बिहार में अब डकार लेना भी गुनाह हो गया! शिक्षकों ने क्लासरूम से छात्रों को बाहर निकाला, फिर जमीन पर पटक-पटककर पीटा
बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के एक स्कूल में क्लास के दौरान डकार आने पर दो छात्रों को शिक्षकों ने बेरहमी से पीट दिया. छात्रों को जमीन पर पटककर मारपीट करने का आरोप है. शिक्षा विभाग ने मामले को गंभीर मानते हुए दोनों शिक्षकों से तीन दिन में जवाब मांगा है. जांच में दोषी पाए जाने पर आरोपी शिक्षकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी.
Bihar School Students Beating Case: बिहार के पश्चिम चंपारण जिले से शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है. बैरिया प्रखंड के उच्च माध्यमिक विद्यालय ओझवलिया में कक्षा के दौरान डकार आने पर दो छात्रों को शिक्षकों ने बेरहमी से पीट दिया. मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग हरकत में आया है और दोनों आरोपी शिक्षकों से तीन दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है. यह घटना 6 दिसंबर की बताई जा रही है, जिसकी लिखित शिकायत बैरिया निवासी मो. सैयद हुसैन ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को दी थी।
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शिकायत के अनुसार, कक्षा के दौरान एक छात्र को डकार आ गई, जिस पर शिक्षक सुनील कुमार पाल और संदीप कुमार राय भड़क गए. आरोप है कि दोनों शिक्षकों ने इस मामूली बात को अनुशासनहीनता बताते हुए छात्रों के साथ अत्यंत अमानवीय व्यवहार किया.
क्लास से खींचकर बाहर निकाला, जमीन पर पटककर पीटा
पीड़ित छात्रों का आरोप है कि दोनों शिक्षकों ने कक्षा-9 के दो छात्रों को जबरन बाहर खींचा और जमीन पर पटक दिया. इसके बाद उन्हें बेरहमी से पीटा. छात्रों का कहना है कि उन्होंने बार-बार माफी मांगी और हाथ जोड़कर छोड़ने की गुहार लगाई, लेकिन इसके बावजूद पिटाई जारी रही.
स्कूल से टर्मिनेट कराने का दबाव
शिकायत में यह भी कहा गया है कि मारपीट के बाद आरोपी शिक्षकों ने विद्यालय के प्रिंसिपल पर दबाव बनाकर छात्रों को स्कूल से टर्मिनेट कराने की बात भी कही. घटना के समय स्कूल के अन्य शिक्षक मौके पर मौजूद थे, लेकिन कोई भी हस्तक्षेप करने की हिम्मत नहीं जुटा सका.
शिक्षा विभाग सख्त, शिक्षकों से मांगा जवाब
मामले को गंभीरता से लेते हुए डीपीओ गार्गी कुमारी (समग्र शिक्षा एवं माध्यमिक शिक्षा साक्षरता) ने दोनों शिक्षकों को नोटिस जारी किया है. डीपीओ ने कहा, “इस तरह की घटनाएं न केवल विद्यालय के शैक्षणिक माहौल को खराब करती हैं, बल्कि छात्रों के मौलिक अधिकारों और हितों के भी खिलाफ हैं.” दोनों शिक्षकों को निर्देश दिया गया है कि वे हर आरोप पर साक्ष्य सहित अपना पक्ष तीन दिनों के भीतर प्रस्तुत करें.
दोषी शिक्षकों के खिलाफ की जाएगी कड़ी विभागीय कार्रवाई
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि आरोप जांच में सही पाए गए तो दोषी शिक्षकों के खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी. घटना के बाद से अभिभावकों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। लोग स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और शिक्षकों की जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं।





