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दिल्ली से वाराणसी तक बुलेट ट्रेन, 21 मिनट में पहुंचेंगे नोएडा एयरपोर्ट, ऐसा होगा पूरा रूट

दिल्ली से जेवर एयरपोर्ट को सीधे जोड़ने और तेज कनेक्टिविटी करने के लिए हाईस्पीड बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट पर काम किया जा रहा है.

delhi varanasi high speed rail project
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delhi varanasi high speed rail project

( Image Source:  X/ @Kashyap_1011, @IndianInfoGuid )

जेवर में बने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को देश का सबसे आधुनिक ट्रांसपोर्ट हब बनाने की दिशा में तेजी से काम हो रहा है. इसी कड़ी में दिल्ली से जेवर एयरपोर्ट को सीधे जोड़ने और तेज कनेक्टिविटी करने के लिए हाईस्पीड बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट पर काम किया जा रहा है. योजना के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद दिल्ली के सराय काले खां से जेवर एयरपोर्ट तक का सफर महज 21 मिनट में तय किया जा सकेगा.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली-वाराणसी हाईस्पीड रेल कॉरिडोर को जेवर एयरपोर्ट से जोड़ने के लिए ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के ऊपर एक एलिवेटेड बनाया जाएगा. ट्रैक सड़क के बीचोंबीच तैयार होगा, जिससे जमीन अधिग्रहण की जरूरत कम होगी और प्रोजेक्ट को तेजी से पूरा किया जा सकेगा.

क्या होगा इस हाईस्पीड ट्रेन का रूट?

यह हाईस्पीड ट्रेन ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे से होते हुए यमुना एक्सप्रेसवे के रास्ते सीधे एयरपोर्ट के ग्राउंड ट्रांसपोर्टेशन सेंटर तक पहुंचेगी. इससे न केवल यात्रा का समय घटेगा, बल्कि क्षेत्र की कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियों को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा. इस परियोजना के तहत गौतमबुद्ध नगर में दो स्टेशन प्रस्तावित किए गए हैं. पहला स्टेशन सेक्टर-125 से 148 के बीच बनाया जाएगा, जबकि दूसरा स्टेशन सीधे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट परिसर में बनाया जायेगा.

कितना लंबा होगा कॉरिडोर?

करीब 800 किलोमीटर लंबे इस महत्वाकांक्षी कॉरिडोर को लेकर नेशनल हाईस्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) और यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय तेज कर दिया है, ताकि रूट अलाइनमेंट और इंफ्रास्ट्रक्चर प्लानिंग में किसी तरह की बाधा न आए.

क्या-क्या है योजना?

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को हाईस्पीड ट्रेन के अलावा मेट्रो, नमो भारत ट्रेन, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे सहित अन्य प्रमुख सड़कों से जोड़ने की भी योजना है. ऐसे में यह एयरपोर्ट आने वाले समय में देश का एक बड़ा मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट हब बन सकता है, जहां हर तरह की यात्रा सुविधा एक साथ उपलब्ध होगी. इस परियोजना के लागू होने के बाद दिल्ली-एनसीआर के लोगों के लिए जेवर एयरपोर्ट तक पहुंचना पहले से कहीं ज्यादा आसान, तेज और सुविधाजनक हो जाएगा.

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