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Noida Protest: ‘मास्टरमाइंड’ या मजदूरों की आवाज? आदित्य आनंद का परिवार ने किया बचाव, भाई बोला- हिंसा नहीं था मकसद

नोएडा में हुए हिंसक मजदूर प्रदर्शन के मामले में मुख्य आरोपी आदित्य आनंद को लेकर पुलिस और परिवार के दावे आमने-सामने हैं. जहां पुलिस उसे साजिश का मास्टरमाइंड बता रही है, वहीं परिवार का कहना है कि वह सिर्फ मजदूरों के हक की लड़ाई लड़ रहा था.

Noida Protest: ‘मास्टरमाइंड’ या मजदूरों की आवाज? आदित्य आनंद का परिवार ने किया बचाव, भाई बोला- हिंसा नहीं था मकसद
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( Image Source:  X- @ians_india )
समी सिद्दीकी
Edited By: समी सिद्दीकी4 Mins Read

Updated on: 21 April 2026 11:32 AM IST

Noida Protest: नोएडा में हुए हिंसक मजदूर प्रदर्शन की जांच जारी है. इस बीच मुख्य आरोपी आदित्य आनंद के परिवार ने उसका बचाव किया है. परिवार का कहना है कि आदित्य का हिंसा भड़काने में कोई हाथ नहीं है और वह सिर्फ मजदूरों के अधिकारों के लिए आवाज उठा रहा था. द इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, परिवार ने उसे संवेदनशील और लोगों की मदद करने वाला शख्स बताया है.

आदित्य आनंद को 18 अप्रैल को तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली रेलवे स्टेशन से नोएडा पुलिस और उत्तर प्रदेश एसटीएफ की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार किया था. उस पर दंगा, आपराधिक साजिश और धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं. जांच एजेंसियों के मुताबिक, आदित्य ने व्हाट्सऐप ग्रुप्स के जरिए हजारों मजदूरों को संगठित किया और कथित तौर पर ऐसे विरोध को बढ़ावा दिया, जिससे नोएडा के औद्योगिक कामकाज पर असर पड़ा.

आदित्य के भाई ने क्या कहा?

बिहार के हाजीपुर स्थित घर से बात करते हुए आदित्य के भाई आकाश आनंद ने कहा कि वह ऐसा व्यक्ति है जो किसी को परेशानी में नहीं देख सकता. उन्होंने बताया कि परिवार को यह तो पता था कि आदित्य जरूरतमंद बच्चों को पढ़ाने का काम करता है, लेकिन मजदूर बिगुल नाम के लेफ्ट विंग संगठन से उसकी गहरी जुड़ाव की जानकारी नहीं थी. आकाश ने कहा कि आदित्य सिर्फ मजदूरों के लिए उचित वेतन की मांग कर रहा था.

आदित्य ने परिवार को अपने करियर के बारे में क्या बताया था?

परिवार ने यह भी बताया कि आदित्य अपने काम के बारे में ज्यादा विस्तार से नहीं बताता था. वह अक्सर सिर्फ इतना कहता था कि वह नोएडा में गरीब बच्चों को पढ़ाना चाहता है. उसकी गिरफ्तारी की जानकारी भी परिवार को तब मिली जब उसकी मां को उसके दोस्तों का फोन आया.

पुलिस ने क्या कहा?

दूसरी ओर पुलिस का कहना है कि आदित्य ने व्हाट्सऐप ग्रुप्स के जरिए मजदूरों को जुटाकर तनाव बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई और उन्हें ऐसे प्रदर्शनों में शामिल होने के लिए प्रेरित किया, जो बाद में हिंसक हो गए. यह प्रदर्शन शुरुआत में वेतन बढ़ाने और पड़ोसी राज्यों के बराबर सैलरी की मांग को लेकर शुरू हुआ था, लेकिन बाद में यह झड़पों, आगजनी और बड़े पैमाने पर अव्यवस्था में बदल गया. स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की. इस दौरान सैकड़ों लोगों को हिरासत में लिया गया और कई एफआईआर दर्ज की गईं.

अधिकारियों ने आदित्य को इस पूरे घटनाक्रम का मास्टरमाइंड बताया है. उनका आरोप है कि उसने मजदूरों को भड़काने और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की योजना बनाई. उसे कई राज्यों में चली तलाश के बाद गिरफ्तार किया गया और पूछताछ के लिए लाया गया. जांच अभी जारी है और पुलिस इस साजिश के दायरे को समझने की कोशिश कर रही है. वहीं, आदित्य के परिवार ने अधिकारियों से निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की है.

और किन लोगों की हुई गिरफ्तारी?

इस मामले में दो अन्य लोगों, रूपेश राय और मनीषा चौहान को भी गिरफ्तार किया गया है. इसके अलावा पुलिस उन बाहरी पहलुओं की भी जांच कर रही है, जिनमें पाकिस्तान से संचालित कुछ सोशल मीडिया हैंडल्स द्वारा गलत जानकारी फैलाने का आरोप है.

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