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क्या है Mazdoor Bigul Dasta, जिसके सदस्य हुए अरेस्ट? Noida में मजदूरों की आड़ में हिंसा भड़काने का है आरोप

नोएडा में श्रमिक आंदोलन के दौरान हुई हिंसा मामले में अब तक 60 से ज्यादा लोग गिरफ्तार हुए हैं. पुलिस ने मजदूर बिगुल दस्ता पर आंदोलन को हिंसक बनाने की साजिश का आरोप लगाया है. आइए, जानते हैं इस संगठन के बारे में...

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मजदूर बिगुल दस्ता के कई सदस्य गिरफ्तार

( Image Source:  ANI )

Noida Violence: हाल ही में नोएडा में न्यूनतम वेतन वृद्धि की मांग को लेकर हुए श्रमिक आंदोलन (13 अप्रैल) के दौरान हिंसा और तोड़फोड़ के मामले में मजदूर बिगुल दस्ता (Mazdoor Bigul Dasta) के कई सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है. आरोप है कि ये सदस्य मजदूरों की जायज मांगों की आड़ में एक सुनियोजित साजिश रची थी:

नोएडा पुलिस और यूपी STF ने हिंसा मामले में 60 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है. हालांकि, कुछ मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और संगठन के समर्थकों ने इन गिरफ्तारियों को असंवैधानिक और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बताया है. प्रशासन ने अब मजदूरों के लिए 21% न्यूनतम वेतन वृद्धि की घोषणा भी कर दी है, जो 1 अप्रैल से लागू मानी जाएगी.

क्या है मजदूर बिगुल दस्ता?

  • मजदूर बिगुल दस्ता (Mazdoor Bigul Dasta) एक वामपंथी/मार्क्सवादी विचारधारा वाला संगठन है, जो मजदूरों को संगठित करने का काम करता है.
  • नोएडा पुलिस और जांच एजेंसियों के अनुसार, इस संगठन ने मजदूरों की जायज मांगों की आड़ में एक सुनियोजित साजिश रची थी.
  • आरोप है कि संगठन के सदस्यों ने औद्योगिक क्षेत्रों में घूम-घूमकर मजदूरों को भड़काया, जिससे शांतिपूर्ण प्रदर्शन हिंसक हो गया और आगजनी व पथराव की घटनाएं हुईं.
  • पुलिस जांच में सामने आया है कि 17 से अधिक व्हाट्सएप ग्रुप्स के जरिए भड़काऊ संदेश फैलाए गए. इन ग्रुप्स को रातों-रात QR कोड के जरिए बनाया गया था ताकि हजारों मजदूरों को जोड़ा जा सके.
  • उत्तर प्रदेश सरकार के अनुसार, गिरफ्तार किए गए कई लोग वास्तव में मजदूर नहीं थे, बल्कि वे बाहरी संगठन के सक्रिय सदस्य थे जो आंदोलन को दिशा दे रहे थे.
  • पुलिस ने दावा किया है कि कुछ सोशल मीडिया हैंडल्स का उपयोग भ्रामक जानकारी फैलाने के लिए पाकिस्तान से किया जा रहा था, जिनकी जांच जारी है.

मजदूर बिगुल दस्ता से जुड़े किन प्रमुख सदस्यों को पुलिस ने किया गिरफ्तार?

नोएडा पुलिस ने अब तक इस संगठन से जुड़े कई 'मास्टरमाइंड' और सक्रिय सदस्यों को दबोचा है, जिनमें शामिल हैं;

  • आदित्य आनंद: हिंसा का मुख्य मास्टरमाइंड माना जाने वाला यह व्यक्ति NIT जमशेदपुर से B.Tech ग्रेजुएट है. इसे तमिलनाडु से गिरफ्तार किया गया है.
  • रूपेश राय और मनीषा: इन्हें संगठन का प्रमुख नेता बताया गया है, जो औद्योगिक क्षेत्रों में मजदूरों को जुटाने का काम कर रहे थे.
  • हिमांशु ठाकुर और सत्यम वर्मा: हाल ही में (20 अप्रैल) इन दो और सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है. हिमांशु घटना के दिन नोएडा में ही मौजूद था और आदित्य आनंद के संपर्क में था.

बता दें कि नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों (फेज-2, सेक्टर 62, 63 और 83) में भारी पुलिस बल तैनात है. पुलिस द्वारा लगातार रूट मार्च निकाला जा रहा है ताकि शांति बनी रहे और औद्योगिक इकाइयां सामान्य रूप से चल सकें. वहीं, श्रम विभाग ने 43 ठेकेदारों को नोटिस भेजा है, जबकि 10 के लाइसेंस रद्द कर दिए हैं. अपर श्रमायुक्त राकेश द्विवेदी ने बताया कि कई प्रतिष्ठानों में निरीक्षण के दौरान श्रम कानूनों के उल्लंघन के कई मामले सामने आए थे.

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