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एआई की सलाह पर खाई HIV दवा, शख्स पहुंचा अस्पताल, जानें चैटबॉट से मदद लेना क्यों खतरनाक?

एआई की सलाह पर बिना डॉक्टर से कंसल्ट किए HIV की दवा लेना एक शख्स को भारी पड़ गया. गलत तरीके से दवा खाने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई और उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा.

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( Image Source:  AI SORA )
हेमा पंत
Edited By: हेमा पंत

Updated on: 31 Jan 2026 4:42 PM IST

दिल्ली में सामने आया एक मामले ने फिर कई सवाल खड़े कर दिए हैं, जहां लोग अब हेल्थ जैसे संवेदनशील विषयों पर भी एआई चैटबॉट्स पर आंख मूंदकर भरोसा करने लगे हैं. 45 साल के एक व्यक्ति ने HIV से बचाव की दवा लेने से पहले किसी डॉक्टर से सलाह नहीं ली, बल्कि एआई से मिली जानकारी के आधार पर खुद ही दवा शुरू कर दी.

नतीजा यह हुआ कि दवाई का उलटा रिएक्शन हुआ और हालत बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा. यह घटना बताती है कि तकनीक पर ज्यादा भरोसा करना कैसे जानलेवा बन सकता है.

एआई HIV पोस्ट-एक्सपोज़र दवाएं

जानकारी के अनुसार व्यक्ति ने मेडिकल स्टोर से HIV से बचाव में इस्तेमाल होने वाली दवाएं खुद ही खरीद लीं. उसने एआई से मिली जानकारी पर भरोसा किया और बिना डॉक्टर से पूछे दवा लेना शुरू कर दिया. शख्स से न तो कोई HIV जांच कराई और न ही किसी एक्सपर्ट से सलाह ली थी. कुछ दिन बाद उसके शरीर पर रिएक्शन दिखने लगा. त्वचा पर गंभीर समस्या हो गई और हालत खराब होने पर उसे तुरंत अस्पताल ले जाना पड़ा.

PrEP क्या है और कब दी जाती है

HIV से बचाव के लिए एक मान्यता प्राप्त तरीका प्रि-एक्सपोज़र प्रोफिलैक्सिस (PrEP) है. यह दवा उन लोगों के लिए होती है जो HIV से इंफेक्टेड नहीं हैं, लेकिन जिनके संक्रमित होने का खतरा अधिक होता है. PrEP लेना शुरू करने से पहले HIV टेस्ट कराना, जोखिम का सही-सही पता लगाना और डॉक्टर की निगरानी में नियमित जांच कराना जरूरी होता है.

दवाएं कैसे काम करती हैं

PrEP में इस्तेमाल होने वाली दवाएं शरीर में वायरस को बढ़ने से रोकती हैं, बशर्ते इन्हें सही मात्रा और नियमित रूप से लिया जाए. अनियमित या बिना देखरेख के सेवन से न सिर्फ प्रभाव घटता है, बल्कि दवा के दुष्प्रभाव और जटिलताएं भी बढ़ सकती हैं.

एआई से मेडिकल सलाह लेना क्यों खतरनाक?

एआई टूल्स सिर्फ सामान्य जानकारी देने में मदद कर सकते हैं, लेकिन वे किसी व्यक्ति की मेडिकल कंडीशन, एलर्जी, मेडिकल इतिहास या जोखिम को सही तरीके से नहीं समझ सकते. खासकर ऐसी दवाएं जो बहुत स्ट्रॉन्ग एंटीरेट्रोवायरल कैटेगरी की होती हैं, उन्हें बिना डॉक्टर की देखरेख के लेना खतरनाक हो सकता है और गंभीर समस्या पैदा कर सकता है.

एआई न पर करें पूरा भरोसा

यह घटना एक बड़ी चेतावनी है कि हेल्थ से जुड़े फैसले इंटरनेट या एआई के भरोसे नहीं छोड़े जा सकते. किसी भी दवा का को लेने से पहले डॉक्टर से कंसल्ट और जांच बेहद जरूरी है. तकनीक मददगार है, लेकिन डॉक्टर का ऑप्शन नहीं हो सकता है. एआई से मिली सलाह पर दवा लेना आपकी सेहत के लिए भारी पड़ सकता है.

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