जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) कैंपस में देर रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ कथित तौर पर नारे लगाए जाने का मामला सामने आया है. इस घटना के बाद न सिर्फ कैंपस में बल्कि राजनीतिक गलियारों में भी विवाद तेज हो गया है. रिपोर्ट में JNU से जुड़े बाहरी विजुअल्स के साथ जेएनयूएसयू के पूर्व संयुक्त सचिव वैभव मीणा और एबीवीपी JNU के उपाध्यक्ष मनीष चौधरी की प्रतिक्रियाएं शामिल हैं. छात्र संगठनों के अलग-अलग दावे सामने आए हैं—जहां एक पक्ष इसे अभिव्यक्ति की आज़ादी से जोड़ रहा है, वहीं दूसरा इसे देशविरोधी मानसिकता बता रहा है. फिलहाल, विश्वविद्यालय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां घटनाक्रम की जानकारी जुटा रही हैं और हालात पर नजर बनाए हुए हैं।