बार फिर उन्होंने संदेश जारी करते हुए देश के लोगों की एकजुटता की सराहना की है.

उन्होंने कहा कि इस एकता ने दुश्मनों को बड़ा झटका दिया है और राष्ट्रीय एकता को और मजबूत करने के लिए व्यावहारिक रूप से आभार व्यक्त करने की जरूरत है, जैसा कि ईरानी सरकारी मीडिया प्रेस टीवी ने बताया.

संदेश में मोजतबा ने क्या कहा?

उन्होंने कहा, “हमारे देशवासियों के बीच बनी इस अनोखी एकता की वजह से दुश्मन के अंदर दरार पैदा हुई है.” उन्होंने कहा कि इस तरह की एकजुटता ने उन ताकतों की योजनाओं को कमजोर कर दिया है, जो इस्लामिक रिपब्लिक को नुकसान पहुंचाना चाहती हैं.

सुप्रीम लीडर ने कहा कि इस एकता के लिए आभार केवल शब्दों से नहीं, बल्कि ठोस कदमों के जरिए जताया जाना चाहिए. उनके अनुसार, इससे राष्ट्रीय एकता और ज्यादा मजबूत होगी और दुश्मन और कमजोर होंगे. उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि दुश्मन की मीडिया लोगों के दिमाग और सोच को प्रभावित कर राष्ट्रीय एकता और सुरक्षा को कमजोर करने की कोशिश कर रही है, इसलिए इस साजिश को सफल नहीं होने देना चाहिए.

ईरान के राष्ट्रपति ने क्या कहा था?

प्रेस टीवी के मुताबिक, खामेनेई का यह संदेश ऐसे समय आया है जब ईरान पर अमेरिका, इजराइल और उनके पश्चिमी सहयोगियों की ओर से प्रतिबंध, धमकियां और प्रचार जैसे कई तरह के दबाव बने हुए हैं. इससे पहले ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने भी कहा था कि देश के नेतृत्व में कोई मतभेद नहीं है. उन्होंने “कट्टरपंथी” और “उदारवादी” के बीच किसी भी तरह के विभाजन के दावों को खारिज किया.

ईरान में क्या चल रहा है?

रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के वरिष्ठ कमांडर और सरकार के बड़े अधिकारी मोजतबा से मिलते नहीं है, क्योंकि उन्हें डर है कि उनके जरिए इजराइल उनकी लोकेशन का पता लगाकर हमला कर सकता है. एक ईरानी अधिकारी ने यह भी कहा कि शीर्ष नेता गंभीर रूप से घायल हैं, लेकिन मानसिक रूप से अब भी सतर्क और सक्रिय हैं.

कैसे खास तरह से भेजे जाते हैं मैसेज?

एचटी की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका और इजराइल से बचने के लिए उनके पास संदेश पहुंचाने का तरीका भी बेहद गुप्त रखा गया है. रिपोर्ट के मुताबिक, संदेश हाथ से लिखकर लिफाफों में सील किए जाते हैं और भरोसेमंद लोगों की एक सीरीज के जरिए एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाए जाते हैं. ये लोग हाईवे और छोटे रास्तों से कार और मोटरसाइकिल के जरिए उनके ठिकाने तक संदेश पहुंचाते हैं. उनके जवाब भी इसी तरीके से वापस भेजे जाते हैं. बताया गया है कि उनके आसपास ज्यादातर डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहते हैं.

एचटी की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका-इजराइल के हमलों में उन्हें गंभीर चोटें आई हैं, जिससे उनका चेहरा भी प्रभावित हुआ है और उन्हें प्लास्टिक सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है. उनकी एक टांग का तीन बार ऑपरेशन हो चुका है और अब उन्हें आर्टिफीशियल पैर (प्रोस्थेटिक लेग) की जरूरत है. इसके अलावा उनके एक हाथ में भी चोट आई है, जो धीरे-धीरे ठीक हो रही है. चेहरे और होंठों की चोट के कारण उन्हें बोलने में भी दिक्कत हो रही है और आगे चलकर प्लास्टिक सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है.

ईरान इजरायल युद्धअमेरिकाडोनाल्ड ट्रंप
अगला लेख