कौन है बॉबी कबूतर? दिशा पाटनी के घर फायरिंग से लेकर मूसेवाला हत्याकांड तक, लॉरेंस गैंग का बड़ा
दिल्ली से गिरफ्तार महफूज अली उर्फ बॉबी कबूतर, लॉरेंस बिश्नोई गैंग का खास सदस्य है. वह सिद्धू मूसेवाला मर्डर, दिशा पाटनी फायरिंग समेत कई संगीन मामलों में वांछित था.
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने अंडरवर्ल्ड नेटवर्क पर बड़ी चोट करते हुए लॉरेंस गैंग के कुख्यात सदस्य महफूज अली उर्फ ‘बॉबी कबूतर’ को गिरफ्तार कर लिया है. वर्षों से फरार चल रहा यह आरोपी न सिर्फ सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में रेकी करने के आरोपों से जुड़ा है, बल्कि बॉलीवुड एक्ट्रेस दिशा पाटनी के घर पर हुई फायरिंग और दिल्ली के हाई-प्रोफाइल मर्डर केसों में भी उसका नाम सामने आ चुका है. पुलिस के मुताबिक, वह लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ नेटवर्क का अहम मोहरा था, जो हथियार सप्लाई से लेकर रेकी तक की जिम्मेदारी संभालता था. महिपालपुर के पास हुई गिरफ्तारी के बाद अब जांच एजेंसियों को कई बड़े खुलासों की उम्मीद है.
कौन है बॉबी कबूतर?
लॉरेंस गैंग का हिस्सा बॉबी कबूतर का असली नाम महफूज अली है, लेकिन पुलिस और स्थानीय लोग उसे 'बॉबी कबूतर' के नाम से जानते थे. यह नाम उसके कबूतर पालने की वजह से पड़ा था. वह दिल्ली के सीलमपुर इलाके का रहने वाला बताया जा रहा है.
बॉबी कबूतर लॉरेंस बिश्नोई गिरोह और उससे जुड़े हाशिम बाबा नेटवर्क का काफी महत्वपूर्ण सदस्य माना जाता है. पुलिस के रिकॉर्ड के अनुसार वह लगभग 7 से 10 वर्षों से फरार था, और कई बार गिरफ्तारी से बचता रहा.
बॉबी कबूतर मर्डर, मकोका और NIA के कई मामलों में वांछित था. उसका नेटवर्क दिल्ली, उत्तर प्रदेश और पंजाब तक फैला हुआ है. दिल्ली के नॉर्थ इलाके में बड़े गैंगस्टर के रूप में अपनी पहचान बनाने वाले बॉबी कबूतर ने न सिर्फ सिद्धू मूसेवाला मर्डर केस में रेकी की थी, बल्कि उसने ही बॉलीवुड एक्ट्रेस दिशा पटानी के घर में हुई फायरिंग केस में असलहा मुहैया कराया था. हाल में ही नदीम ब्रदर्स के मर्डर केस में भी महफूज अली यानी बॉबी कबूतर का नाम सामने आया था.
पुलिस के अनुसार, जांच में पता चला है कि बॉबी कबूतर ने पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या से पहले रेकी की थी। लगातार कई दिनों तक रेकी करने के बाद उसने यह जानकारी गोल्डी बराड़ और लॉरेंस बिश्नोई गैंग तक पहुंचाई. उसकी सूचना के आधार पर हमलावरों ने मई 2022 में दिनदहाड़े सिद्धू मूसेवाला की गोली मारकर हत्या कर दी थी.
दिशा पटानी के घर पर फायरिंग में भी नाम
दिल्ली, हरियाणा में संगीन वारदातों को अंजाम देने के बाद बॉबी कबूतर ने उत्तर प्रदेश की ओर अपने 'पर' फैलाए. बॉलीवुड एक्ट्रेस दिशा पटानी के उत्तर प्रदेश स्थित बरेली आवास पर फायरिंग के मामले में भी बॉबी कबूतर का नाम सामने आया था. जांच के मुताबिक, दिशा पटानी के घर पर हुई फायरिंग में बॉबी ने ही विदेशी हथियार शूटर्स को उपलब्ध कराए थे.
उत्तर प्रदेश पुलिस ने एक्ट्रेस के घर पर हुई गोलीकांड मामले में पहले ही दो शूटर्स को एनकाउंटर में ढेर कर दिया था. जबकि तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था. इस मामले में भी बॉबी फरार था.
नदीम ब्रदर्स की हत्या में नाम!
दिल्ली के जाफराबाद इलाके में नदीम ब्रदर्स की हत्या के मामले में भी लॉरेंस बिश्नोई गैंग के इस खास गुर्गे का नाम भी सामने आया था। पुलिस के मुताबिक हत्यारों ने 1-2 नहीं बल्कि पूरे 48 राउंड फायरिंग की। इनमें से 35 गोलियों ने फजील और नदीम के शरीर में धंस गईं। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई थी।
किस मामले में गिरफ्तार किया गया?
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने उसे 19 फरवरी 2026 को दिल्ली में एक स्पेशल ऑपरेशन के तहत गिरफ्तार किया. पुलिस को बॉबी कबूतर की तालश सिद्धू मूसेवाला की हत्या, दिशा पाटनी के घर फायरिंग, नदीम और फज़ील (ब्रदर्स) की हत्या, दिसंबर 2025 में दो भाइयों को 48 राउंड फायरिंग से मारने, 2024 में नदीर शाह यानी जिम मालिक की हत्या व अन्य संगीन आपराधिक मामलों में तलाश थी. पुलिस के अनुसार उसके खिलाफ हत्या, आपराधिक साजिश और आपराधिक नेटवर्क के मामलों में दर्ज कई प्राथमिकी हैं.
बॉबी के साथ गिरफ्तार महिला कौन?
दिल्ली पुलिस ने महिपालपुर के पास एक गुप्त सूचना पर काम करते हुए बॉबी कबूतर को SUV में चलते समय घेरा और गिरफ्तार किया. उसके साथ एक महिला साथी और दो अन्य लोग भी थे, जिनके बारे में पुलिस आगे की जांच कर रही है. पुलिस ने आरोप लगाया है कि गिरफ्तारी के समय वाहन में हथियार भी पाए गए थे और सभी को आर्म्स एक्ट सहित अन्य कानूनी धाराओं के तहत बुक किया गया.
बॉबी कबूतर की गिरफ्तारी अहम क्यों?
बॉबी कबूतर का नाम कई उच्च-प्रोफ़ाइल गैंगस्टर हत्याओं और फायरिंग मामलों से जुड़ा हुआ था. वह लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के लिए हथियार, जानकारी और संसाधन मुहैया कराने वाला सक्रिय सदस्य माना जाता था. उसके पास लंबे समय तक फरार रहने वाला वांटेड अपराधी होने की वजह से भी पुलिस कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है.





