अब क्यों सुलगा JNU? कैंपस में लगे ‘ब्राह्मणवाद मुर्दाबाद’ के नारे, फूंका गया पुतला; आमने-सामने लेफ्ट और ABVP- VIDEO
सुप्रीम कोर्ट द्वारा UGC के नए नियमों पर अंतरिम रोक के बाद JNU कैंपस में वामपंथी छात्रों ने प्रदर्शन किया. इस दौरान ‘ब्राह्मणवाद मुर्दाबाद’ जैसे भड़काऊ नारे लगाए गए और पुतला फूंका गया. छात्र नेताओं ने इसे अधिकारों की लड़ाई बताया, जबकि ABVP ने इसे शर्मनाक करार दिया. मामला अब 19 मार्च को अगली सुनवाई के लिए तय है.
SC के फैसले के बाद JNU में हंगामा: पुतला दहन, भड़काऊ नारे और लेफ्ट-ABVP आमने-सामने
सुप्रीम कोर्ट द्वारा UGC के नए नियमों पर अंतरिम रोक लगाए जाने के बाद दिल्ली की जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गई है. कोर्ट के आदेश से नाराज़ वामपंथी छात्र समूहों ने कैंपस में प्रदर्शन किया, जहां ‘ब्राह्मणवाद मुर्दाबाद’ जैसे आपत्तिजनक और भड़काऊ नारे लगाए गए. इस दौरान ‘ब्राह्मणवाद’ का पुतला भी फूंका गया, जिसकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं.
यह प्रदर्शन साबरमती हॉस्टल और ढाबे के आसपास करीब तीन घंटे तक चला. खास बात यह रही कि इस विरोध में न तो ABVP और न ही कोई बड़ा छात्र संगठन औपचारिक रूप से शामिल हुआ. अधिकांश छात्र व्यक्तिगत तौर पर जुटे और बारी-बारी से भाषण देते रहे.
छात्रों को मिले अधिकार किसी की 'खैरात' नहीं: JNUSU के संयुक्त सचिव दानिश
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए JNUSU के संयुक्त सचिव दानिश ने कहा कि छात्रों को मिले अधिकार किसी की 'खैरात' नहीं हैं, बल्कि लंबी लड़ाई और कुर्बानियों का नतीजा हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि UGC के नए नियम IIT और IIM जैसे संस्थानों पर लागू क्यों नहीं किए गए. दानिश ने यह भी आरोप लगाया कि जब अल्पसंख्यकों पर हमले होते हैं, तब कुछ संगठन चुप रहते हैं.
सुप्रीम कोर्ट की रोक से संघर्ष खत्म नहीं होता: JNUSU अध्यक्ष अदिति
JNUSU अध्यक्ष अदिति ने भी सभा को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि ये नियम राधिका वेमुला, फातिमा शेख-जुलैखा (अबिदा तड़वी) और छात्र आंदोलनों की लंबी लड़ाई का परिणाम हैं, लेकिन सुप्रीम कोर्ट की रोक से संघर्ष खत्म नहीं होता. उन्होंने साफ कहा कि जब तक ‘रोहित एक्ट’ लागू नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा.
'वामपंथी छात्रों के प्रदर्शन में ABVP को दी गई गाली'
वहीं, ABVP की ओर से प्रतिक्रिया देते हुए सदस्य प्रिंशु ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने UGC के नियमों पर व्यापक समीक्षा और संभावित कानूनी व नीतिगत प्रभावों को देखते हुए अस्थायी रोक लगाई है. उन्होंने वामपंथी छात्रों के प्रदर्शन को 'शर्मनाक' करार देते हुए आरोप लगाया कि इस दौरान ABVP को गालियां दी गईं.
19 मार्च को होगी UGC पर अगली सुनवाई
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने 29 जनवरी 2026 को UGC के नए नियमों पर अंतरिम रोक लगाई थी. कोर्ट का कहना है कि इन नियमों का संघीय ढांचे, राज्यों के अधिकारों और उच्च शिक्षा व्यवस्था पर गहरे प्रभाव पड़ सकते हैं, जिन पर विस्तार से विचार ज़रूरी है. इस मामले की अगली सुनवाई 19 मार्च को तय की गई है.
JNU में पहले भी लग चुके हैं 'ब्राह्मणवाद' के खिलाफ नारे
यह पहली बार नहीं है जब JNU में ‘ब्राह्मणवाद’ या सरकार विरोधी नारे विवाद का कारण बने हों. इससे पहले भी कैंपस की दीवारों और प्रदर्शनों में इस तरह की भाषा देखने को मिलती रही है, जिस पर देशभर में तीखी राजनीतिक प्रतिक्रियाएं होती रही हैं.





