Begin typing your search...

नकद के साथ बचत भी! क्या है महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने वाली ‘लाडो लक्ष्मी योजना’ और इसमें सरकार ने क्या किए बड़े बदलाव?

लाडो लक्ष्मी योजना हरियाणा की महिलाओं को आर्थिक सहारा और भविष्य की सुरक्षित बचत देने वाली अहम पहल है. इसमें अब 2100 रुपये की सहायता दो हिस्सों में दी जा रही है - 1100 रुपये नकद और 1000 रुपये आरडी/एफडी में जमा. आय सीमा बढ़ाकर 1.80 लाख रुपये कर दी गई है. डिजिटल आवेदन, डीबीटी और फेस वेरिफिकेशन से योजना को पारदर्शी बनाया गया है.

नकद के साथ बचत भी! क्या है महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने वाली ‘लाडो लक्ष्मी योजना’ और इसमें सरकार ने क्या किए बड़े बदलाव?
X
( Image Source:  Sora AI )
प्रवीण सिंह
Edited By: प्रवीण सिंह

Published on: 7 Jan 2026 3:01 PM

हरियाणा सरकार ने महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा और दूरदर्शी कदम उठाया है. दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना अब सिर्फ मासिक सहायता तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसे महिलाओं के सुरक्षित भविष्य से जोड़ दिया गया है. इस योजना के तहत सरकार महिलाओं को नियमित आर्थिक सहयोग देने के साथ-साथ उनके नाम पर बचत भी तैयार कर रही है, ताकि वे सिर्फ आज की जरूरतें ही नहीं, बल्कि आने वाले कल के लिए भी सशक्त बन सकें.

खास बात यह है कि सरकार ने इस योजना के दायरे को बढ़ाते हुए मध्यम वर्ग की महिलाओं को भी इसमें शामिल किया है. साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण जैसे सामाजिक लक्ष्यों को योजना से जोड़कर इसे एक समग्र महिला सशक्तिकरण मॉडल बनाया गया है. डिजिटल प्लेटफॉर्म, डीबीटी भुगतान और फेस वेरिफिकेशन जैसी व्यवस्थाओं के जरिए सरकार ने यह साफ कर दिया है कि लाडो लक्ष्मी योजना पारदर्शिता, सुरक्षा और आत्मनिर्भर भारत की सोच का मजबूत उदाहरण है.

योजना का मूल उद्देश्य

लाडो लक्ष्मी योजना के जरिए राज्य सरकार चाहती है कि महिलाओं के पास अपनी जरूरतों के लिए नियमित आय हो और साथ ही भविष्य के लिए सुरक्षित पूंजी भी तैयार हो. इसी सोच के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने कुल 2100 रुपये की सहायता दी जा रही है.

क्या बदला सरकार ने?

जनवरी 2026 से योजना के स्वरूप में बड़ा बदलाव किया गया है. अब पूरी राशि नकद देने के बजाय इसे दो हिस्सों में बांट दिया गया है. 1100 रुपये सीधे महिला के बैंक खाते में डीबीटी के जरिए भेजे जाएंगे. शेष 1000 रुपये महिला के नाम पर आरडी या एफडी में जमा होंगे, जो 5 साल बाद ब्याज सहित मिलेंगे. इस बदलाव का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि महिलाओं के पास खर्च के साथ-साथ मजबूत बचत भी तैयार हो.

दायरा भी हुआ बड़ा

पहले यह योजना केवल 1 लाख रुपये सालाना आय वाले परिवारों तक सीमित थी. अब सरकार ने आय सीमा बढ़ाकर 1.80 लाख रुपये कर दी है. हालांकि, इस वर्ग के लिए कुछ शैक्षणिक और सामाजिक शर्तें जोड़ी गई हैं. सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे, 10वीं या 12वीं बोर्ड में 80% से ज्यादा अंक, निपुण भारत मिशन में उत्कृष्ट प्रदर्शन और बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य पर ध्यान देने वाली माताएं - इन मानकों के जरिए सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य को भी प्रोत्साहन देना चाहती है.

आवेदन प्रक्रिया और पात्रता

महिलाओं को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे. इसके लिए लाडो लक्ष्मी ऐप लॉन्च किया गया है, जहां ऑनलाइन पंजीकरण संभव है.

  • न्यूनतम आयु: 23 वर्ष
  • जरूरी दस्तावेज: आधार, PPP, निवास प्रमाण पत्र, बैंक डिटेल
  • विवाहित महिलाओं के लिए पति का 15 साल से हरियाणा निवासी होना अनिवार्य
  • एक ही परिवार की एक से ज्यादा महिलाएं भी अलग-अलग लाभ ले सकती हैं.

पारदर्शिता पर खास जोर

डेटा सत्यापन CRID के जरिए होता है. गांवों में ग्राम सभा और शहरों में वार्ड कमेटियां सूची जांचती हैं. हर महीने लाभार्थी को ऐप पर फेस वेरिफिकेशन करना होगा, ताकि पैसा सिर्फ सही महिला तक पहुंचे. लाडो लक्ष्मी योजना अब केवल सहायता योजना नहीं, बल्कि महिलाओं की आर्थिक आज़ादी, बचत संस्कृति और सामाजिक सम्मान की मजबूत नींव बनती जा रही है.

काम की खबर
अगला लेख