100 करोड़ की कमाई के बाद क्या है Peddi विवाद? राम चरण से ज्यादा हो रही Janhvi Kapoor की चर्चा
बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्डतोड़ कमाई कर रही 'पेड्डी' अब महिला किरदारों के वायरल रोमांटिक सीन्स को लेकर विवादों में घिर गई है.
राम चरण और जान्हवी कपूर (Janhvi Kapoor) की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'पेड्डी' (Peddi) इन दिनों बॉक्स ऑफिस पर सफलता के नए झंडे गाड़ रही है, लेकिन साथ ही यह फिल्म एक बड़े विवाद के केंद्र में भी आ गई है. 4 जून को सिनेमाघरों में रिलीज हुई इस फिल्म को देश भर में एक 'अखिल भारतीय' (All-India) सुपरहिट फिल्म के रूप में पेश किया गया था. उम्मीद के मुताबिक, फिल्म को दर्शकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला और इसने पहले ही दिन 100 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार करके एक नया रिकॉर्ड बना दिया. यह एक्टर राम चरण के करियर की पहली ऐसी सोलो फिल्म बन गई है जिसने ओपनिंग डे पर इतनी बड़ी कमाई की है.
एक तरफ जहां फैंस इस ऐतिहासिक कमाई का जश्न मना रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ फिल्म में दिखाए गए रोमांस और महिला किरदार के चित्रण को लेकर सोशल मीडिया से लेकर क्रिटिक्स के बीच एक तीखी बहस छिड़ गई है. आरोप है कि फिल्म में जान्हवी कपूर के किरदार को जरूरत से ज्यादा सेंसुअल और ग्लैमरस अंदाज में दिखाया गया है. इस वजह से फिल्म के निर्देशक बुची बाबू सना को भारी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है. हालात यह हैं कि फिल्म की कहानी जो कि एक स्पोर्ट्स ड्रामा है, को छोड़कर हर जगह इसी विवाद पर चर्चा हो रही है.
विवाद की शुरुआत
इस पूरे विरोध की चिंगारी तब भड़की जब फिल्म रिलीज होने के तुरंत बाद इसके कुछ खास सीन सोशल मीडिया पर लीक और वायरल हो गए. ये सीन राम चरण और जान्हवी कपूर के बीच फिल्माए गए बेहद इंटिमेंट रोमांटिक और किसिंग सीन्स से जुड़े थे. देखते ही देखते ये वीडियो इंटरनेट पर आग की तरह फैल गए और चर्चा का मुख्य विषय बन गए. दर्शकों का एक वर्ग का मानना था कि यह सीन कहानी की मांग थे और फिल्म की लव स्टोरी का एक स्वाभाविक हिस्सा हैं. दर्शकों के दूसरे वर्ग ने इन्हें रोमांस को परदे पर दिखाने का यह तरीका काफी असहज और आपत्तिजनक लगा.
धीरे-धीरे यह बहस सिर्फ एक किसिंग सीन तक सीमित नहीं रही, बल्कि फिल्म में जान्हवी कपूर के पूरे किरदार पर सवाल उठने लगे. जान्हवी ने फिल्म में 'अचियम्मा' नाम की लड़की का किरदार निभाया है, जो लीड एक्टर 'पेड्डी' की प्रेमिका है. लोगों का कहना है कि फिल्म के गानों और टीज़र/ट्रेलर में अचियम्मा की एक्टिंग या कहानी में उसकी अहमियत को दिखाने के बजाय, सिर्फ उनके ग्लैमर और एक ऑब्जेक्ट को भुनाने की कोशिश की गई है.
ओब्जेक्टिफिकेशन के गंभीर आरोप
क्रिटिक्स और दर्शकों के एक बड़े हिस्से ने फिल्म निर्माताओं पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि आज के आधुनिक दौर में भी फिल्मों में एक्ट्रेस को सिर्फ एक 'वस्तु' (Object) की तरह पेश किया जा रहा है. सबसे बड़ा सवाल यह है कि आलोचक पूछ रहे हैं कि क्या जान्हवी कपूर जैसी टैलेंटेड एक्ट्रेस को सिर्फ इसलिए फिल्म में रखा गया था कि वे राम चरण के इर्द-गिर्द घूमने वाली इस कहानी में केवल एक 'रोमांटिक एलिमेंट' या 'शो-पीस' का काम कर सकें?. यह आलोचना इसलिए भी ज्यादा तीखी हो गई क्योंकि 'पेड्डी' को एक इमोशनल , रिएलिस्टिक और जमीनी स्तर के स्पोर्ट्स ड्रामा के रूप में प्रमोट किया गया था. दर्शकों को उम्मीद थी कि इसमें हर किरदार की अपनी एक गहराई होगी. लेकिन जब फिल्म सामने आई, तो लोगों को लगा कि मार्केटिंग और सीन्स के चक्कर में महिला मुख्य किरदार के महत्व को पूरी तरह से कम कर दिया गया.
फैंस के बीच बंटा सोशल मीडिया
इस विवाद ने सिनेमा प्रेमियों को दो धड़ों में बांट दिया है. राम चरण के फैंस का कहना है कि पूरी फिल्म को देखे बिना, इंटरनेट पर तैर रही छोटी-छोटी क्लिप्स के आधार पर कोई राय बनाना गलत है. फिल्म की एक पूरी कहानी होती है, इसलिए फैसला पूरी फिल्म देखने के बाद ही किया जाना चाहिए. वहीं दूसरी तरफ, जागरूक दर्शकों का मानना है कि यह विरोध बिल्कुल जायज है. उनका कहना है कि बात सिर्फ रोमांटिक सीन्स की नहीं है, बल्कि असली मुद्दा यह है कि क्या महिला किरदार को कहानी में नायक के बराबर का सम्मान और स्पेस मिल रहा है, या उसे सिर्फ हीरो की यात्रा में एक मददगार की तरह साइडलाइन कर दिया गया है.
निर्देशक बुची बाबू सना का बड़ा फैसला और माफीनामा
चारों तरफ से घिरने के बाद आखिरकार फिल्म के निर्देशक बुची बाबू सना ने 6 जून को सोशल मीडिया पर एक आधिकारिक बयान जारी कर अपनी चुप्पी तोड़ी. उन्होंने बहुत ही विनम्रता से दर्शकों की भावनाओं का सम्मान करते हुए अपनी बात रखी. उन्होंने कहा, 'मेरा मानना है कि सिनेमा का असली उद्देश्य दर्शकों का मनोरंजन करना, उन्हें प्रेरित करना और उनके दिलों से जुड़ना होना चाहिए. हमारा मकसद कभी भी किसी को असहज या अपमानित महसूस कराना नहीं था. फिल्म के किसी भी पात्र को महिलाओं को नीचा दिखाने या उन्हें वस्तु की तरह पेश करने के इरादे से नहीं लिखा गया था. फिर भी, अगर किसी दृश्य से दर्शकों की भावनाएं आहत हुई हैं या उसकी गलत व्याख्या हुई है, तो मैं उन चिंताओं को समझता हूं और इसके लिए दिल से खेद व्यक्त करता हूं.'
विवादित दृश्यों पर चलेगी कैंची
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए निर्देशक ने एक बड़ा और सकारात्मक कदम उठाने की घोषणा की. उन्होंने कहा कि दर्शकों के फीडबैक को ध्यान में रखते हुए फिल्म मेकर्स ने विवादित सीन्स में बदलाव करने का फैसला किया है. सिनेमा थिएटर्स में चल रही फिल्म से उन सीन्स को सुधारा या हटाया जाएगा जिन पर आपत्ति जताई गई है.




