'3-4 गेंद खेलते हैं, यह एक तरह का मजाक...', धोनी के फैंस को चुभेगी संजय मांजरेकर की ये बात, CSK को लगाई लताड़
आईपीएल 2026 में एमएस धोनी की वापसी और कप्तान रुतुराज गायकवाड़ की खराब फॉर्म को लेकर पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय मांजरेकर ने चेन्नई सुपर किंग्स के मैनेजमेंट को जमकर लताड़ लगाई है.
Sanjay Manjrekar-MS Dhoni
IPL 2026: आईपीएल 2026 की शुरुआत से पहले ही चेन्नई सुपर किंग्स को एमएस धोनी के रूप में एक बड़ा झटका लग गया था. धोनी इंजरी के चलते कुछ मैचों से बाहर हो गए थे और अभी भी उनकी वापसी को लेकर कोई अपडेट नहीं है. इसके अलावा अभी तक चेन्नई के लिए सीजन-19 बेहद खराब रहा है. टीम को महज 2 ही जीत मिल पाई है. कप्तान रुतुराज गायकवाड़ का फॉर्म का उनकी सबसे बड़ी चिंता का विषय बन गया है.
वहीं अब इन सब चीजों को लेकर पूर्व भारतीय क्रिकेटर और कमेंटेटर संजय मांजरेकर ने स्पोर्टस्टार से बातचीत करते हुए सीएसके के मैनेटमेंट को जिम्मेदार ठहराया है. इसके अलावा मांजरेकर ने धोनी के आसपास बने माहौल और उनकी भूमिका को लेकर भी खुलकर आलोचना की.
CSK मैनेजमेंट पर क्यों भड़के?
संजय मांजरेकर ने टीम की मौजूदा स्थिति के लिए सीधे तौर पर मालिकों और बड़े फैसले लेने वाले अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कप्तान गायकवाड़ के प्रदर्शन में गिरावट का कारण भी मैनेजमेंट की रणनीति को बताया. उन्होंने कहा “इस दोष का पूरा भार मैं मालिकों और बड़े फैसले लेने वाले लोगों पर डालूंगा. क्योंकि गायकवाड़, कप्तान बनने से पहले, शीर्ष क्रम में शानदार प्रदर्शन करते थे.”
धोनी को लेकर क्या बोले?
मांजरेकर ने धोनी से जुड़े फैसलों पर भी सवाल उठाए और कहा कि फ्रेंचाइजी ने इस पूरे मामले को सही तरीके से नहीं संभाला. उन्होंने कहा “और फिर एमएस धोनी का मामला, चाहे वो खेलेंगे या कप्तान बनेंगे, उसे उन्होंने बहुत ही गलत तरीके से संभाला और यहीं से भारतीय संस्कृति की चाटुकारिता क्रिकेट में भी झलकती है. मेरा मतलब है, धोनी के सिर्फ प्रशंसक ही नहीं हैं, बल्कि उनके इर्द-गिर्द चाटुकारिता का माहौल है."
धोनी की वापसी पर क्यों उठाए सवाल?
मांजरेकर ने धोनी की चोट के बाद संभावित वापसी पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि मौजूदा फॉर्म में उन्हें प्लेइंग इलेवन में फिट करना आसान नहीं होगा. उन्होंने कहा “शायद, लेकिन फिर आपको मैदान पर धोनी का सामना करना होगा और आप ऐसा कैसे करेंगे? मेरा मतलब है, उनके लिए प्रदर्शन करना लगातार मुश्किल होता जा रहा है। इसलिए जब वह निचले क्रम में आकर सिर्फ तीन-चार गेंदें खेलते थे, तो यह एक तरह का मजाक बन जाता था. टीवी कवरेज भी इसे बढ़ा-चढ़ाकर पेश करता था 'क्या शानदार पारी थी' और वह पारी सिर्फ चार गेंदों तक ही चलती थी.”
कप्तानी को लेकर क्या बोले?
उन्होंने कप्तानी के मुद्दे पर कहा “तो अब यह संभव नहीं है, और यह कभी भी दीर्घकालिक योजना नहीं बनने वाली थी. इसलिए मैं यह जानने का दिखावा नहीं कर सकता कि एमएस के मैदान पर होने पर, लेकिन कप्तानी न करने पर, रुतुराज को कैसा महसूस हुआ होगा और एमएस के न होने पर और अकेले कप्तानी संभालने पर रुतुराज को कैसा लगा होगा.”




