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बिहार में दही चूड़ा लोकेशन चेंज पॉलिटिक्स! लालू नहीं तेजप्रताप देंगे पार्टी, क्या तेजस्वी, नीतीश, सम्राट और अन्य को भी मिलेगा न्योता?

बिहार की राजनीति में इस बार दही-चूड़ा भोज सिर्फ परंपरा नहीं, बल्कि सियासी संदेश का प्रतीक है. खास बात यह है कि इस बार यह भोज शायद लालू और राबड़ी देवी के आवास पर न हो. आयोजन की लोकेशन और आयोजक भी बदल गए है. वहीं, इसको लेकर तेजप्रताप यादव चर्चाओं का केंद्र में आ गए हैं. सवाल यह है कि क्या अब यह भोज लालू यादव नहीं, तेजप्रताप की सियासी पहचान बनेगा और किस-किस को मिलेगा न्योता?

बिहार में दही चूड़ा लोकेशन चेंज पॉलिटिक्स! लालू नहीं तेजप्रताप देंगे पार्टी, क्या तेजस्वी, नीतीश, सम्राट और अन्य को भी मिलेगा न्योता?
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बिहार की राजनीति में मकर संक्रांति के मौके पर होने वाला दही-चूड़ा भोज हमेशा से सत्ता और समीकरणों का आईना रहा है, लेकिन इस बार तस्वीर कुछ अलग है. कई वर्षों से पूर्व सीएम लालू यादव और राबड़ी देवी अपने आवास पर यह भोज मकर संक्रांति के उपलक्ष्य में देते आए हैं, लेकिन इस सियासी समीकरण बदल गया है. लालू यादव बीमार हैं. तेजस्वी यादव पटना में नहीं है. ना ही लालू आवास पर इस भोज की पटना के सियासी गलियारों में चर्चा है. इस बीच दही चूड़ा भोज को लेकर उनकी जगह तेज प्रताप यादव सुर्खियों में आ गए हैं. जानकारी यह भी है कि वो अपने आवास पर ही इस महाभोज का आयोजन करेंगे. यानी भोज तो लालू परिवार का सदस्य ही देगा पर आयोजक बदल गया है.

लालू आवास पर दही चूड़ा भोज कब?

दरअसल, विधानसभा चुनावों में करारी हार के बाद, राष्ट्रीय जनता दल की पारंपरिक दही-चूड़ा दावत और भी ज्यादा विवादों में घिर गई है. यह दावत हर साल पटना में मकर संक्रांति पर RJD सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के घर पर होती है. विधानसभा चुनाव में हार के बाद से इस कार्यक्रम को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. जबकि मकर संक्रांति नजदीक आ रही है, लेकिन RJD की दही-चूड़ा दावत को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है.

लालू प्रसाद यादव फिलहाल आंखों की सर्जरी के बाद दिल्ली में आराम कर रहे हैं. विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव भी छुट्टी पर हैं और अभी तक पटना नहीं लौटे हैं. लालू-राबड़ी के घर पर दही-चूड़ा की दावत होगी या नहीं, इस पर अनिश्चितता बनी हुई है.

तेज प्रताप यादव देंगे दावत

वहीं, लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और जनशक्ति जनता दल के प्रमुख तेज प्रताप यादव ने मकर संक्रांति की दावत का ऐलान करके राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है. यह दावत 14 जनवरी को पटना में 26 एम स्टैंड रोड स्थित उनके आवास पर होगी.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक तेज प्रताप यादव की मकर संक्रांति की दावत के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, राज्यपाल और राज्य के दोनों उप मुख्यमंत्रियों को न्योता भेजने की तैयारी है. अहम सवाल यह है कि क्यो वो तेजस्वी यादव और लालू परिवार के अन्य सदस्यों और दूसरे विरोधी दलों के नेताओं को भी न्योता भेजेंगे. लालू यादव इस दावत में सभी को बुलाते रहे है.

तेजस्वी, नीतीश, सम्राट को भी मिलेगा न्योता

तेज प्रताप यादव ने इस मसले पर कहा कि यह कार्यक्रम सामाजिक और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ा है और इसमें सभी वर्गों के लोग शामिल हो सकते हैं. तेज प्रताप ने यह भी साफ किया कि उनके छोटे भाई और विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव को भी इस दावत के लिए पार्टी की तरफ से औपचारिक रूप से न्योता दिया जाएगा. अब राजनीतिक गलियारों में इस बात पर जोरदार चर्चा हो रही है कि पार्टी और परिवार से निकाले गए तेज प्रताप यादव इस कार्यक्रम के जरिए अपने परिवार से फिर से नजदीकी बढ़ा पाएंगे या यह दावत RJD के अंदर नई राजनीतिक लकीरें खींचेगी.

JJP की पॉलिटिकल पिच पर पकेगी खिचड़ी

ऐसा पहली बार है कि आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की जगह उनके बड़े बेटे तेजप्रताप यादव पार्टी देंगे. इतना ही नहीं, आयोजन की लोकेशन में बदलाव ने भी सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है. क्या यह कार्यक्रम पूरी तरह से तेज प्रताप की पॉलिटिकल पिच साबित होगा. ऐसे में यह देखना रोचक होगा कि तेज प्रताप यादव के दही-चूड़ा भोज में कितनी राजनीतिक खिचड़ी पकती हैं.

बिहार में मकर संक्रांति के मौके पर दही-चूड़ा का भोज होता रहा है. बिहार के तमाम दिग्गज नेता इस भोज का आयोजन करते रहे हैं. आरजेडी और जेडीयू के दिग्गज नेताओं की ओर से यह आयोजन होता रहा है.

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