पब्लिक प्लेस में थूका तो टीवी पर दिखेगा चेहरा, पटना में थूकबाजों पर लगाम लगाने को PMC लाया ये प्लान
पटना अब अपनी पहचान बदलने की राह पर है. सालों से पान-गुटखा की पीक और गंदगी से जूझती सड़कों को साफ और सुंदर बनाने के लिए पटना नगर निगम ने ऐसा कदम उठाया है, जिसकी चर्चा पूरे देश में हो रही है. दरअसल अब थूकबाजों पर लगाम लगाने के लिए न केवल उनसे जुर्माना लिया जाएगा बल्कि ऐसा करने वालों की तस्वीरें भी स्क्रीन पर दिखेंगी.
पटना की सड़कों और चौराहों पर अब गंदगी फैलाना आसान नहीं होगा. सार्वजनिक स्थानों पर थूकने की पुरानी आदत पर लगाम लगाने के लिए पटना नगर निगम ने ऐसा कदम उठाया है, जो सीधे लोगों की सोच को चुनौती देता है. अब सिर्फ जुर्माना ही नहीं, बल्कि नियम तोड़ने वालों की पहचान भी पब्लिक की जाएगी.
यानी निगम की नई योजना के तहत पब्लिक प्लेस में थूकते पकड़े गए लोगों का चेहरा टीवी स्क्रीन पर दिखेगा, ताकि साफ-सफाई को लेकर शहर में एक मजबूत संदेश जाए और पटना को स्वच्छ बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव आ सके.
थूकने पर इतने रुपये का लगेगा जुर्माना
पटना नगर निगम का लक्ष्य राजधानी को स्वच्छ और नागरिक-अनुकूल शहर की दिशा में ले जाना है. इसी सोच के तहत सार्वजनिक स्थानों पर थूकने और तंबाकू सेवन के बाद गंदगी फैलाने वालों पर अब नरमी नहीं, बल्कि सख्ती दिखाई देगी. खुले में थूकते पकड़े जाने पर तुरंत 500 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा, जिससे लोग मौके पर ही अपनी गलती का खामियाजा महसूस करें.
थूकने वालों की लगेंगी तस्वीरें
इस अभियान की सबसे अलग और प्रभावशाली बात है कि गंदगी फैलाने वालों को ‘नगर शत्रु’ घोषित करना. ऐसे लोगों की तस्वीरें शहर में लगी वेरिएबल मैसेज डिस्प्ले (VMD) स्क्रीन पर दिखाई जाएंगी. यह कदम केवल दंड नहीं, बल्कि सामाजिक दबाव बनाने का जरिया है, ताकि लोग दोबारा ऐसा करने से पहले सौ बार सोचें.
कैसे पकड़े जाएंगे थूकबाज?
इस मुहिम में तकनीक को पूरी ताकत के साथ जोड़ा गया है. पटना स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत शहर के करीब 415 प्रमुख स्थानों पर 3,300 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं. गांधी मैदान स्थित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से इन कैमरों पर नजर रखी जा रही है. सड़क, फ्लाईओवर या चौराहा-अब कोई भी गंदगी फैलाकर बच नहीं सकता.
रेड स्पॉट से राहत की उम्मीद
नगर निगम के अधिकारियों का मानना है कि थूकने और कूड़ा फैलाने की आदत ने शहर के कई हिस्सों को ‘रेड स्पॉट’ में बदल दिया है, जिससे न केवल सौंदर्य बिगड़ता है, बल्कि स्वच्छता रैंकिंग पर भी असर पड़ता है. इस सख्त कदम से इन इलाकों की तस्वीर बदलेगी और पटना की छवि एक साफ-सुथरी राजधानी के रूप में उभरेगी.
अभियान के शुरुआती नतीजे
हाल ही में पटना जंक्शन से मल्टी-मोडल हब को जोड़ने वाले अंडरग्राउंड सब-वे में चलाए गए विशेष अभियान में करीब 250 लोगों से जुर्माना वसूला गया. यह आंकड़ा दिखाता है कि कार्रवाई सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं, बल्कि जमीन पर असर दिखा रही है. पटना नगर निगम का यह फैसला साहसिक और दूरदर्शी है. अगर यह अभियान लगातार और निष्पक्ष तरीके से चलता रहा, तो राजधानी की सूरत ही नहीं, लोगों की आदतें भी बदलेंगी.





