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करोड़ों की प्रॉपर्टी, लग्ज़री कारें… और पेशा भीख मांगना! टूरिस्ट पाकिस्तानियों का ‘कमाई मॉडल’ बेनकाब

दुबई पुलिस ने रमज़ान से पहले भिखारियों के खिलाफ कैंपेन शुरू किया है. यूएई में भीख मांगना कानूनी अपराध है. रिपोर्ट में सामने आया है कि ज्यादातर भीख मांगने वाले पाकिस्तान से हैं और उनके पास करोड़ों की प्रॉपर्टी है.

करोड़ों की प्रॉपर्टी, लग्ज़री कारें… और पेशा भीख मांगना! टूरिस्ट पाकिस्तानियों का ‘कमाई मॉडल’ बेनकाब
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( Image Source:  AI GENERATED IMAGE- SORA )
समी सिद्दीकी
Edited By: समी सिद्दीकी

Published on: 16 Feb 2026 9:08 AM

Beggars in Dubai: रमज़ान से पहले दुबई प्रशासन ने भिखारियों के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू किया है. खास तौर पर विदेशी नागरिकों, जिनमें बड़ी तादाद पाकिस्तानियों की बताई जा रही है. प्रशासन भीख मांगने वालों पर सख्ती कर रहा है. इस ऑपरेशन के दौरान एक ऐसा भिखारी पकड़ा गया जिसके पास करोड़ों की प्रोपर्टी और तीन लग्ज़री कारें होने की जानकारी सामने आई है.

संदिग्ध और आपराधिक मामलों के विभाग के निदेशक ब्रिगेडियर अली सालेम अल शम्सी के मुताबिक, ये लोग लोगों की दरियादिली का फायदा उठाकर पैसा कमाते हैं. एक बाजार में छापेमारी के दौरान एक भिखारी की चटाई के नीचे से 25,000 दिरहम (करीब 6 लाख रुपये से ज्यादा) बरामद किए गए. वहीं एक एशियाई व्यक्ति, जो टूरिस्ट वीज़ा पर आया था, उसके पास करीब 5 लाख रुपये मिले. वह मस्जिदों के पास भीख मांगता था और लोगों की सहानुभूति पाने के लिए अपने दो साल के बच्चे को भी साथ रखता था.

कितनी होती है इन भिखारियों की कमाई?

भिखारियों की कमाई का अंदाज़ा लगाने के लिए शारजाह पुलिस ने हाल ही में सर्वे किया था. इस दौरान केवल एक घंटे में 367 दिरहम (करीब 9,000 रुपये) इकट्ठा किए गए. ब्रिगेडियर अल शम्सी के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए 90 प्रतिशत लोग ऐसे टूरिस्ट थे जो रमज़ान के दौरान आसान कमाई की नीयत से आए थे.

दुबई में क्या कोई गिरोह है एक्टिव?

जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तान में कुछ संगठित गिरोह भिखारियों को दुबई भेजते हैं. ये गिरोह उनके टिकट और वीज़ा की व्यवस्था करते हैं. इनमें से अधिकतर लोग सिंध प्रांत से बताए जाते हैं. साल 2025 में यूएई और सऊदी अरब ने इस वजह से लगभग 24,000 पाकिस्तानियों को डिपोर्ट किया था.

UAE में भीख मांगने पर क्या है कानून?

यूएई कानून के तहत भीख मांगते पकड़े जाने पर 5,000 दिरहम का जुर्माना और तीन महीने तक की जेल हो सकती है. वहीं विदेश से भिखारियों को लाने या भर्ती करने वालों को कम से कम छह महीने की जेल और 1,00,000 दिरहम से शुरू होने वाला जुर्माना लगाया जाता है.

क्या पाकिस्तानियों के खिलाफ हुआ कोई एक्शन?

पाकिस्तान के गृह मंत्रालय के अधिकारी सलमान चौधरी के मुताबिक, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने तीन महीने पहले पाकिस्तानी नागरिकों को वीज़ा जारी करना बंद कर दिया था. हालांकि ब्लू और डिप्लोमैटिक पासपोर्ट धारकों को अब भी वीज़ा दिया जा रहा है.

पाकिस्तान में किन लोगों को वीज़ा दे रहा है UAE?

पाकिस्तानी अखबार डॉन ने ट्रैवल एजेंट्स के हवाले से बताया कि पहली बार और सिंगल-एंट्री वीज़ा के 70–80 प्रतिशत आवेदन खारिज किए जा रहे हैं. हालांकि जिन लोगों के परिवार पहले से यूएई में रहते हैं, उन्हें वीज़ा मिलने की संभावना अधिक है.

पाकिस्तान और यूएई के बीच मजबूत राजनीतिक और आर्थिक संबंधों के बावजूद वीज़ा अस्वीकृति का मुद्दा कई महीनों से बना हुआ है. पाकिस्तानी अधिकारियों का कहना है कि यूएई ने कोई ऑफिशियल बैन नहीं लगाया है.

हालांकि हाल के महीनों में कुछ पाकिस्तानियों का नाम यूएई में अपराध और भीख मांगने के मामलों में सामने आया है, जिससे नए आवेदनों की प्रक्रिया कठिन हो गई है. यूएई के अधिकारियों ने कई आवेदनों में संदिग्ध दस्तावेज पाए हैं. अगर एआई आधारित सिस्टम में कोई गड़बड़ी मिलती है तो वीज़ा तुरंत खारिज कर दिया जाता है.

किन देशों में नहीं मिलता पाकिस्तानियों को आसानी से वीज़ा?

पाकिस्तानी पासपोर्ट को दुनिया के कमजोर पासपोर्टों में गिना जाता है. हाल के समय में कई देशों ने सख्त वीज़ा नीतियां या प्रवेश प्रतिबंध लागू किए हैं, जिससे पाकिस्तानी नागरिकों के लिए विदेश यात्रा और कठिन हो गई है. आइये जानते हैं वह कौनसे देश हैं-

  • भारत

2025 में भारत ने पाकिस्तानी नागरिकों के लिए सभी वीज़ा सेवाएं रोक दी हैं. मौजूदा वीज़ा रद्द कर दिए गए और नए टूरिस्ट, बिजनेस या मेडिकल वीज़ा जारी नहीं किए जा रहे हैं. इसका मतलब है कि पाकिस्तानियों की एंट्री पर प्रभावी तौर पर पूरी तरह से रोक है.

  • इज़राइल

इज़राइल सामान्य पाकिस्तानी पासपोर्ट पर एंट्री की इजाजत नहीं देता है. केवल खास मामलों में, सरकारी अनुमति मिलने पर ही यात्रा संभव है. यह प्रतिबंध कूटनीतिक संबंधों की कमी और सुरक्षा चिंताओं के कारण लंबे समय से लागू है.

  • लीबिया

लीबिया लंबे वक्त से अस्थिर स्थिति और संघर्षों से जूझ रहा है. ऐसे में पाकिस्तानी नागरिकों के लिए वहां एंट्री लगभग असंभव है. अधिकांश वीज़ा आवेदन खारिज कर दिए जाते हैं, जो लगभग पूर्ण प्रतिबंध जैसा है.

  • सूडान

सूडान भी पाकिस्तानी यात्रियों के लिए सख्त नियम लागू करता है. अधिकांश वीज़ा आवेदन या तो अस्वीकार कर दिए जाते हैं या प्रक्रिया में ही आगे नहीं बढ़ते. इसके पीछे राजनीतिक हालात और दस्तावेजों को लेकर चिंताएं मुख्य कारण बताए जाते हैं.

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