T20 World Cup 2026 में फिर होगा IND vs PAK मैच! जानें क्या बन रहा है पूरा समीकरण
T20 World Cup 2026 में टीम इंडिया एकबार पाकिस्तान को हरा चुकी है. जिसके बाद अब एक ऐसा समीकरण बन रहा है कि दोबारा फिर से इस टूर्नामेंट में फैंस को भारत-पाक के बीच भिड़ंत देखने को मिल सकती है.
IND vs PAK Match
T20 World Cup 2026, IND vs PAK: टी20 वर्ल्ड कप 2026 में 15 फरवरी को भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबला खेला गया था. इस मैच में टीम इंडिया ने पाकिस्तान को 61 रनों से हराकर सुपर-8 के लिए क्वालीफाई कर लिया था. अक्सर भारत-पाक की भिड़ंत आईसीसी इवेंट में ही देखने को मिलती, ऐसे में फैंस चाहते हैं कि दोनों टीमों के बीच एक से ज्यादा मैच देखने को मिले.
एशिया कप 2025 में भारत-पाक की 3 बार भिड़ंत देखने को मिली थी. जिसके बाद अब बड़ा सवाल ये है कि क्या टी20 वर्ल्ड कप 2026 में दूसरी बार भारत-पाकिस्तान की भिड़ंत देखने को मिलेगी. अगर हां तो कैसे?
क्या दूसरी बार होगी IND vs PAK भिड़ंत?
सुपर 8 और नॉकआउट चरण के नियमों के हिसाब से भारत और पाकिस्तान का दूसरा मैच सेमीफाइनल या फाइनल में होने की पूरी संभावना है. बशर्ते दोनों टीमें अपने ग्रुप में अच्छी स्थिति बनाए रखें. सुपर 8 चरण में दोनों टीमें अलग-अलग ग्रुप में हैं, इसलिए सीधे सुपर 8 में भारत-पाक मुकाबला संभव नहीं है.
कैसे होगी दोबारा भिड़ंत?
सुपर 8 चरण के बाद नॉकआउट राउंड यानी सेमीफाइनल में भारत और पाकिस्तान फिर टकरा सकते हैं. इसके लिए केवल इतना जरूरी है कि दोनों टीमें अपने-अपने ग्रुप में दूसरा क्वालिफायर बनकर आगे बढ़ें.
अगर ऐसा होता है, तो भारत और पाकिस्तान का मैच फिर से सेमीफाइनल में खेला जा सकता है. अगर दोनों टीमें अपने-अपने सेमीफाइनल भी जीत जाती है तो फाइनल में भी भारत-पाक की भिड़ंत देखने को मिल सकती है.
कैसे होगा ये समीकरण?
1. भारत सुपर 8 में शीर्ष स्थान हासिल करता है.
2. पाकिस्तान दूसरे स्थान पर क्वालीफाई करता है.
क्या है सुपर-8 का नियम?
सुपर-8 में 2 ग्रुप बनाएंगे जाएंगे. दोनों ग्रुप की टीमों को अपने ही ग्रुप की टीमों से आपस में मुकाबले खेलने होंगे. जहां टीम इंडिया ग्रुप-1 में होगी तो वहीं पाकिस्तान ग्रुप-2 में. जहां ग्रुप-1 में टीम इंडिया X1 है तो वहीं ग्रुप-2 में पाकिस्तान Y3 है.
टूर्नामेंट का शेड्यूल जारी करने के दौरान ही आईसीसी ने टॉप-8 टीमों को सीडिंग दी थी जिसके चलते सुपर-8 के मुकाबले पहले से ही तय थे लेकिन उसके लिए इन 8 टीमों का सुपर-8 के लिए क्वालीफाई करना अनिवार्य था.





