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असम में मतदाता सूची पर मचा बवाल, BJP पर लगा विरोधी मतदाताओं के नाम हटाने का आरोप, जानें क्या बोले अखिल गोगोई

Assam Voter List Controversy: असम की राजनीति में एक बार फिर मतदाता सूची को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. रायजोर दल के अध्यक्ष और शिवसागर से निर्दलीय विधायक अखिल गोगोई ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं. गोगोई का कहना है कि भाजपा राज्य में अपने विरोधी मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने की साजिश रच रही है.

असम में मतदाता सूची पर मचा बवाल, BJP पर लगा विरोधी मतदाताओं के नाम हटाने का आरोप, जानें क्या बोले अखिल गोगोई
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( Image Source:  X/ @Namami_Bharatam @dibyendu_das )
विशाल पुंडीर
Edited By: विशाल पुंडीर

Updated on: 7 Jan 2026 4:43 PM IST

Assam Voter List Controversy: असम की राजनीति में एक बार फिर मतदाता सूची को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. रायजोर दल के अध्यक्ष और शिवसागर से निर्दलीय विधायक अखिल गोगोई ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं. गोगोई का कहना है कि भाजपा राज्य में अपने विरोधी मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने की साजिश रच रही है.

इस आरोप के बाद असम का सियासी माहौल गरमा गया है. जहां एक ओर विपक्ष इसे लोकतंत्र पर हमला बता रहा है, वहीं भाजपा ने इन दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए उन्हें बेबुनियाद और मनगढ़ंत करार दिया है. दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है.

अखिल गोगोई ने लगाए आरोप

अखिल गोगोई ने दावा किया कि राज्य भाजपा अध्यक्ष दिलीप सैकिया के निर्देश पर हर विधानसभा क्षेत्र से लगभग 10,000 पार्टी-विरोधी मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने की योजना बनाई गई है. गोगोई के मुताबिक, इसका मकसद आगामी चुनावों में भाजपा को राजनीतिक लाभ पहुंचाना है. उन्होंने कहा कि यह पूरी रणनीति सुनियोजित तरीके से लागू की जा रही है और इसमें पार्टी संगठन के साथ-साथ प्रशासनिक तंत्र का भी इस्तेमाल किया जा रहा है.

वर्चुअल बैठक में हुई कथित योजना की चर्चा

गोगोई ने आरोप लगाया कि इस कथित साजिश पर 4 जनवरी की शाम भाजपा की एक वर्चुअल बैठक में चर्चा हुई थी, जिसे उन्होंने छुपकर सुना था. गोगोई के मुताबिक "बैठक में विशेष पुनरीक्षण प्रक्रिया के कड़ाई से कार्यान्वयन पर जोर दिया गया और जिला एवं मंडल स्तर के पदाधिकारियों को भाजपा को वोट न देने वाले मतदाताओं की सूची तैयार करने का निर्देश दिया गया." उनका कहना है कि इसी प्रक्रिया के जरिए चुनिंदा मतदाताओं को मतदाता सूची से बाहर करने की कोशिश की जा रही है.

मंत्री अशोक सिंघल पर भी लगाए गंभीर आरोप

अखिल गोगोई ने आगे दावा किया कि असम के मंत्री अशोक सिंघल को 60 विधानसभा क्षेत्रों में योग्य मतदाताओं के नाम हटाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है. गोगोई के अनुसार, इस कथित अभियान में भाजपा पदाधिकारियों के साथ-साथ सरकारी बूथ-स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) भी शामिल हैं.

भाजपा का पलटवार

भाजपा ने अखिल गोगोई और विपक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है. राज्य भाजपा अध्यक्ष दिलीप सैकिया ने इन दावों को झूठा बताते हुए कहा कि पार्टी ने किसी का नाम मतदाता सूची से हटाने का निर्देश नहीं दिया है.

सैकिया ने कहा कि "गोगोई के आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है, हमने किसी का नाम काटने के लिए नहीं कहा. हमने अपने कार्यकर्ताओं को विशेष पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान दावों और आपत्तियों की निगरानी करने का निर्देश दिया था ताकि वास्तविक मतदाताओं को छूट न जाए. उन्होंने बिहार चुनाव से पहले भी इसी तरह के वोट चोरी के आरोप लगाए थे."

असम न्‍यूज
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