आधी रात बुलडोजर, तुर्कमान गेट में बवाल: फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास क्यों भड़की हिंसा? जानें अब तक क्या हुआ
दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास मंगलवार आधी रात MCD ने हाईकोर्ट के आदेश पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की. बुलडोजर और JCB पहुंचते ही हालात बिगड़ गए और 35–40 लोगों की भीड़ ने पुलिस व निगम टीम पर पथराव कर दिया. हिंसा में एक SHO समेत 5 पुलिसकर्मी घायल हुए. हालात काबू में करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया. इसके बाद इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर लॉकडाउन जैसे हालात बना दिए गए. पुलिस FIR दर्ज कर CCTV, बॉडी कैमरा और सोशल मीडिया फुटेज के जरिए साजिश की जांच कर रही है.
दिल्ली के रामलीला मैदान इलाके में स्थित सैयद फ़ैज़-ए-इलाही मस्जिद के आसपास अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान मंगलवार देर रात हालात अचानक बेकाबू हो गए. दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर नगर निगम (MCD) द्वारा चलाए गए प्री-डॉन डिमोलिशन ड्राइव के दौरान भीड़ ने पुलिस और निगम टीम पर पथराव कर दिया, जिसमें एक SHO समेत कम से कम पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए. हालात को काबू में करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े.
घटना के बाद बुधवार सुबह से रामलीला मैदान से सटे इलाके और ऐतिहासिक तुर्कमान गेट को भारी पुलिस बल के साथ लॉकडाउन जैसे हालात में रखा गया. इलाके में लगातार गश्त जारी है और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया गया है.
डिमोलिशन ड्राइव क्यों हुई?
यह कार्रवाई दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के बाद की गई. 22 दिसंबर को MCD ने नोटिस जारी कर बताया था कि 0.195 एकड़ से अधिक अतिक्रमित भूमि पर बने ढांचे हटाए जाएंगे. मस्जिद सैयद इलाही की प्रबंधन समिति ने इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी. 6 जनवरी को दिल्ली हाईकोर्ट ने MCD के फैसले को बरकरार रखते हुए अतिक्रमण हटाने की अनुमति दे दी. इसके बाद मंगलवार रात करीब 1 बजे कार्रवाई शुरू हुई.
पथराव और हिंसा कैसे भड़की?
जैसे ही बुलडोजर और JCB मौके पर पहुंचे, आसपास की गलियों से करीब 35-40 लोग बाहर निकल आए और पुलिस व मशीनों पर पथराव शुरू कर दिया. स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने आंसू गैस का इस्तेमाल किया. इस दौरान- एक SHO समेत 5 पुलिसकर्मी घायल हुए, कई सरकारी वाहनों को नुकसान पहुंचा.
पुलिस ने क्या कहा?
संयुक्त पुलिस आयुक्त (सेंट्रल रेंज) मधुर वर्मा ने कहा कि “हम BNS की कई धाराओं में केस दर्ज कर चुके हैं. दिल्ली पुलिस के बॉडी-वॉर्न कैमरों और मौके की वीडियोग्राफी के जरिए सबूत जुटाए जा रहे हैं. वहीं DCP सेंट्रल निधिन वालसन ने कहा कि “चार से पांच पुलिसकर्मियों को मामूली चोटें आई हैं. CCTV, ग्राउंड फुटेज और बॉडी कैमरा फुटेज के आधार पर दोषियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाएगी.”
सोशल मीडिया एंगल की भी जांच
दिल्ली पुलिस ने जांच के दौरान एक खास हैशटैग “delhi 6 faiz dargah” को फ्लैग किया है. अधिकारियों के मुताबिक- इस हैशटैग का इस्तेमाल कर हिंसा से जुड़े वीडियो जानबूझकर वायरल किए गए, खासतौर पर इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर इन्हें बड़े पैमाने पर फैलाया गया. अब कंटेंट की उत्पत्ति और पोस्ट करने वाले अकाउंट्स की जांच की जा रही है
इलाके के लोगों की आपबीती
इलाके में रहने वाले कॉलेज छात्र सरीम ने कहा कि रात में अचानक शोर मचा. खिड़की से देखा तो भीड़ और पुलिस की JCB दिखीं. बाद में पूरा इलाका सील कर दिया गया, इसलिए कॉलेज नहीं जा सका.” जूस की दुकान चलाने वाले फ़ैज़ बोले कि “बच्चों के लिए दूध तक लाने नहीं निकल सका.” वहीं फातिमा, जो अपने बच्चों के साथ इलाका छोड़ते दिखीं, ने कहा कि “हालात देखते हुए कुछ दिनों के लिए मायके जा रही हूं. पति यहीं रुकेंगे.”
डिमोलिशन का पैमाना कितना बड़ा था?
MCD अधिकारियों के मुताबिक करीब 30 बुलडोजर और 50 डंपर लगाए गए, 300 से ज्यादा MCD कर्मचारी और अधिकारी मौके पर तैनात थे. मस्जिद से सटे मार्कज़ कॉम्प्लेक्स, बारात घर, डायलिसिस सेंटर और डायग्नोस्टिक सेंटर जैसे ढांचे हटाए गए. अक्टूबर में हुए सर्वे में सामने आया था कि रामलीला मैदान की 36,000 वर्गफुट से ज्यादा जमीन पर अतिक्रमण था
मामले पर अब तक क्या हुआ
- दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर डिमोलिशन ड्राइव शुरू.
- पथराव और हिंसा में 5 पुलिसकर्मी घायल.
- पुलिस ने FIR दर्ज की.
- अब तक 5 लोगों को हिरासत में लिया गया.
- CCTV, बॉडी कैमरा और सोशल मीडिया फुटेज की जांच जारी.
- तुर्कमान गेट और आसपास के इलाके में भारी पुलिस बल तैनात.
- यह जांच भी चल रही है कि हिंसा अचानक हुई या पहले से साजिश रची गई थी.





