Bhiwadi: केमिकल फैक्ट्री में लगी भीषण आग, 7 मजदूर जिंदा जले; क्या थी आग लगने की वजह?
भिवाड़ी के खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में स्थित एक केमिकल फैक्ट्री में भीषण आग लगने से 7 मजदूरों की मौत हो गई. आग लगने के समय फैक्ट्री में 20 से 25 मजदूर काम कर रहे थे.
Chemical factory fire
राजस्थान के औद्योगिक हब भिवाड़ी से सोमवार सुबह एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई. खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक केमिकल फैक्ट्री में लगी भीषण आग ने सात मजदूरों की जान ले ली. आग इतनी तेजी से फैली कि अंदर काम कर रहे कई श्रमिकों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला.
बताया जा रहा है कि प्लॉट नंबर G1/118B में संचालित इस फैक्ट्री में अज्ञात कारणों से आग लगी, जो केमिकल पदार्थों की मौजूदगी के कारण विकराल रूप लेती चली गई. दमकल विभाग और प्रशासन की टीमों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक सात परिवारों की खुशियां उजड़ चुकी थीं.
कितने शव हुए बरामद?
जानकारी के अनुसार सोमवार तड़के फैक्ट्री में आग लगने की सूचना मिली. सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर रवाना की गईं. प्रारंभिक प्रयासों के बाद स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भिवाड़ी, तिजारा और आसपास के इलाकों से अतिरिक्त दमकल वाहन बुलाए गए. करीब डेढ़ घंटे की लगातार कोशिशों के बाद आग पर नियंत्रण पाया गया. इसके बाद रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया, जिसमें मलबे और जली हुई संरचनाओं के बीच से सात मजदूरों के शव बरामद किए गए.
कितने मजदूर कर रहे थे काम?
घटना के समय फैक्ट्री में लगभग 20 से 25 मजदूर काम कर रहे थे. आसपास मौजूद लोगों के अनुसार कुछ मजदूर समय रहते बाहर निकलने में सफल रहे, लेकिन कई अंदर ही फंस गए. केमिकल्स की वजह से आग की लपटें तेजी से फैलती गईं और अंदर मौजूद मजदूरों को संभलने का मौका नहीं मिला. आग इतनी तेज थी कि बचाव दल को अंदर पहुंचने में भी काफी कठिनाई का सामना करना पड़ा.
घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे. भिवाड़ी एसपी, तिजारा डीएसपी शिवराज सिंह और अतिरिक्त जिला कलेक्टर सुमित्रा मिश्र ने मौके पर राहत और बचाव कार्य की कमान संभाली. अतिरिक्त जिला कलेक्टर सुमित्रा मिश्र ने पुष्टि करते हुए बताया कि मृतकों की संख्या 7 तक पहुंच चुकी है. उन्होंने बताया कि आग लगने के कारणों की जांच के आदेश दे दिए गए हैं.
क्या थी आग लगने की वजह?
फिलहाल आग लगने की असली वजह साफ नहीं हो सकी है. प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि आग तकनीकी खामी, लापरवाही या किसी अन्य कारण से लगी. अब तक कंपनी की ओर से इस हादसे पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.





