Begin typing your search...

60 की उम्र में प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को कौन-कौन से होते हैं खतरे, डॉक्टर से जानें

60 साल की उम्र में प्रेग्नेंसी मेडिकल तौर पर हाई-रिस्क मानी जाती है. इस दौरान हाई ब्लड प्रेशर, जेस्टेशनल डायबिटीज, प्रीक्लेम्पसिया और समय से पहले डिलीवरी जैसे खतरे बढ़ सकते हैं.

pregnancy
X
( Image Source:  META AI )
हेमा पंत
Edited By: हेमा पंत

Updated on: 18 Feb 2026 12:29 PM IST

आजकल मेडिकल तकनीक की मदद से 60 साल की उम्र में भी प्रेग्नेंसी मुमकिन हो रही है, लेकिन डॉक्टर इसे बेहद हाई-रिस्क मानते हैं. पोस्ट मेनोपॉज प्रेग्नेंसी महिलाओं के लिए आसान नहीं होती है. समय से पहले डिलीवरी, सी-सेक्शन की संभावना और पहले से मौजूद बीमारियों का असर प्रेग्नेंसी को और कॉम्प्लेक्स बना सकता है.

ऐसे में इस विषय पर हमने इनामदार मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल पुणे की डॉ. चारु सूद, गायनेकोलॉजिस्ट और ऑब्सटेट्रिशियन से बात की है. उन्होंने हमें बताया कि 60 साल की उम्र में कंसीव करने पर हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और अन्य गंभीर जटिलताओं का खतरा बढ़ सकता है.

क्या होता है प्रीक्लेम्पसिया?

डॉ. चारु सूद ने हमें बताया कि 60 की उम्र में प्रेग्नेंसी के दौरान हाई ब्लड प्रेशर से जुड़ी समस्याएं आम हो सकती हैं. प्रीक्लेम्पसिया से भी जूझना पड़ सकता है, जिसमें अचानक ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है और शरीर के अन्य अंग प्रभावित होते हैं. यह कंडीशन मां और बच्चे दोनों के लिए गंभीर साबित हो सकती है. ऐसी स्थिति में लगातार मॉनिटरिंग और समय पर इलाज बेहद जरूरी हो जाता है.

डायबिटीज और मेटाबॉलिक का खतरा क्यों होता है?

इस उम्र में कई महिलाओं को पहले से शुगर या ग्लूकोज इंटॉलरेंस की समस्या हो सकती है. गर्भावस्था के दौरान जेस्टेशनल डायबिटीज का खतरा और बढ़ जाता है. इससे बच्चे का वजन अबनॉर्मल हो सकता है और डिलीवरी के दौरान जटिलताएं बढ़ सकती हैं. इसलिए रेगुलर ब्लड शुगर टेस्ट और बैलेंस डाइट जरूरी होती है.

प्लेसेंटा, प्रीटर्म बर्थ और सी-सेक्शन क्या है?

60 की उम्र प्रेग्नेंसी के दौरान प्लेसेंटा से जुड़ी दिक्कतें और समय से पहले प्रसव (प्रीटर्म बर्थ) की आशंका ज्यादा रहती है. साथ ही, नॉर्मल डिलीवर कम और सी-सेक्शन की जरूरत ज्यादा पड़ सकती है. हृदय रोग, थायरॉयड, किडनी की कमजोरी, मोटापा और एनीमिया जैसी पहले से मौजूद बीमारियां जोखिम को और बढ़ा देती हैं.

डोनर एग प्रेग्नेंसी में किन बातों का रखें ध्यान

अगर गर्भधारण डोनर एग के जरिए हुआ है, तो हाई ब्लड प्रेशर से जुड़ी जटिलताओं की संभावना और बढ़ सकती है. ऐसे मामलों में डॉक्टर पूरी गर्भावस्था के दौरान गहन निगरानी की सलाह देते हैं. अंततः, 60 की उम्र में प्रेग्नेंसी संभव जरूर है, लेकिन यह एक बड़ा मेडिकल फैसला है. पूरी जांच, विशेषज्ञ सलाह और सतर्क देखभाल के बिना यह कदम उठाना मां और शिशु दोनों के लिए जोखिम भरा हो सकता है.

हेल्‍थ
अगला लेख