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भारत की पहली T20I जीत का हीरो, लेकिन IPL में कभी नहीं मिला मौका; BCCI ने क्यों लगाया था धाकड़ ऑलराउंडर पर बैन?

टी20 क्रिकेट की शुरुआत भारत में 2006 में हुई थी, जब टीम इंडिया ने वीरेंद्र सहवाग की कप्तानी में साउथ अफ्रीका के खिलाफ अपना पहला अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेला था. इस मैच में ऑलराउंडर दिनेश मोंगिया भी भारतीय टीम का हिस्सा थे.

Dinesh Mongia
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Dinesh Mongia

विशाल पुंडीर
Edited By: विशाल पुंडीर6 Mins Read

Updated on: 21 April 2026 2:30 PM IST

इन दिनों भारत में आईपीएल का सीजन-19 खेला जा रहा है. ये लीग सिर्फ भारत तक ही सीमित नहीं है बल्कि विदेशों में भी इसको देखने वाले फॉलो करने वाले करोड़ों फैंस हैं, क्योंकि इस लीग में सिर्फ ही नहीं बल्कि दुनिया की लगभग सभी टीमों के युवा और दिग्गज खिलाड़ी खेलते हुए देखने को मिलते हैं. साल 2008 में आईपीएल की शुरुआत हुई थी, उससे 1 साल पहले 2007 में टीम इंडिया ने महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में टी20 वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम किया था.

जिसके बाद आईपीएल की शुरुआत हुई और इसने आज टी20 क्रिकेट को एक नए मुकाम पर पहुंचा दिया है. वैसे तो आईपीएल में ज्यादातर भारतीय दिग्गजों को खेलते हुए देखा गया, लेकिन इतिहास में एक दिग्गज भारतीय ऑलराउंडर ऐसा भी रहा जो टीम इंडिया के पहले टी20 इंटरनेशनल मैच का हिस्सा तो रहा, लेकिन उसको कभी आईपीएल में खेलने का मौका नहीं मिला. वहीं बीसीसीआई ने इस खिलाड़ी पर बैन भी लगा दिया था.

भारत ने कब खेला था पहला T20I?

टी20 क्रिकेट की शुरुआत भारत में 2006 में हुई थी, जब टीम इंडिया ने वीरेंद्र सहवाग की कप्तानी में साउथ अफ्रीका के खिलाफ अपना पहला अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेला था. इस मैच में ऑलराउंडर दिनेश मोंगिया भी भारतीय टीम का हिस्सा थे. इसके बाद साल 2007 में भारत में ही टी20 वर्ल्ड कप खेला गया था. वर्ल्ड कप में टीम इंडिया के जीतने के बाद इस फॉर्मेट की लोकप्रियता और बढ़ गई, जिसे आईपीएल ने नई ऊंचाइयों तक पहुंचा दिया.

दिनेश मोंगिया को क्यों नहीं मिला मौका?

दिनेश मोंगिया ने भारत के लिए टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट खेला, लेकिन उन्हें कभी आईपीएल में खेलने का मौका नहीं मिला. मोंगिया ने 1 दिसंबर 2006 को साउथ अफ्रीका के खिलाफ जोहान्सबर्ग में भारत का पहला टी20 इंटरनेशनल मैच खेला था. उस मुकाबले में उन्होंने 45 गेंदों पर 38 रन बनाए थे और टीम की जीत में अहम योगदान दिया था. ये उनका पहला और आखिरी टी20 मैच था.

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क्रिकेट फैंस के बीच आज भी यह सवाल उठता है कि आखिर इतने अनुभवी खिलाड़ी को आईपीएल में मौका क्यों नहीं मिला. इसकी सबसे बड़ी वजह इंडियन क्रिकेट लीग (ICL) में उनका खेलना बताया जाता है. ICL में शामिल होने के कारण बीसीसीआई ने उन पर बैन लगा दिया था. हालांकि 2008 में कई खिलाड़ियों को माफी मिल गई, लेकिन मोंगिया को नहीं मिल पाई थी.

वनडे में रहा शानदार रिकॉर्ड

भले ही अपने करियर में दिनेश मोंगिया कभी आईपीएल नहीं खेल पाए हो, लेकिन उससे पहले उनका वनडे में कमाल का प्रदर्शन रहा था. दिनेश ने भारतीय टीम के लिए 57 वनडे मैच खेले थे, जिसमें बल्लेबाजी करते हुए उन्होंने 1230 रन बनाए थे. इस दौरान उनके बल्ले से 1 शतक और 4 अर्धशतक निकले थे.

वनडे में उनकी बेस्ट पारी साल 2002 में जिम्बाब्वे के खिलाफ आई थी. जब उन्होंने शानदार बल्लेबाजी करते 159 रनों की नाबाद पारी खेली थी. इसके अलावा बात अगर उनकी वनडे में गेंदबाजी की करें तो उन्होंने 14 विकेट भी चटकाए थे. दिनेश मोंगिया ने 28 मार्च 2001 को अपना वनडे डेब्यू किया था. उन्होंने अपना पहला वनडे मैच ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला था. वहीं 12 मई 2007 को दिनेश ने अपना आखिरी वनडे मुकाबला बांग्लादेश के खिलाफ खेला था.

X/ @CricketopiaCom, @teamindia_2_0

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कैसा रहा था फर्स्ट क्लास करियर?

घरेलू क्रिकेट में भी दिनेश मोंगिया ने कमाल का प्रदर्शन किया था. उन्होंने 121 फर्स्ट क्लास मैच खेले थे. इस दौरान बल्लेबाजी करते हुए दिनेश ने 8028 रन बनाए थे. जिसमें 27 शतक और 28 अर्धशतक लगाए थे. फर्स्ट क्लास में उनकी बेस्ट पारी नाबाद 308 रनों की थी. इसके अलावा गेंदबाजी करते हुए उन्होंने 46 विकेट हासिल किए थे.

कैसा रहा था लिस्ट-ए करियर?

वहीं बात अगर उनके लिस्ट-ए क्रिकेट करियर की करें तो उन्होंने 198 मैच खेले थे, जिसमें दिनेश ने बल्लेबाजी करते हुए 5535 रन बनाए थे. लिस्ट में उनकी बेस्ट पारी नाबाद 159 रनों की रही थी और गेंदबाजी करते हुए उन्होंने 116 विकेट चटकाए थे.

कैसे खत्म हुआ करियर?

रिपोर्ट्स के अनुसार, मोंगिया पर अनुशासन से जुड़े कुछ मामलों का भी असर पड़ा, जिसके कारण उनका क्रिकेट करियर धीरे-धीरे मुख्यधारा से बाहर हो गया. एक समय भारत के भरोसेमंद ऑलराउंडर माने जाने वाले मोंगिया का करियर एक ऐसे मोड़ पर रुक गया, जहां से वापसी लगभग असंभव हो गई.

कैसे IPL ने बढ़ाया T20 का दायरा?

आज तक भारत की ओर से 119 खिलाड़ी टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में खेल चुके हैं, जबकि आईपीएल में खेलने वाले भारतीय और विदेशी खिलाड़ियों की संख्या 1000 से अधिक हो चुकी है. यह आंकड़ा बताता है कि लीग ने क्रिकेट की दुनिया में कितना बड़ा प्रभाव डाला है.

सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़ जैसे दिग्गजों ने जहां भारत के लिए टी20 क्रिकेट खेला और आईपीएल का हिस्सा बने, वहीं सौरव गांगुली, वीवीएस लक्ष्मण और अनिल कुंबले जैसे दिग्गजों ने भारत के लिए टी20 इंटरनेशनल नहीं खेला, लेकिन बाद में आईपीएल में नजर आए.

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