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पार्टी के बहाने पिलाई शराब, फिर कर डाली 4.55 करोड़ की चोरी; कैसे हुआ Tanishq सेल्समैन की करतूत का पर्दाफाश?

गाजियाबाद के राजनगर डिस्ट्रिक्ट सेंटर (RDC) स्थित तनिष्क शोरूम में हुई करोड़ों रुपये की ज्वेलरी चोरी के मामले का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. चोरी शोरूम में काम करने वाले एक सेल्समैन ने ही की. जिसको पकड़ लिया गया है.

ghaziabad tanishq showroom robbery case
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ghaziabad tanishq showroom robbery case

( Image Source:  X/ @UPPOLICE_NEWS5 )

गाजियाबाद के राजनगर डिस्ट्रिक्ट सेंटर (RDC) स्थित तनिष्क शोरूम में हुई करोड़ों रुपये की ज्वेलरी चोरी के मामले का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. पुलिस जांच में सामने आया है कि इस हाई-प्रोफाइल चोरी की साजिश किसी बाहरी गैंग ने नहीं, बल्कि शोरूम में काम करने वाले एक सेल्समैन ने रची थी. आरोपी ने अपने पिता, प्रेमिका और साथी के साथ मिलकर पूरी वारदात को अंजाम दिया.

मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी नितिन वर्मा, उसके पिता संजय वर्मा और प्रेमिका काजल को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस का दावा है कि चोरी गए अधिकांश आभूषण बरामद कर लिए गए हैं, जबकि एक अन्य आरोपी और उसकी प्रेमिका अभी भी फरार हैं.

चोरी कांड की 5 बड़ी बातें

1. पुलिस के अनुसार, तनिष्क शोरूम से कुल करीब 4.55 करोड़ रुपये मूल्य के आभूषण और नकदी चोरी हुई थी. जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 3.16 करोड़ रुपये कीमत के सोने के आभूषण और 6.50 लाख रुपये नकद बरामद कर लिए हैं. हालांकि चोरी का कुछ हिस्सा अभी भी फरार आरोपियों के पास बताया जा रहा है.

2. डीसीपी धवल जायसवाल के मुताबिक, मुख्य आरोपी नितिन वर्मा मूल रूप से मोदीनगर का रहने वाला है और सर्राफा कारोबार से जुड़ा रहा है. उसे आभूषणों की पहचान और हैंडलिंग का अच्छा अनुभव था. नितिन ने 5 मई को तनिष्क शोरूम में नौकरी शुरू की थी. करीब एक महीने तक उसने शोरूम की सुरक्षा व्यवस्था, कर्मचारियों की दिनचर्या और प्रवेश-निकास के तरीकों का बारीकी से अध्ययन किया.

3. पुलिस जांच में सामने आया कि 11 जून की रात नितिन ने जन्मदिन पार्टी का बहाना बनाकर कैशियर, सुरक्षाकर्मियों और अन्य कर्मचारियों को शराब पिलाई. इस दौरान उसने चुपके से कैशियर की जेब से शोरूम की चाबी निकाल ली. अगले दिन सुबह वह अपने साथी चितरंजन उर्फ चिंटू के साथ शोरूम पहुंचा. जहां चितरंजन बाहर निगरानी करता रहा, वहीं नितिन अंदर जाकर पहली मंजिल से करीब तीन किलो सोने के आभूषण बैग में भरकर फरार हो गया.

4. चोरी के बाद पुलिस लगातार नितिन की तलाश में जुटी हुई थी. इसी दौरान जांचकर्ताओं को उसकी प्रेमिका काजल के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली. पता चला कि फरारी के दौरान नितिन ने एक राहगीर का मोबाइल लेकर काजल को फोन किया था. इसी कॉल की मदद से पुलिस उसकी लोकेशन और गतिविधियों तक पहुंच गई.

5. पुलिस के अनुसार, चोरी के बाद नितिन के पिता संजय वर्मा ने 3.16 करोड़ रुपये मूल्य के आभूषणों से भरा बैग अपनी साली के घर पहुंचाकर छिपा दिया था. पूछताछ के दौरान संजय की निशानदेही पर पुलिस ने रिश्तेदार के घर से चोरी किए गए गहने बरामद कर लिए. यह बरामदगी मामले की सबसे बड़ी सफलता मानी जा रही है.

6. जांच में यह भी पता चला कि नितिन का साथी चितरंजन उर्फ चिंटू एक पिज्जा आउटलेट में काम करता है. चोरी के बाद वह अपनी प्रेमिका सोनिया के साथ ऋषिकेश के एक लॉज में ठहरा हुआ था. दिलचस्प बात यह है कि उसी लॉज में नितिन और काजल भी मौजूद थे. पुलिस ने जब लॉज को घेरा, तब चितरंजन अपनी प्रेमिका के साथ बाजार गया हुआ था और वापस नहीं लौटा. इसी वजह से वह गिरफ्तारी से बच निकला.

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