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करियर बड़ा होना चाहिए लंबा नहीं... जिसके लिए सालों-साल तरसते हैं खिलाड़ी, वो 5 साल में हासिल कर चल दिए SKY

सूर्यकुमार यादव का भारतीय टी20 क्रिकेट में सफर भले ही सिर्फ पांच साल का रहा हो, लेकिन इस दौरान उन्होंने कई ऐसे मुकाम हासिल किए, जो बड़े-बड़े खिलाड़ी पूरे करियर में नहीं छू पाते.

Suryakumar Yadavs T20I Legacy: The Rise, Glory and Sudden Exit of Indias Mr. 360
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Suryakumar Yadav

बाबू मोशाय, जिंदगी बड़ी होनी चाहिए, लंबी नहीं... साल 1971 में आई फिल्म 'आनंद' का यह डायलॉग तो आपने जरूर सुना होगा. राजेश खन्ना के इस फेमस डायलॉग का मतलब यह है कि मौत एक पल है, लेकिन उस पल के आने से पहले हम हर एक सेकंड को कैसे जीते हैं और लोगों को कितनी खुशियाँ देते हैं, मायने यह रखता है... यह डायलॉग सूर्यकुमार यादव के करियर के साथ फिट बैठता है. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में देर से कदम रखने वाले सूर्या ने सिर्फ पांच वर्षों के टी20 करियर में वह सब हासिल कर लिया, जिसके लिए कई खिलाड़ियों को पूरी जिंदगी लग जाती है.

आयरलैंड-इंग्लैंड दौरे और एशियन गेम्स के लिए टीम चयन के बाद 6 जून को सूर्यकुमार यादव से न सिर्फ टी-20 की कप्तानी छीन ली गई, बल्कि उन्हें टीम से भी बाहर का रास्ता दिखा दिया गया. इस तरह भारतीय टीम का यह 'सूर्य' अब अस्त हो चुका है. उनकी दोबारा से टीम में वापसी बेहद मुश्किल हैं.

सूर्यकुमार यादव का कैसा रहा T20I करियर?

सूर्यकुमार यादव ने टीम इंडिया के लिए 113 मैच खेले, जिसकी 107 पारियों में उन्होंने 36.36 और 162.95 की स्ट्राइक रेट से 3272 रन बनाए. इस दौरान उन्होंने 4 शतक और 25 अर्धशतक लगाए. सूर्या 7 बार डक का शिकार बने. वहीं, 17 बार वे नाबाद रहे. उन्होंने अपने करियर में 179 छक्के और 297 चौके लगाए.

कप्तान के रूप में कैसा रहा सूर्या का करियर?

कप्तान के रूप में सूर्या ने टी-20 एशिया कप 2025 और टी-20 वर्ल्ड कप 2026 का खिताब जीता. उन्होंने 52 मैचों में टीम इंडिया की कप्तानी की, जिसमें से 42 मैचों में टीम को जीत मिली, जबकि 8 में हार का सामना करना पड़ा. वहीं, दो मैचों का कोई रिजल्ट नहीं निकला. उनका जीत प्रतिशत 80.76 रहा, जो भारतीय कप्तानों में सबसे ज्यादा है. उन्होंने अपनी कप्तानी में सभी 9 द्विपक्षीय सीरीज जीती. एक में भी उन्हें हार का सामना नहीं करना पड़ा.

सूर्यकुमार यादव के नाम कौन-कौन सी उपलब्धियां दर्ज हैं?

  1. 30 साल की उम्र में डेब्यू: सूर्यकुमार यादव ने सालों तक घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में पसीना बहाने के बाद, 14 मार्च 2021 को इंग्लैंड के खिलाफ अपना T20I डेब्यू किया था.उस समय उनकी उम्र 30 साल 181 दिन थी. (कई रिकॉर्ड बुक्स में इसे राउंड फिगर में 30 या 31 साल लिखा जाता है)
  2. 32 साल की उम्र में नंबर 1: साल 2022 में अपनी अद्भुत बल्लेबाजी के दम पर सूर्या ICC मेंस T20I रैंकिंग में दुनिया के नंबर-1 बल्लेबाज बने थे. इस मुकाम पर पहुंचते वक्त उनकी उम्र 32 वर्ष थी और वे 900 रेटिंग पॉइंट हासिल करने वाले पहले एशियाई बल्लेबाज बने.
  3. 33 साल की उम्र में वर्ल्ड कप चैंपियन: जून 2024 में जब भारतीय टीम ने बारबाडोस में रोहित शर्मा की कप्तानी में टी20 वर्ल्ड कप का खिताब जीता था, तब सूर्या भी उस टीम का सदस्य थे. उस समय उनकी उम्र 33 साल थी.
  4. 34 साल की उम्र में एशिया कप चैंपियन: रोहित शर्मा के संन्यास के बाद सूर्या को भारतीय टी20 टीम की स्थायी कप्तानी सौंपी गई. सितंबर 2025 में यूएई (UAE) में आयोजित एशिया कप 2025 में उन्होंने अपनी कप्तानी में भारत को चैंपियन बनाया.
  5. 35 साल की उम्र में वर्ल्ड कप चैंपियन कैप्टन: हाल ही में मार्च 2026 में आयोजित ICC मेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 में सूर्यकुमार यादव ने बतौर कप्तान भारतीय टीम का नेतृत्व किया और भारत को टी20 वर्ल्ड कप का खिताब जिताया. 14 सितंबर 1990 को जन्मे सूर्या की उम्र इस ऐतिहासिक जीत के समय 35 साल थी.
  6. T20 क्रिकेट में बदली भारत की दिशा: मैदान के चारों तरफ 360-डिग्री शॉट खेलने की अपनी काबिलियत के कारण उन्हें 'मिस्टर 360 डिग्री' कहा जाता है. उन्होंने भारतीय टीम के खेलने के आक्रामक अंदाज (Approach) को पूरी तरह बदल दिया.
  7. 2024 में पकड़ा कप जिताने वाला कैच: 2024 टी20 वर्ल्ड कप फाइनल (बनाम दक्षिण अफ्रीका) के आखिरी ओवर में बाउंड्री लाइन पर डेविड मिलर का वह असंभव सा दिखने वाला कैच सूर्या ने ही लपका था, जिसने भारत को हारा हुआ मैच जिताया था. इसे भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे प्रतिष्ठित कैचों में गिना जाता है.
  8. लगातार 2 बार ICC Men's Cricketer of the Year: सूर्यकुमार यादव दुनिया के एकमात्र ऐसे खिलाड़ी हैं, जिन्होंने लगातार दो साल (साल 2022 और साल 2023) 'ICC मेंस T20I क्रिकेटर ऑफ द ईयर' का खिताब अपने नाम किया था.
  9. डेब्यू मैच की पहली गेंद पर सिक्स: सूर्या ने अपने डेब्यू मैच की पहली ही गेंद पर इंग्लैंड के खिलाफ छक्का जड़ा था. यह कारनामा उन्होंने जोफ्रा आर्चर के ओवर में किया.
  10. डेब्यू मुकाबले में प्लेयर ऑफ द मैच:
    सूर्या ने इंग्लैंड के खिलाफ 31 गेंद में 57 रन की शानदार पारी खेली थी, जिसमें 3 छक्के और 6 चौके शामिल रहे. उन्हें इस पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच का इनाम मिला.

सूर्यकुमार यादव ने आखिरी बार कब खेला ODI और कैसा रहा प्रदर्शन?

सूर्यकुमार यादव ने 37 वनडे मैचों की 35 पारियों में 25.77 की औसत और 105.03 की स्ट्राइक रेट से 773 रन बनाए. इस दौरान उन्होंने 4 अर्धशतक लगाया. उनका हाईएस्ट स्कोर 37 गेंद में नाबाद 72 रन रहा, जो उन्होंने 24 सितंबर 2023 को इंदौर में तीन मैचों की सीरीज के दूसरे मैच में बनाया. सूर्या ने आखिरी ODI मैच 2023 वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला था, जिसमें उनके बल्ले से 28 गेंद में महज 18 रन ही निकले. इस टूर्नामेंट में उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ 2, इंग्लैंड के खिलाफ 49, श्रीलंका के खिलाफ 12, साउथ अफ्रीका के खिलाफ 22, नीदरलैंड के खिलाफ नाबाद 2 और न्यूजीलैंड के खिलाफ 1 रन बनाए.

सूर्या का टेस्ट करियर कैसा रहा?

सूर्या ने अपने करियर में सिर्फ एक टेस्ट मैच खेला है, जिसमें उन्होंने एक पारी में 8 रन बनाए. इस मैच को भारत ने एक पारी और 132 रन से जीता था. सूर्या को नाथन लॉयन ने बोल्ड किया था.

एशिया कप 2025 में दिखा सूर्या का अलग अंदाज

22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद सितंबर में एशिया कप का आयोजन किया गया. भारत ने पाकिस्तान को हराकर खिताब पर कब्जा जमाया. इस टूर्नामेंट में पाकिस्तान को भारत ने एक नहीं, तीन-तीन बार करारी शिकस्त दी. टूर्नामेंट के पहले मैच में पाकिस्तान को हराने के बाद सूर्या का एक बयान काफी वायरल हुआ था, जिसमें उन्होंने कहा था- हम पहलगाम हमले के पीड़ितों के साथ खड़े हैं. आज की जीत हमारी सेना और सुरक्षाबलों को समर्पित है, जिन्होंने बड़ी ही बहादुरी और साहस से ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया. सूर्या ने उस मैच में 47 रन की नाबाद पारी खेली थी.

एशिया कप के बायकॉट की धमकियों की बीच टीम इंडिया ने टूर्नामेंट का आगाज किया था. उस पर बहुत प्रेशर था. मैच में भी कई तनावपूर्ण पल देखने को मिले, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने अपना संयम नहीं खोया. उन्होंने मैच पर फोकस बरकरार रखा. सूर्या की कप्तानी ने टीम को तनाव से दूर रखा.

क्या सूर्या दोबारा वापसी कर पाएंगे?

कुल मिलाकर, सूर्या ने अपने छोटे से करियर में वह सब कुछ हासिल कर लिया, जो सौरव गांगुली, राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण जैसे दिग्गज भी नहीं हासिल कर सके. तीनों ने 2022 की चैंपियंस ट्रॉफी के अलावा, कोई आईसीसी ट्रॉफी नहीं जीती, जबकि सूर्या के नाम 2-2 टी-20 वर्ल्ड कप है- एक बतौर कप्तान और एक बतौर खिलाड़ी. सूर्या के लिए कप्तानी छीनना और टीम से बाहर होना, बड़ा झटका है.

हालांकि क्रिकेट में वापसी के दरवाजे कभी पूरी तरह बंद नहीं होते. फिर भी मौजूदा चयन नीति, युवा खिलाड़ियों को मिल रहे अवसर और टीम के बदलाव के दौर को देखते हुए सूर्या की वापसी आसान नहीं दिखती, लेकिन भारतीय क्रिकेट में उनके योगदान, आक्रामक बल्लेबाजी और कप्तानी उपलब्धियों को लंबे समय तक याद रखा जाएगा.. अंत में बस यही कहना चाहेंगे- Thank You Surya. हमेशा चमको.

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