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नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को बड़ा झटका! विदेशी CEO के रहते नहीं शुरू होंगी फ्लाइट्स, हर हाल में चाहिए भारतीय

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर फ्लाइट ऑपरेशन शुरू होने से पहले बड़ा अड़ंगा लग गया है. केंद्र सरकार ने विदेशी CEO को हटाने का निर्देश दिया है, जिससे उड़ानों में और देरी तय मानी जा रही है.

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट
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नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट
( Image Source:  AI Sora )
रूपाली राय
Edited By: रूपाली राय3 Mins Read

Published on: 21 April 2026 12:39 PM

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को एक बड़ा झटका लगा है. अभी तक यहां से पैसेंजर और कार्गो फ्लाइट्स शुरू करने की राह में एक बड़ी रुकावट आ गई है. दरअसल, नोएडा एयरपोर्ट के विदेशी सीईओ क्रिस्टोफ श्नेलमान को लेकर केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाया है. नवभारत टाइम्स के मुताबिक, राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) और इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) ने साफ कह दिया है कि नोएडा एयरपोर्ट पर शेड्यूल फ्लाइट ऑपरेशन शुरू करने से पहले इस विदेशी सीईओ को बदलना जरूरी है.

क्या है पूरा मामला?

नोएडा एयरपोर्ट के मौजूदा सीईओ क्रिस्टोफ श्नेलमान स्विट्जरलैंड के नागरिक हैं. एयरपोर्ट मैनेजमेंट कंपनी इस बात की पूरी कोशिश कर रही थी कि विदेशी सीईओ रहते हुए भी यहां से फ्लाइट्स का ऑपरेशन शुरू कर दिया जाए. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 मार्च 2026 को इस एयरपोर्ट का उद्घाटन कर दिया था. लेकिन उसके बाद भी फ्लाइट ऑपरेशन शुरू नहीं पाए थे. सूत्रों के मुताबिक, इस पूरे मामले की फाइल केंद्रीय गृह मंत्रालय और इंटेलिजेंस ब्यूरो में अटकी हुई थी. दोनों एजेंसियों ने राष्ट्रीय सुरक्षा के नजरिए से गंभीर चर्चा और मंथन के बाद फैसला लिया है कि भारत में किसी भी एयरपोर्ट का सीईओ विदेशी नागरिक नहीं हो सकता. यह फैसला बीसीएएस (Bureau of Civil Aviation Security) के साल 2011 के सुरक्षा नियमों पर भी आधारित है. इन नियमों में साफ लिखा है कि किसी भी भारतीय एयरपोर्ट का मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) केवल भारतीय नागरिक ही हो सकता है.

अब क्या होगा?

गृह मंत्रालय ने नोएडा एयरपोर्ट मैनेजमेंट की उस अर्जी को ठुकरा दिया है जिसमें उन्होंने विदेशी सीईओ के साथ फ्लाइट ऑपरेशन शुरू करने की इजाजत मांगी थी. अब एयरपोर्ट ऑपरेटर कंपनी को अपने विदेशी सीईओ क्रिस्टोफ श्नेलमान की जगह एक भारतीय नागरिक को नया सीईओ नियुक्त करना होगा. जैसे ही नया भारतीय सीईओ नियुक्त हो जाएगा, बीसीएएस सुरक्षा संबंधी बाकी बची प्रक्रिया पूरी करके एयरपोर्ट को अंतिम NOC (No Objection Certificate) दे देगा. सूत्रों के मुताबिक, यह पूरी प्रक्रिया पूरी होने में 40 से 45 दिन लग सकते हैं. इसके बाद ही नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से पैसेंजर फ्लाइट्स और कार्गो फ्लाइट्स का नियमित टेक-ऑफ और लैंडिंग शुरू हो सकेगा.

कितना समय लग सकता है?

जितनी जल्दी एयरपोर्ट मैनेजमेंट कंपनी अपना सीईओ बदल देगी, उतनी जल्दी फ्लाइट ऑपरेशन शुरू हो सकेंगे. अगर इस सप्ताह या अगले कुछ दिनों में ही नया भारतीय सीईओ नियुक्त कर दिया जाता है, तो उम्मीद है कि कुछ महीनों के अंदर यहां से उड़ानें शुरू हो जाएंगी. लेकिन फिलहाल विदेशी सीईओ बने रहने की वजह से फ्लाइट्स शुरू होने में और देरी हो गई है.

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