इन आसान उपायों से दूर करें घर में मौजूद सभी वास्तु दोष, होगी सुख-समृद्धि की बढ़ोतरी
घर में सुख-शांति और तरक्की हर किसी की चाहत होती है, लेकिन कई बार अनजाने में बने वास्तु दोष हमारी खुशियों में रुकावट बन जाते हैं. वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर की बनावट, दिशा और ऊर्जा का सीधा असर जीवन पर पड़ता है. अच्छी बात यह है कि हर समस्या का समाधान बड़े बदलाव या भारी खर्च से ही जरूरी नहीं होता. कुछ आसान और प्रभावी वास्तु उपाय अपनाकर आप घर में मौजूद नकारात्मकता को दूर कर सकते हैं और सकारात्मक ऊर्जा, सुख-समृद्धि व खुशहाली को बढ़ा सकते हैं.
हर इंसान अपने घर को सबसे ज्यादा पसंद करता है क्योंकि यही वह जगह होती है जहां पर व्यक्ति को सबसे ज्यादा सुकून और शांति की प्राप्ति होती है. लेकिन कई बार सबकुछ सामान्य रहता है लेकिन बावजूद उसके घर में तनाव, धन की कमी और परिवार के सदस्यों के बीच मतभेद का सामना करना पड़ता है.
वास्तु शास्त्र के अनुसार ऐसा घर में मौजूद नकारात्मक ऊर्जा की वजह से होता है. जिन घरों में वास्तु संबंधी दोष होता वहां पर मानसिक, शारीरिक और आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है. वास्तु शास्त्र में घर से नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने के लिए कुछ उपायों के बारे में बताया गया है जिसको करने से घर में फैली दूषित ऊर्जा खत्म होती है. घर पर सकारात्मकता आती है जीवन में सुख-शांति का संचार होता है. आइए जानते हैं वास्तु दोषों को दूर करने के उपाय.
घर का मुख्य द्वार
वास्तु शास्त्र में घर के मुख्य दरवाजें को ऊर्जा का सबसे बड़ा केंद्र माना जाता है. यह वहीं स्थान होता है जहां से सबसे ज्यादा ऊर्जा प्रवेश करती है. अगर घर के मुख्य दरवाजे पर वास्तु संबंधी दोष होता है घर में वास्तु दोष बढ़ता है. ऐसे में दरवाजे के सामने जूते-चप्पल, टूटी वस्तुएं या कूड़ा-कबाड़ नहीं रखना चाहिए और मुख्य द्वार की हर दिन साफ-सफाई रखें और गंगाजल का छिड़काव करें. इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर रहती है.
नमक से दूर करें नगेटिव एनर्जी
वास्तु में नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने के लिए कई तरह उपायों के बारे में विस्तार से बताया गया है. जिसमें सेंधा नमक को वास्तु दोष को दूर करने का प्रभावशाली माना गया है. ऐसे में सप्ताह में एक बार घर के सभी कमरों में सेंधा नमक मिले पानी से पोंछा लगाएं. वहीं बाथरूम में एक कटोरी में सेंधा नमक भरकर रख दें और कुछ दिनों के बाद उसे बहते पानी में प्रवाहित कर दें. इससे घर में फैली नकारात्मक ऊर्जा जल्द दूर हो जाती है.
पूजा स्थान का विशेष ध्यान
घर में सबसे ज्यादा सकारात्मक ऊर्जा पूजा स्थान से ही आती है और यह स्थान सकारात्मक ऊर्जा का मुख्य स्रोत होता है. ऐसे में पूजा घर में वास्तु शास्त्र के जुड़े नियमों का पालन करें, प्रतिदिन दीपक जलाएं और पूजा स्थान की विशेष सफाई करें. साथ ही इस बात का विशेष ध्यान रखें कि पूजा घर में खंडित मूर्तियां या पुराने फूल न रखें. ऐसे करने से कभी भी घर में वास्तु संबंधी दोष पैदा नहीं होगा.
घर में मौजूद पौधों का स्थान
हिंदू धर्म में कई पेड़-पौधे को बहुत ही शुभ और पवित्र माना जाता है. जिसमें तुलसी का पौधा सबसे शुभ और पवित्र माना जाता है. जिन घरों में तुलसी का पौधा होता है और नियमित रूप से पूजा-अर्जना होती है वहां पर हमेशा सुख-समृद्धि का वास होता है. तुलसी का पौधा होने से वास्तु दोष नहीं होता है.
बेडरूम में ऊर्जा का संतुलन
वास्तु में घर के हर एक हिस्सा का विशेष महत्व होता है जिसमें बेडरूम का स्थान बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है. दांपत्य जीवन में प्रेम बनाए रखने के लिए बेडरूम में बिस्तर के सामने आईना नहीं होना चाहिए और बेड के नीचे कबाड़ जमा न करें. इससे दांपत्य जीवन में कलह और मानसिक अंशांति बनी रहती है.
घंटी या शंख बजाना
जिन घरों में नियमित पूजा, शंख और घंटी बजती है वहां पर नकारात्मक ऊर्जा ज्यादा देर तक नहीं रुकती है. घंटी और शंख की ध्वनि से नकारात्मक ऊर्जा को होती है और वातावरण को शुद्ध रहता है.





