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कौन हैं श्रीराम कृष्णन, चेन्नई से निकलकर कैसे डोनाल्ड ट्रंप के बने AI सलाहकार? अब व्हाइट हाउस छोड़कर दिया झटका!

भारतीय मूल के टेक विशेषज्ञ श्रीराम कृष्णन जून के अंत में व्हाइट हाउस से अपनी जिम्मेदारियों से अलग हो जाएंगे. ट्रंप प्रशासन में सीनियर AI पॉलिसी एडवाइजर के रूप में कार्यरत कृष्णन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी साझा की.

who is Sriram Krishnan
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who is Sriram Krishnan

( Image Source:  X/ @sriramk )

अमेरिका की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) नीति के प्रमुख रणनीतिकारों में शामिल भारतीय मूल के टेक विशेषज्ञ श्रीराम कृष्णन जून के अंत में व्हाइट हाउस से अपनी जिम्मेदारियों से अलग हो जाएंगे. ट्रंप प्रशासन में सीनियर AI पॉलिसी एडवाइजर के रूप में कार्यरत कृष्णन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी साझा करते हुए अपने अगले कदमों के संकेत भी दिए हैं.

श्रीराम कृष्णन ने कहा कि व्हाइट हाउस में अमेरिकी जनता की सेवा करना उनके जीवन का सबसे बड़ा सम्मान रहा है. उन्होंने बताया कि वह एक छोटे विराम के बाद अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के सामने मौजूद AI से जुड़ी बड़ी चुनौतियों के समाधान पर काम करना जारी रखेंगे. AI के भविष्य, डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर और ऊर्जा जरूरतों जैसे विषयों को लेकर उनकी टिप्पणियां इस क्षेत्र की गंभीर चुनौतियों को भी उजागर करती हैं.

ट्रंप को लेकर क्या बोले?

अपने संदेश में कृष्णन ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व ने अमेरिका को वैश्विक AI प्रतिस्पर्धा में मजबूत स्थिति दिलाने में अहम भूमिका निभाई है. उन्होंने कहा "ट्रंप के नेतृत्व के बिना अमेरिका आज AI की वैश्विक दौड़ में अग्रणी स्थिति में नहीं होता."

इसके साथ ही उन्होंने व्हाइट हाउस में AI और क्रिप्टो मामलों के प्रमुख सलाहकार डेविड सैक्स का भी आभार जताया. कृष्णन ने माना कि AI सेक्टर में अमेरिका की बढ़त बनाए रखने के लिए सैक्स की नीतिगत पहल और समर्थन बेहद महत्वपूर्ण रहे हैं.

कब मिली थी अहम जिम्मेदारी?

जनवरी 2025 में डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत के साथ ही श्रीराम कृष्णन को व्हाइट हाउस में सीनियर AI पॉलिसी एडवाइजर नियुक्त किया गया था. इस भूमिका में उन्होंने अमेरिकी AI नीति को आकार देने और भविष्य की रणनीतियों को विकसित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया. उनकी नियुक्ति को तकनीकी क्षेत्र और नीति निर्माण के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में देखा गया था. व्हाइट हाउस में रहते हुए उन्होंने AI से जुड़े कई प्रमुख विषयों पर प्रशासन को सलाह दी.

कौन हैं श्रीराम कृष्णन?

तमिलनाडु के चेन्नई में जन्मे श्रीराम कृष्णन ने SRM इंजीनियरिंग कॉलेज से अपनी पढ़ाई पूरी की. साल 2007 में वह अमेरिका चले गए और वहां टेक इंडस्ट्री में तेजी से अपनी पहचान बनाई. उन्होंने माइक्रोसॉफ्ट, फेसबुक, ट्विटर और स्नैप जैसी दुनिया की बड़ी तकनीकी कंपनियों में काम किया. बाद में वह सिलिकॉन वैली की प्रतिष्ठित वेंचर कैपिटल फर्म एंड्रीसन होरोविट्ज (Andreessen Horowitz) से जुड़े और एक प्रभावशाली निवेशक के रूप में स्थापित हुए. वर्ष 2016 में उन्होंने अमेरिकी नागरिकता प्राप्त की. उनकी पत्नी आरती राममूर्ति भी भारतीय मूल की हैं और टेक उद्योग में सक्रिय भूमिका निभा चुकी हैं.

श्रीराम कृष्णन का नाम उस समय भी सुर्खियों में आया था जब 2024 में डोनाल्ड ट्रंप ने उन्हें अपनी AI टीम में शामिल करने की घोषणा की थी. उनके कुछ पुराने इमीग्रेशन सुधार समर्थक बयानों को लेकर ट्रंप समर्थक MAGA समूह के कुछ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया था.

क्या AI सेक्टर में आगे भी रहेंगे सक्रिय?

व्हाइट हाउस से विदाई के बाद भी श्रीराम कृष्णन का फोकस AI सेक्टर पर ही रहेगा. उन्होंने संकेत दिए हैं कि वह अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के लिए AI से जुड़े दीर्घकालिक समाधान विकसित करने में योगदान देते रहेंगे. ऐसे समय में जब दुनिया AI तकनीक की नई दौड़ में शामिल है, कृष्णन जैसे विशेषज्ञों की भूमिका भविष्य में और अधिक महत्वपूर्ण मानी जा रही है.

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