गोबर से भर दूंगा घर, सात पुश्तें भी नहीं कर पाएंगी साफ! थार से टक्कर मारने वाले के MLA पिता ने दी पुलिस अफसर को धमकी
शिवपुरी जिले में बीजेपी विधायक प्रीतम लोधी के बेटे ने अपनी महिंद्रा थार से 5 लोगों को कुचल दिया. अब विधायक का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वे एसडीपीओ बंगले को गोबर से भरने की बात कह रहे हैं.
बीजेपी विधायक प्रीतम लोधी ने वीडियो जारी कर दिया विवादित बयान
BJP MLA Pritam Lodhi SDPO Bungalow Cow Dung Viral Video: मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में बीजेपी विधायक प्रीतम लोधी के बेटे दिनेश लोधी का महिंद्रा थार से पांच लोगों के कुचलने के मामला अब बड़े राजनीतिक विवाद में बदल गया है. प्रीतम लोधी ने जांच को लेकर पुलिस अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं और खुले तौर पर चेतावनी भी दे डाली.
प्रीतम लोधी ने कहा कि उन्होंने शुरुआत से ही मामले में पुलिस का सहयोग किया और खुद एसपी से बात कर एफआईआर दर्ज करवाने की मांग की. उन्होंने बताया कि पुलिस ने उनसे वाहन थाने भेजने को कहा, जिसे उन्होंने भेज दिया और अगले दिन वाहन छोड़ भी दिया गया. इस मामले की रिपोर्ट दिल्ली से एसपी को भेजी जा रही है.
बीजेपी विधायक ने सवाल उठाया कि क्या मध्य प्रदेश में हाई कमान नहीं है? उन्होंने पुलिस अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा, “बताओ आदेश कौन देता है. नहीं तो SDPO के बंगले को गोबर से भर दूंगा. सात पुश्तें भी साफ नहीं कर पाएगी.”
प्रीतम लोधी ने सोशल मीडिया पर क्या लिखा?
16 अप्रैल को करेरा में हुए हादसे के बाद प्रीतम लोधी ने सोशल मीडिया पर लिखा था कि उनके लिए परिवार से ज्यादा जनता महत्वपूर्ण है. पीड़ितों को न्याय मिलना चाहिए, लेकिन कुछ दिनों बाद उनके तेवर बदल गए. उन्होंने एसडीओपी Ayush Jakhar पर खुलकर हमला बोला और कहा कि करेरा किसी के बाप की जागीर नहीं है. उन्होंने जांच को लेकर भी पुलिस को खुली चेतावनी दी और कहा कि अगर गलत आरोप लगाए गए तो वह इसका जवाब देंगे.
क्या है पूरा मामला?
16 अप्रैल सुबह करीब 7:30 बजे संजय परिहार, आशीष और अंशुल बाइक से जा रहे थे. आगे सड़क पर सीता वर्मा और पूजा सोनी पैदल चल रही थीं. तभी पीछे से तेज रफ्तार काली Mahindra Thar आई और दोनों महिलाओं को टक्कर मारते हुए बाइक को भी टक्कर मार दी. एफआईआर के अनुसार यह गाड़ी विधायक के बेटे Dinesh Lodhi चला रहे थे. हादसे में पांच लोग घायल हो गए.
बिना नंबर प्लेट थार से थाने पहुंचे विधायक के बेटे
घटना के बाद दिनेश लोधी उसी थार से थाने पहुंचे, जिस पर नंबर प्लेट नहीं थी, काली फिल्म लगी थी और हूटर लगा हुआ था. पुलिस ने मोटर व्हीकल एक्ट उल्लंघन पाया और वाहन का चालान काटा, लेकिन बाद में गाड़ी को छोड़ दिया.
पीड़ितों ने क्या कहा?
घायलों ने आरोप लगाया कि हादसे के बाद न विधायक और न उनके बेटे ने उनकी मदद की. पीड़ितों का कहना है कि कोई देखने तक नहीं आया. इस मामले में अब दिनेश लोधी के पुराने विवाद भी सामने आए हैं. उन पर 2023 में धमकी देने का, जबकि 2024 में ग्वालियर में गाड़ी चढ़ाने की कोशिश का केस दर्ज किया गया. ग्वालियर मामले में तो उन्हें जेल भी जाना पड़ा था.
प्रीतम लोधी पर क्या-क्या आरोप हैं?
विधायक प्रीतम लोधी पर भी दंगा, मारपीट और हत्या के प्रयास जैसे मामले पहले दर्ज रहे हैं. 2022 में विवादित बयान देने के बाद उन्हें बीजेपी से निकाल दिया गया था, लेकिन बाद में उन्हें फिर से पार्टी में शामिल कर लिया गया. अब यह मामला सड़क हादसे से आगे बढ़कर सत्ता, कानून और राजनीतिक दबाव की बहस में बदल गया है.




