इलाज की आस, कर्ज का बोझ और दर्दनाक अंत- चतरा एयर एंबुलेंस हादसे पर छलका परिजनों का दुख- डॉक्टर के पिता बोले बेच दी थी पूरी जमीन
8 लाख का कर्ज लेकर एक परिवार अपने अपनों की जिंदगी बचाने निकला था, तो एक पिता ने बेटे को डॉक्टर बनाने के लिए अपनी पूरी जमीन बेच दी थी. लेकिन किस्मत को कुछ और मंजूर था. इलाज की उम्मीद लेकर उड़ी एयर एंबुलेंस झारखंड में हादसे का शिकार हो गया. एक ही पल में सात जिंदगियां खत्म हो गईं.
Chatra Air Ambulance Crash: सोमवार रात झारखंड के चतरा जिले से आई एक दर्दनाक खबर ने पूरे राज्य को शोक में डुबो दिया. रांची से दिल्ली जा रही एक एयर एम्बुलेंस जंगलों के बीच दुर्घटनाग्रस्त हो गई और उसमें सवार सातों जिंदगियों की सांसें थम गईं. यह उड़ान किसी सफर की नहीं, बल्कि एक जिंदगी को बचाने की आखिरी उम्मीद थी. एयर एंबुलेंस एक गंभीर रूप से झुलसे मरीज को बेहतर इलाज के लिए राष्ट्रीय राजधानी ले जाया जा रहा था. परिवार ने मरीज की जान बचाने के लिए लाखों का कर्ज लिया था.
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) के अनुसार, दिल्ली की रेडबर्ड एयरवेज द्वारा संचालित बीचक्राफ्ट सी90 विमान ने सोमवार शाम 7:11 बजे रांची के बिरसा मुंडा हवाई अड्डे से उड़ान भरी थी. लेकिन कुछ ही देर बाद आसमान में उड़ी यह उम्मीद दर्दनाक हादसे में बदल गई।
एयर एंबुलेंस में किसे ले जाया जा रहा था?
झारखंड के लातेहार जिले के चंदवा का एक परिवार अपने 41 साल के मेंबर संजय कुमार की जान बचाने के लिए उसे दिल्ली ले जा रहा था. उसका इलाज बेहतर तरीके से हो सके, इसके लिए परिवार ने 8 लाख रुपये का लोन भी लिया था लेकिन यह कोशिश एक दर्दनाक हादसे में बदल गई. एयर एंबुलेंस चतरा जिले में दुर्घटनाग्रस्त हो गई और उसमें सवार सभी सात लोगों की मौत हो गई. मरने वालों में डॉक्टर विकास गुप्ता भी शामिल थे.
डॉक्टर विकास गुप्ता के पिता ने क्या कहा?
उधर प्लेन में सवार डॉक्टर विकास गुप्ता के पिता बजरंगी प्रसाद का भी बयान आया है. उनका कहना है कि उन्होंने अपने बेटे को पढ़ाने के लिए अपनी पूरी ज़मीन बेच दी थी. विकास गुप्ता रांची के सदर अस्पताल में सेवा दे रहे थे. उनके पिता कहते हैं,"उनका एक सात साल का बेटा है. वे मेधावी छात्र थे और उन्होंने ओडिशा के कटक से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की थी."
विकास कुमार के चाचा शंकर प्रसाद ने भावुक होते हुए कहा,'उसने एमबीबीएस पूरा किया था और अपने पिता की मदद करता था. वह अक्सर मुझसे कहता था, 'चाचा, अब आराम करने का समय आ गया है.’ आज वह हमें छोड़कर चला गया और हम सड़क पर आ गए हैं. अब हम क्या करें? हमारी सरकार से जायज़ मांगें हैं.”
संजय कुमार को क्या हुआ था?
संजय कुमार एक छोटे होटल (रेस्तरां) के मालिक थे. पिछले सोमवार उनके होटल में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई, जिसमें वे गंभीर रूप से झुलस गए. परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य होने के कारण उनकी हालत बिगड़ने पर परिजनों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए नई दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल ले जाने का फैसला किया था.
- संजय कुमार को 16 फरवरी को 65 प्रतिशत तक जलने की हालत में रांची के देवकमल अस्पताल में भर्ती कराया गया था.
- अस्पताल के सीईओ अनंत सिन्हा के मुताबिक, उनका इलाज चल रहा था, लेकिन परिवार ने बेहतर इलाज के लिए उन्हें दिल्ली ले जाने का निर्णय लिया.
- सोमवार को परिवार ने एयर एंबुलेंस की व्यवस्था की गई. संजय शाम करीब 4:30 बजे अस्पताल से दिल्ली के लिए रवाना हुए.
- उनके साथ उनकी पत्नी अर्चना देवी और रिश्तेदार ध्रुव कुमार भी एयर एंबुलेंस में सवार थे.
क्या है झारखंड एयर एंबुलेंस हादसे की डिटेल?
- बीचक्राफ्ट C90 एयर एंबुलेंस (VT-AJV), जिसे रेडबर्ड एयरवेज प्राइवेट लिमिटेड संचालित कर रही थी, रांची से दिल्ली जा रही थी.
- विमान ने रांची एयरपोर्ट से शाम 7:11 बजे उड़ान भरी।
- करीब 7:30 बजे वह लापता हो गया और 7:34 बजे कोलकाता से संपर्क स्थापित करने के बाद रडार से कम्यूनिकेशन टूट गया.
- बाद में चतरा जिले के सिमरिया के बारीयातु पंचायत क्षेत्र के जंगल में विमान दुर्घटनाग्रस्त मिला.
- हादसे के कारण के बारे में अभी पता लगाया जा रहा है. मामले की जांच ती जा रही है.
झारखंड से दिल्ली जा रहे एयर एंबुलेंस में कौन-कौन सवार था?
- कैप्टन विवेक विकास भगत (पायलट-इन-कमांड)
- कैप्टन सवराजदीप सिंह (को-पायलट)
- संजय कुमार (मरीज)
- अर्चना देवी (संजय की पत्नी)
- ध्रुव कुमार (रिश्तेदार)
- डॉ. विकास कुमार गुप्ता
- सचिन कुमार मिश्रा (पैरामेडिक)
क्या हो सकता है दुर्घटना का संभावित कारण?
रांची एयरपोर्ट के निदेशक विनोद कुमार ने कहा कि खराब मौसम हादसे की एक संभावित वजह हो सकता है, लेकिन असली वजह डिटेल जांच के बाद ही पता चलेगा. नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने बताया कि विमान मेडिकल इवैक्युएशन फ्लाइट पर था और हादसे की जांच की जा रही है.
एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की टीम को मौके पर भेजा गया है. झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि खराब मौसम में उड़ान की अनुमति कैसे दी गई, इसकी जांच होगी. उन्होंने मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा देने की बात भी कही है.




