पंजाब की राजधानी को लेकर मचा बवाल! CM भगवंत मान का बड़ा बयान, बोले- चंडीगढ़ के लिए हर कदम उठाएंगे
पंजाब के सीएम भगवंत मान ने सोमवार को गणतंत्र दिवस के अवसर पर होशियारपुर में आयोजित सभा में कहा कि देश के लिए पंजाब ने कई बलिदान दिए हैं, बावजूद इसके यह राज्य अपनी स्वतंत्र राजधानी से वंचित है.
CM Bhagwant Mann
पंजाब के सीएम भगवंत मान ने सोमवार को गणतंत्र दिवस के अवसर पर होशियारपुर में आयोजित सभा में कहा कि देश के लिए पंजाब ने कई बलिदान दिए हैं, बावजूद इसके यह राज्य अपनी स्वतंत्र राजधानी से वंचित है. उन्होंने प्रतिज्ञा की कि उनकी सरकार चंडीगढ़ पर पंजाब के अधिकारों के लिए हर संभव प्रयास करेगी.
मान ने कहा “देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने के बावजूद, पंजाब एकमात्र ऐसा राज्य है जिसकी अपनी कोई राजधानी नहीं है. इस गणतंत्र दिवस पर, मैं जनता को आश्वस्त करना चाहता हूं कि हम पंजाब और हमारी राजधानी चंडीगढ़ के लिए हर जरूरी कदम उठाएंगे.”
साझा राजधानी का विवाद
चंडीगढ़ वर्तमान में केंद्र शासित प्रदेश है और पंजाब तथा हरियाणा की संयुक्त राजधानी के रूप में कार्य करता है. यह स्थिति 1966 के पंजाब पुनर्गठन अधिनियम की विरासत है, जब हरियाणा को पंजाब से अलग किया गया था. इसके बाद चंडीगढ़ को पंजाब की राजधानी बनाया गया, लेकिन बाद में इसे साझा राजधानी घोषित कर दिया गया. संपत्ति और प्रशासनिक नियंत्रण को 60:40 के अनुपात में पंजाब और हरियाणा के बीच बांटा गया.
केंद्र सरकार के प्रस्ताव से बढ़ा विवाद
हाल ही में केंद्र सरकार ने संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2025 के तहत चंडीगढ़ को सख्त केंद्रीय प्रशासन के अधीन लाने का प्रस्ताव रखा. पंजाब के नेता इसे राज्य की राजधानी को छीनने का प्रयास मानते हैं. मान ने कहा पंजाब लगातार चंडीगढ़ के हस्तांतरण की मांग करता रहा है. केंद्र सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हमारे अधिकारों पर कोई आंच न आए. हम अपनी मांगों के लिए लगातार संघर्ष करेंगे.
वर्तमान में चंडीगढ़ में पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय स्थित है और पंजाब के राज्यपाल केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासक के रूप में कार्यरत हैं. इस संवेदनशील मामले पर पंजाब की ओर से लगातार केंद्र सरकार के समक्ष आवाज उठाई जा रही है.





