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अखिलेश यादव से कैसे थे प्रतीक के रिश्ते, कितना फैला था कारोबार, हेल्थ या वेल्थ, मौत की मिस्ट्री क्या?

अखिलेश यादव के सौतेले भाई थे प्रतीक यादव. उनका करोड़ों का कारोबार था. बिजनेस नुकसान, अपर्णा यादव से संबंध, बीमारी और मौत की मिस्ट्री पर जानिए पूरी कहानी.

अखिलेश यादव से कैसे थे प्रतीक के रिश्ते, कितना फैला था कारोबार, हेल्थ या वेल्थ, मौत की मिस्ट्री क्या?
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( Image Source:  Prateek Yadav Akhilesh Yadav Aparna Yadav Mulayam Singh Yadav family )

समाजवादी पार्टी संस्थापक मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव की मौत हो गई है. लग्जरी लाइफस्टाइल, फिटनेस और करोड़ों के कारोबार के लिए पहचान रखने वाले प्रतीक यादव का नाम हमेशा राजनीति से ज्यादा बिजनेस और निजी जिंदगी को लेकर सुर्खियों में रहा. अखिलेश यादव के सौतेले भाई होने के बावजूद उन्होंने कभी सक्रिय राजनीति का रास्ता नहीं चुना और खुद को रियल एस्टेट, जिम और निवेश कारोबार तक सीमित रखा. हाल के दिनों में उनकी सेहत, पारिवारिक तनाव और कारोबारी विवादों को लेकर कई खबरें सामने आईं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक करोड़ों की संपत्ति, लग्जरी कारों और बड़े निवेश के मालिक रहे प्रतीक यादव के कारोबार में पिछले कुछ समय से उतार-चढ़ाव की चर्चा भी तेज थी.

अखिलेश यादव और प्रतीक यादव का रिश्ता कैसा?

सपा प्रमुख अखिलेश यादव और प्रतीक यादव सौतेले भाई थे. अखिलेश यादव, मुलायम सिंह यादव की पहली पत्नी मालती देवी के बेटे हैं. जबकि प्रतीक यादव मुलायम सिंह यादव और साधना गुप्ता के बेटे थे. परिवार के भीतर राजनीतिक और निजी समीकरणों को लेकर दोनों भाइयों के रिश्तों पर हमेशा चर्चा होती रही. हालांकि, सार्वजनिक मंचों पर दोनों कम ही साथ दिखे, लेकिन कई मौकों पर पारिवारिक सम्मान और अपनापन भी देखने को मिला. हाल ही में सामने आए एक वीडियो में प्रतीक यादव को अखिलेश यादव के पैर छूते हुए देखा गया, जिसके बाद दोनों के रिश्तों को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गईं.

राजनीतिक रूप से दोनों की राहें अलग थीं. अखिलेश सक्रिय राजनीति में रहे, जबकि प्रतीक यादव ने खुद को राजनीति से दूर रखा. इसके बावजूद परिवार के बड़े आयोजनों और निजी मौकों पर संपर्क बना रहा. मीडिया रिपोर्टों में कई बार यह दावा किया गया कि परिवार में दूरी थी, लेकिन इसकी कभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई. सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा रही कि प्रतीक को परिवार में वह राजनीतिक जगह नहीं मिली, जो अखिलेश को मिली थी. हालांकि दोनों के बीच निजी सम्मान बना हुआ दिखाई देता था. प्रतीक के निधन के बाद अखिलेश ने स्वीकार किया है कि उनकी नौ महीने पहले प्रतीक से बात हुई थी.

प्रतीक यादव का कारोबार कितना फैला था?

मुलायम सिंह यादव के अपनाए हुए बेटे प्रतीक यादव राजनीति से दूर रहकर बिजनेस और फिटनेस की दुनिया में एकिटव थे. वे लग्जरी लाइफस्टाइल, रियल एस्टेट, जिम और हेल्थ सेक्टर से जुड़े कारोबारों के लिए जाने जाते थे. लखनऊ और नोएडा समेत कई शहरों में उनके निवेश की चर्चा रहती थी. सोशल मीडिया पर उनकी फिटनेस इमेज काफी लोकप्रिय थी और वे हाई-एंड कारों तथा लग्जरी जीवनशैली को लेकर भी सुर्खियों में रहते थे.

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, प्रतीक यादव कई प्राइवेट वेंचर्स और निवेश योजनाओं से जुड़े हुए थे. कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया कि उनका कारोबार करोड़ों रुपये तक फैला हुआ था. हालांकि, वे सार्वजनिक रूप से अपने बिजनेस की पूरी जानकारी साझा नहीं करते थे. पिछले कुछ समय में उनके कारोबार से जुड़े विवाद भी सामने आए. एक मामले में उन्होंने करोड़ों की ठगी और रंगदारी मांगने का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई थी. इसमें उन्होंने कहा था कि बीमारी और पारिवारिक तनाव के दौरान उनके साथ फाइनेंशियल चीटिंग हुआ.

कितनी संपत्ति के मालिक थे प्रतीक?

मीडिया रिपोर्टों और चुनावी हलफनामों के आधार पर प्रतीक यादव की संपत्ति को लेकर अलग-अलग आंकड़े सामने आए हैं. सबसे ज्यादा चर्चित आंकड़ों के मुताबिक उनके और उनकी पत्नी Aparna Yadav की कुल चल और अचल संपत्ति करीब 23 करोड़ रुपये बताई गई थी. वहीं कुछ हालिया रिपोर्टों में प्रतीक यादव की व्यक्तिगत नेटवर्थ 5.5 करोड़ से 7 करोड़ रुपये के बीच बताई गई है.

उनकी संपत्तियों में फिटनेस और जिम बिजनेस, रियल एस्टेट निवेश, लग्जरी कार कलेक्शन, ब्रांड एंडोर्समेंट और फिटनेस प्रमोशन व अन्य शामिल हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक 2015-16 के आयकर रिटर्न में उन्होंने लगभग 1.47 करोड़ रुपये की आय दिखाई थी. उसी समय उनके पास 13.41 करोड़ रुपये से ज्यादा की चल संपत्ति 6.15 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति बताई गई थी.

प्रतीक यादव की लग्जरी लाइफस्टाइल भी काफी चर्चा में रही. उनके पास करीब 5.23 करोड़ रुपये कीमत की Lamborghini कार थी, जिसे लखनऊ की पहली Lamborghini बताया गया था. हालांकि, कुछ रिपोर्ट में बताया जा रहा है कि उनकी संपत्ति इससे काफी ज्यादा थी.

बिजनेस में कितना नुकसान हो रहा था?

प्रतीक यादव के कारोबार को लेकर पिछले कुछ महीनों में आर्थिक दबाव और विवादों की खबरें लगातार सामने आती रहीं. सोशल मीडिया पोस्ट और मीडिया रिपोर्टों में संकेत मिले कि वे निजी और कारोबारी तनाव से गुजर रहे थे. हालांकि, किसी आधिकारिक दस्तावेज में उनके बिजनेस लॉस का सटीक आंकड़ा सामने नहीं आया, लेकिन करीबियों और रिपोर्टों के मुताबिक कई निवेश और साझेदारी विवादों ने उन्हें प्रभावित किया.

एक एफआईआर में प्रतीक यादव ने आरोप लगाया था कि बिजनेस के नाम पर उनके साथ करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी हुई. उन्होंने यह भी कहा कि पारिवारिक तनाव और बीमारी के दौरान कुछ लोगों ने आर्थिक फायदा उठाने की कोशिश की. सोशल मीडिया पर तलाक और निजी जीवन से जुड़े विवादों के सार्वजनिक होने के बाद उनकी मानसिक स्थिति और कारोबारी निर्णयों पर असर पड़ने की चर्चा भी हुई. हालांकि, उनके परिवार या आधिकारिक प्रतिनिधियों की ओर से बिजनेस घाटे को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया था.

प्रतीक यादव किस बीमारी से परेशान थे?

प्रतीक यादव की मौत के बाद उनकी सेहत को लेकर कई तरह की चर्चाएं सामने आईं. कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया कि वे पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे. हालांकि परिवार या डॉक्टरों की ओर से बीमारी का आधिकारिक खुलासा नहीं किया गया है. रिपोर्टों में हार्ट अटैक, दवा के रिएक्शन और मानसिक तनाव जैसी संभावनाओं का जिक्र किया गया, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने से पहले किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सकता.

सोशल मीडिया और कुछ अनौपचारिक चर्चाओं में यह भी कहा गया कि वे मानसिक तनाव और पैनिक अटैक जैसी समस्याओं से गुजर रहे थे. तलाक और पारिवारिक विवाद की खबरों के बाद उनकी भावनात्मक स्थिति पर भी सवाल उठे. हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. डॉक्टरों के पैनल द्वारा पोस्टमार्टम किए जाने की खबर सामने आई है, जिससे मौत और बीमारी के कारणों पर स्पष्टता आने की उम्मीद जताई जा रही है.

अपर्णा यादव से रिश्ते कैसे?

अपर्णा यादव और प्रतीक यादव की शादी प्रेम विवाह बताई जाती है. दोनों की मुलाकात पढ़ाई के दौरान हुई थी और करीब 14-15 साल पहले उन्होंने शादी की थी. शुरुआत में दोनों की जोड़ी को यादव परिवार की चर्चित जोड़ियों में माना जाता था. अपर्णा यादव राजनीति में सक्रिय रहीं, पहले समाजवादी पार्टी में और बाद में बीजेपी में शामिल हो गईं.

हालांकि, 2026 की शुरुआत में दोनों के रिश्तों में तनाव की खबरें सामने आईं. प्रतीक यादव ने सोशल मीडिया पर तलाक और पारिवारिक विवाद से जुड़े पोस्ट किए थे, जिनमें उन्होंने निजी नाराजगी जाहिर की थी. बाद में यह मामला काफी चर्चा में रहा. कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया कि दोनों के बीच दूरियां बढ़ गई थीं, जबकि दूसरी ओर परिवार के साथ विदेश यात्रा की खबरें भी सामने आईं, जिससे सुलह की अटकलें लगीं. अपर्णा यादव ने सार्वजनिक रूप से रिश्ते पर ज्यादा बयान नहीं दिए.

प्रतीक यादव की मौत की मिस्ट्री क्या है?

प्रतीक यादव की मौत ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में कई सवाल खड़े कर दिए हैं. शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक उन्हें लखनऊ के अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. उनकी उम्र सिर्फ 38 साल थी. मौत के तुरंत बाद कारणों को लेकर कई तरह की अटकलें लगने लगीं.

कुछ रिपोर्टों में हार्ट अटैक की आशंका जताई गई, जबकि कुछ में दवा के रिएक्शन या आत्महत्या जैसी संभावनाओं का जिक्र हुआ. रिपोर्टों के अनुसार शरीर पर किसी चोट के निशान नहीं मिले हैं और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है. परिवार की ओर से अभी तक कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है. ऐसे में बीमारी, मानसिक तनाव, पारिवारिक विवाद और कारोबारी दबाव, सभी पहलुओं को जोड़कर चर्चा हो रही है, लेकिन वास्तविक कारण मेडिकल जांच के बाद ही स्पष्ट होगा.

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