ग्रेटर नोएडा में कुट्टू के आटे से फूड पॉइजनिंग! 70 से अधिक लोग बीमार, कई अस्पताल में भर्ती
महाशिवरात्रि पर कुट्टू का आटा खाने से ग्रेटर नोएडा वेस्ट में 70 से अधिक लोग बीमार. 20 अस्पताल में भर्ती, फूड पॉइजनिंग की जांच जारी.
उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा वेस्ट में महाशिवरात्रि के व्रत के दौरान खाया गया कुट्टू का आटा दर्जनों परिवारों के लिए मुसीबत बन गया. अलग-अलग सोसायटियों में रहने वाले 70 से ज्यादा लोग अचानक उल्टी, दस्त और तेज पेट दर्द की शिकायत के बाद बीमार पड़ गए, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया.
स्वास्थ्य विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है. प्राथमिक पड़ताल में फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई जा रही है. संदिग्ध कुट्टू के आटे के सैंपल एकत्र कर जांच के लिए भेजे गए हैं, ताकि बीमारी की असली वजह सामने आ सके.
क्या है पूरा मामला?
महाशिवरात्रि के अवसर पर व्रत रखने वाले लोगों ने कुट्टू के आटे से पकौड़ी और पूड़ी तैयार की थी. बताया जा रहा है कि सुपरटेक ईकोविलेज-3 और हिमालय प्राइड सहित चार सोसायटियों के निवासी इस आटे का सेवन करने के बाद बीमार पड़े. खाना खाने के करीब एक से दो घंटे के भीतर ही कई लोगों को उल्टी, दस्त, तेज पेट दर्द, घबराहट और कमजोरी की शिकायत शुरू हो गई. देखते ही देखते एक ही सोसायटी में कई लोग बीमार हो गए, जिससे हड़कंप मच गया.
आटा कहां से खरीदा गया था?
पीड़ित परिवारों के अनुसार, कुट्टू का आटा स्थानीय दुकानों के अलावा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से भी खरीदा गया था. व्रत के चलते बड़ी संख्या में लोगों ने इसी आटे से बने व्यंजन खाए थे. जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या किसी खास ब्रांड या सप्लायर का आटा दूषित था या भंडारण में लापरवाही के कारण यह स्थिति बनी.
कितने लोग अस्पताल पहुंचे?
बीमारी के लक्षण गंभीर होने पर करीब 20 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया. प्रभावित मरीजों को ग्रेटर नोएडा वेस्ट के न्यूमेड और यथार्थ अस्पताल के साथ-साथ नोएडा के कैलाश अस्पताल में इलाज के लिए ले जाया गया. डॉक्टरों ने प्रारंभिक जांच के बाद इसे फूड पॉइजनिंग का मामला बताया है. चिकित्सकों के मुताबिक, भर्ती मरीजों की हालत फिलहाल स्थिर है, जबकि 50 से अधिक लोगों को प्राथमिक उपचार देकर घर भेज दिया गया.
स्वास्थ्य विभाग की क्या कार्रवाई?
घटना की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची और संदिग्ध खाद्य सामग्री के नमूने लिए. अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि संक्रमण की असली वजह क्या थी. फिलहाल प्रशासन लोगों से अपील कर रहा है कि किसी भी प्रकार की अस्वस्थता होने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें और संदिग्ध खाद्य सामग्री का सेवन न करें.





