PM Kisan Yojana: होली से पहले किसानों को मिल सकता है 22वीं किस्त का तोहफा
पीएम किसान योजना की 22वीं किस्त होली से पहले जारी हो सकती है. जानें किसे मिलेगा लाभ, कितनी राशि आएगी और स्टेटस कैसे चेक करें.
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की अगली किस्त इस बार सिर्फ एक सरकारी सहायता नहीं, बल्कि खेती के सबसे अहम दौर में मिलने वाली नकद मदद बन सकती है. केंद्र सरकार मार्च के पहले सप्ताह में पीएम-किसान योजना की 22वीं किस्त जारी करने की तैयारी कर रही है. इसके तहत पात्र किसानों के खातों में 2,000 रुपये ट्रांसफर किए जाएंगे.
इस बार यह राशि ऐसे समय आने वाली है, जब रबी फसलों की कटाई शुरू हो चुकी होगी और किसान अगली फसल की तैयारी में जुटे होंगे. यानी यह पैसा खेती के चक्र के बीच मिलने वाला “सीड मनी सपोर्ट” साबित हो सकता है.
यह किस्त किसानों के लिए सिर्फ त्योहार का तोहफा क्यों नहीं है?
सरकारी स्तर पर इसे त्योहार से पहले की किस्त माना जा रहा है, लेकिन जमीनी स्तर पर इसका मतलब कहीं ज्यादा बड़ा है. कटाई के समय मजदूरी, ढुलाई और मंडी खर्च अचानक बढ़ जाते हैं. ऐसे में यह 2,000 रुपये किसान को तत्काल नकदी उपलब्ध कराते हैं, जिससे उसे छोटे कर्ज या साहूकारी उधार से बचने में मदद मिल सकती है.
इस बार पैसा सभी खातों में अपने-आप क्यों नहीं जाएगा?
सरकार ने इस बार भुगतान प्रक्रिया को पूरी तरह डेटा सत्यापन से जोड़ा है. जिन किसानों ने अब तक ई-केवाईसी पूरी नहीं की है, आधार कार्ड बैंक खाते से लिंक नहीं कराया है या रिकॉर्ड में गड़बड़ी है, उनका पैसा अस्थायी रूप से रोका जा सकता है. अधिकारियों का कहना है कि इस बार “डिजिटल फिल्टर” ज्यादा सख्त रहेगा, ताकि केवल पात्र किसानों को ही पैसा मिले.
जिनकी किस्त पहले अटक गई थी, वो अब क्या करें?
तकनीकी कारणों से जिन लाभार्थियों का पैसा पिछली बार नहीं आया था, उन्हें सलाह दी गई है कि वे तुरंत अपना ई-केवाईसी स्टेटस चेक करें. इसके अलावा आधार-बैंक लिंकिंग सुनिश्चित करें और मोबाइल नंबर अपडेट कराएं. सरकार का मानना है कि ज्यादातर अटकी हुई किस्तें दस्तावेजी गड़बड़ी की वजह से रुकी थीं, न कि पात्रता खत्म होने के कारण.
रबी कटाई के समय यह रकम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को कैसे प्रभावित करेगी?
मार्च के पहले सप्ताह में जब यह राशि खातों में पहुंचेगी, उसी समय मंडियों में फसलों की आवक बढ़ेगी, गांवों में खरीदारी तेज होगी और मजदूरी भुगतान में तेजी आएगी. इसी वजह से इसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए “माइक्रो स्टिमुलस पैकेज” की तरह देखा जा रहा है, जो छोटे स्तर पर बाजार में नकदी का प्रवाह बढ़ाता है.
पिछली किस्त में कितने किसानों को फायदा मिला था?
पिछले चरण में 8 करोड़ से अधिक किसानों को इस योजना का लाभ मिला था. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस बार भी लगभग उतने ही किसानों के खातों में डायरेक्ट बैंक ट्रांसफर (DBT) के जरिए राशि भेजने की तैयारी है.
अगर नाम लाभार्थी सूची में नहीं है तो किसान क्या करें?
- यदि कोई पात्र किसान इस सूची में अपना नाम नहीं देख पा रहा है, तो वह:
- स्थानीय कृषि कार्यालय में संपर्क कर सकता है
- हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज करा सकता है
- ऑनलाइन पोर्टल पर अपनी लाभार्थी स्थिति जांच सकता है
- सरकार का कहना है कि सही दस्तावेज होने पर नाम दोबारा जोड़ा जा सकता है.





