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Who is Aryan Yadav: Akhilesh Yadav को चाय पिलाने के बाद जिसके साथ होने लगा बहुत कुछ?

फतेहपुर के आर्यन यादव को अखिलेश यादव को चाय पिलाने के बाद मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. दुकान पर छापेमारी के बाद उन पर हमला और लूट का आरोप सामने आया है. पुलिस ने कई लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, जबकि अखिलेश यादव ने आर्यन का समर्थन किया है

aryan yadav with akhilesh yadav
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अखिलेश यादव ने लखनऊ में आर्यन यादव को बुलाकर दिए बर्तन

( Image Source:  x.com/yadavakhilesh )

Who is Aryan Yadav: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के आर्यन यादव इन दिनों अचानक सुर्खियों में आ गए हैं. समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव को अपनी दुकान पर चाय पिलाने के बाद से आर्यन की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. अब उनके और उनके परिवार पर जानलेवा हमला, मारपीट और लूटपाट का मामला सामने आया है, जिसके बाद पुलिस ने कई लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है,

कौन हैं आर्यन यादव?

आर्यन यादव एक यूट्यूबर और चाय विक्रेता हैं. वे 22 फरवरी 2026 को तब चर्चा में आए जब अखिलेश यादव ने चौकी चौराहे स्थित उनके चाय के ठेले पर अचानक रुके और चाय पी. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद आर्यन अचानक सुर्खियों में आ गए. आर्यन अपने छोटे से चाय स्टॉल के साथ-साथ यूट्यूब पर वीडियो भी बनाते हैं और स्थानीय स्तर पर काफी लोकप्रिय हैं, लेकिन इस वायरल घटना के बाद उनकी दुकान पर छापेमारी, धमकी, मारपीट और लूट के आरोप सामने आने से वे एक बड़े राजनीतिक और प्रशासनिक विवाद का हिस्सा बन गए हैं.


आर्यन ने क्या कहा?

आर्यन के मुताबिक, कुछ दबंग लोग उनकी दुकान पर पहुंचे और उन्हें अखिलेश यादव को चाय पिलाने पर धमकी दी. उन्होंने आर्यन और उनके पिता के साथ मारपीट भी की और परिवार के अन्य सदस्यों को धमकी दी. आर्यन ने बताया कि दबंगों ने दुकान में तोड़फोड़ की और गुल्लक से करीब 7,000 रुपये लूट लिए. उन्होंने दावा किया कि हमलावरों ने उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी.

कैसे बढ़ा विवाद?

इस घटना से पहले आर्यन की दुकान पर फूड सेफ्टी विभाग की टीम भी पहुंची थी. विभाग ने चाय पत्ती में मिलावट की शिकायत मिलने के बाद नमूना लिया. आर्यन का आरोप है कि अधिकारियों ने एल्युमीनियम के बर्तन पर आपत्ति जताई और दुकान सील करने की धमकी दी. हालांकि फूड सेफ्टी विभाग ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कार्रवाई शिकायत के आधार पर की गई. दुकान सील नहीं की गई. सिर्फ नमूना जांच के लिए लिया गया. विभाग ने कहा कि दुकान का पंजीकरण वैध है.


अखिलेश यादव ने क्या कहा?

इस पूरे मामले पर अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए राज्य सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने लिखा कि अखिलेश यादव को चाय पिलाने के अपराध में आर्यन को परेशान किया जा रहा है. सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि सरकार स्वरोजगार करने वाले युवाओं को प्रताड़ित कर रही है.


पुलिस ने क्या कार्रवाई की?

घटना के बाद पुलिस ने जरजीस अहमद, कयूम, यासीन अहमद और जावेद अहमद समेत 17 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. पुलिस ने कहा है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और इलाके में स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है.

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