नोएडा में श्रमिक आंदोलन के बाद एक्शन मोड में प्रशासन, 25 ठेकेदारों के लाइसेंस निरस्त- मजदूरों के लिए शुरू हुआ कॉल सेंटर
नोएडा में श्रमिक आंदोलन के बाद जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाते हुए 25 ठेकेदारों के लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं. वहीं, श्रमिकों की शिकायतों के लिए कॉल सेंटर और हेल्पलाइन नंबर जारी किया है.
नोएडा में हाल ही में हुए श्रमिक आंदोलन के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह एक्टिव मोड में नजर आ रहा ह. श्रमिकों की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान के लिए अब जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है. वहीं, श्रम विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 20 से ज्यादा ठेकेदारों के लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं. इन ठेकेदारों ने विभाग के नोटिस का कोई जवाब नहीं दिया था.
अपर श्रमायुक्त राकेश द्विवेदी ने जानकारी देते हुए बताया कि श्रमिकों की शिकायतों के जल्द निस्तारण के उद्देश्य से सेक्टर-3 में स्थित कार्यालय में कॉल सेंटर स्थापित किया गया है. इस कॉल सेंटर के जरिए अब श्रमिक अपनी शिकायतें आसानी से दर्ज करा सकेंगे. इसके लिए हेल्पलाइन नंबर 01204126892 जारी किया गया है. साथ ही एक ईमेल (complaint.dlcnoida@gmail.com) भी जारी किया गया है, जिसके जरिए श्रमिक अपनी समस्याएं भेज सकते हैं.
अपर श्रमायुक्त राकेश द्विवेदी का कहना है कि इस पहल से श्रमिकों की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी. किसी भी प्रकार की समस्या को लंबित नहीं रहने दिया जाएगा.
श्रम कानूनों को उल्लंघन करने पर 25 ठेकेदारों का लाइसेंस निरस्त
औद्योगिक क्षेत्रों में शांति बनाए रखने के लिए श्रम विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए श्रम कानूनों के उल्लंघन करने वाले 25 संविदाकारों (ठेकेदारों) का लाइसेंस निरस्त कर दिया हैं. अपर श्रमायुक्त राकेश द्विवेदी के अनुसार, जिले में विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठानों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है. इस दौरान कई संविदाकारों द्वारा श्रम कानूनों के अनुपालन में अनियमितताएं पाई गईं है, जिसके बाद उन्हें 'कारण बताओ' नोटिस जारी किए गए थे.
हालांकि, जिन 25 संविदाकारों ने नोटिस का कोई जवाब नहीं दिया, उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनके लाइसेंस रद्द कर दिया गया है. श्रम विभाग ने इन सभी संविदाकारों की सूची कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESI) और कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (PF) को भी भेज दी है, ताकि संबंधित संस्थाएं अपने-अपने कानूनों के तहत जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित कर सके.
अपर श्रमायुक्त ने क्या कहा?
अपर श्रमायुक्त राकेश द्विवेदी ने सख्त लहजे में कहा कि औद्योगिक इकाइयों में श्रमिकों के हितों से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा. अवैध गतिविधियों में संलिप्त संविदाकारों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.




