शिष्टाचार भेंट या फिर यूपी चुनाव की बड़ी प्लानिंग! योगी-भागवत की 30 मिनट की मीटिंग के क्या हैं मायने? जानें 10 बड़ी बातें
उत्तर प्रदेश चुनाव अगले साल होने हैं और इससे पहले संघ प्रमुख मोहन भागवत और योगी आदित्यनाथ की मुलाकात हुई है. इस मुलाकात के कई मतलब निकाले जा रहे हैं.
Yogi Adityanath and Mohan Bhagwat Meeting: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने बुधवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख Mohan Bhagwat से मुलाकात की. यह मुलाकात भागवत के दो दिन के ‘प्रवास’ कार्यक्रम के तहत लखनऊ दौरे के दौरान हुई.
दोनों नेताओं के बीच करीब 30 मिनट तक बातचीत हुई. इससे पहले दोनों की मुलाकात तीन महीने पहले अयोध्या में हुई थी. आधिकारिक तौर पर इसे शिष्टाचार भेंट बताया गया, लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राज्य में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले यह मुलाकात खास महत्व रखती है.
योगी आदित्यनाथ और मोहन भागवत की मीटिंग के क्या हैं मतलब?
सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री ने संघ प्रमुख को राज्य सरकार की प्रमुख योजनाओं और विकास कार्यों की जानकारी दी. इनमें कल्याणकारी योजनाएं, बुनियादी ढांचे का विस्तार और ग्रामीण व सामाजिक उत्थान से जुड़े कदम शामिल हैं.
हालांकि बैठक में हुई चर्चा को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया, लेकिन संघ के शताब्दी वर्ष के 'आउटरीच' प्रोग्राम के दौरान हुई इस मुलाकात को राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है. एक सीनियर संघ पदाधिकारी ने कहा कि मुमकिन है कि मुख्यमंत्री ने संघ के 'पंच परिवर्तन' अभियान में राज्य सरकार की भूमिका पर भी चर्चा की होगी.
टीओआई की रिपोर्ट के मुताहिक एक दूसरे पदाधिकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने माघ मेला से जुड़े स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद विवाद, यूजीसी गाइडलाइन के प्रभाव और केजीएमयू में हाल के लव जिहाद मामलों की जानकारी भी दी हो सकती है.
सीएम योगी–भागवत मुलाकात की 10 बड़ी बातें
- मुलाकात लखनऊ में भागवत के दो दिवसीय ‘प्रवास’ कार्यक्रम के दौरान हुई.
- बैठक करीब 30 मिनट तक चली.
- यह तीन महीने में दूसरी मुलाकात है. इससे पहले दोनों नेताओं की मुलाकात अयोध्या में हुई थी.
- आधिकारिक तौर पर इसे शिष्टाचार भेंट बताया जा रहा है, हालांकि इसके सियासी मतलब निकाले जा रहे हैं.
- अगले साल प्रस्तावित विधानसभा चुनाव होने हैं, इसके मद्देनजर मुलाकात को अहम माना जा रहा है.
- इस मीटिंग के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की प्रमुख योजनाओं और विकास कार्यों की जानकारी मोहन भागवत को दी है.
- इस मीटिंग के दौरान संघ के ‘पंच परिवर्तन’ अभियान पर भी चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है.
- माघ मेला से जुड़े विवाद और यूजीसी गाइडलाइन जैसे मुद्दों पर भी बातचीत की अटकलें लगाई जा रही हैं.
- संघ शताब्दी वर्ष में सामाजिक समरसता और एकता पर जोर दे रहा है.
- प्रदेश की राजनीति में जाति आधारित विमर्श के बीच इस बैठक को खास महत्व दिया जा रहा है.
राजनीतिक नजरिए से भी यह बैठक महत्वपूर्ण मानी जा रही है. सत्तारूढ़ Bharatiya Janata Party (भाजपा) विपक्ष की जाति आधारित राजनीति का जवाब दे रही है. समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) मुद्दे को जोर-शोर से उठा रहे हैं और भाजपा सरकार पर चुनिंदा सामाजिक समूहों को लाभ पहुंचाने का आरोप लगा रहे हैं.





