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उंगलियों की लंबाई से पता चलेगा दिमाग कितना बड़ा? गर्भ के हार्मोन से जुड़ा चौंकाने वाला रिसर्च

नए वैज्ञानिक अध्ययन के अनुसार उंगलियों की लंबाई का अनुपात (2D:4D) गर्भ में मिले एस्ट्रोजन और टेस्टोस्टेरोन का संकेत देता है. यह अनुपात दिमाग के आकार और भविष्य की सेहत से जुड़ा हो सकता है.

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( Image Source:  Create By AI )
रूपाली राय
Edited By: रूपाली राय

Published on: 19 Feb 2026 10:31 AM

मानव मस्तिष्क का विकास बहुत समय से बड़े दिमाग के आकार से जुड़ा हुआ माना जाता है. अब एक नया रिसर्च बताता है कि बच्चे के पैदा होने से पहले मां के गर्भ में एस्ट्रोजन (एक महिला हार्मोन) की ज्यादा मात्रा ने इसमें अहम भूमिका निभाई हो सकती है और हैरानी की बात ये है कि इसकी एक आसान निशानी हमारी उंगलियों की लंबाई में छिपी है. वैज्ञानिक लोग तर्जनी (इंडेक्स फिंगर) और अनामिका (रिंग फिंगर) की लंबाई की तुलना करते हैं. इसे 2D:4D अनुपात कहते हैं. ये अनुपात बताता है कि गर्भ में बच्चे को पहले तीन महीनों में कितना एस्ट्रोजन और कितना टेस्टोस्टेरोन (पुरुष हार्मोन) मिला था.

  • अगर गर्भ में एस्ट्रोजन ज्यादा और टेस्टोस्टेरोन कम होता है, तो तर्जनी उंगली अनामिका से ज्यादा लंबी हो जाती है. ऐसे में 2D:4D अनुपात उच्च (बड़ा) होता है.
  • अगर टेस्टोस्टेरोन ज्यादा होता है, तो अनामिका उंगली ज्यादा लंबी होती है और अनुपात कम होता है.

225 नवजात बच्चों पर स्टडी

ये अनुपात जन्म के बाद भी जीवन भर लगभग वैसा ही रहता है, इसलिए ये एक तरह का स्थायी संकेत बन जाता है. स्वानसी यूनिवर्सिटी (यूके) के प्रोफेसर जॉन मैनिंग इस विषय पर कई सालों से रिसर्च कर रहे हैं. उन्होंने इस्तांबुल यूनिवर्सिटी के कुछ वैज्ञानिकों के साथ मिलकर 225 नवजात बच्चों पर अध्ययन किया. इनमें 100 लड़के और 125 लड़कियां थीं. उन्होंने बच्चों की उंगलियों का अनुपात मापा और उनके सिर की परिधि (हेड सर्कम्फ्रेंस) भी नापी.

नतीजे क्या निकले?

  • लड़कों में साफ तौर पर एक संबंध दिखा: जिन लड़कों का 2D:4D अनुपात ज्यादा था यानी गर्भ में एस्ट्रोजन ज्यादा मिला था. उनके सिर का घेरा भी बड़ा था.
  • लड़कियों में ऐसा कोई खास संबंध नहीं दिखा.

क्या कहता है नवजात बच्चों का सिर?

सिर का बड़ा घेरा मतलब बड़ा दिमाग और इंटेलिजेंस से जुड़ा होता है. इसलिए ये खोज मानव विकास के लिए बहुत जरुरी है. प्रोफेसर मैनिंग कहते हैं कि इंसानों में दिमाग का आकार बढ़ने के साथ-साथ शरीर में कुछ बदलाव भी आए हैं. इसे 'एस्ट्रोजेनाइज्ड एप हाइपोथेसिस' कहते हैं. यानी एस्ट्रोजन ने दिमाग को बड़ा बनाने में मदद की. लेकिन एक दिलचस्प बात ये भी है कि ज्यादा एस्ट्रोजन के कुछ नुकसान भी हो सकते हैं. पुरुषों में ऊंचा 2D:4D अनुपात हृदय रोग, कम स्पर्म काउंट और सिजोफ्रेनिया जैसी बीमारियों के ज्यादा खतरे से जुड़ा पाया गया है.

पुरुषों की सेहत पर बोझ

शायद बड़े दिमाग के विकास ने इंसान को बहुत स्मार्ट बनाया, लेकिन पुरुषों की सेहत और लंबी उम्र पर कुछ बोझ भी डाला. यानी हमारा बड़ा दिमाग पाने की कीमत कुछ हद तक पुरुषों की सेहत से चुकानी पड़ी हो सकती है. प्रोफेसर मैनिंग के पुराने रिसर्च में भी ये उंगली अनुपात कई रोचक चीजों से जुड़ा मिला है जैसे शराब पीने की आदत, कोविड से रिकवरी, एथलीट्स की फिटनेस आदि.

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