प्राइवेट पलों में कितना खतरनाक हो सकता है BDSM, क्या है और कपल क्यों करते हैं इसे?
बेंगलुरु में एक कथित BDSM रोल-प्ले के दौरान युवक की दर्दनाक मौत के मामले ने सनसनी फैला दी है. इसके बाद सवाल उठने लगा है कि आखिर BDSM होता क्या है, और क्या असल में ये खतरनाक है?
BDSM: बेंगलुरु (उत्तर-पश्चिम) में एक 27 वर्षीय महिला को अपने बॉयफ्रेंड की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. आरोप है कि यह घटना कथित BDSM रोल-प्ले के दौरान हुई, जिसमें महिला ने पहले युवक को बांधा, उसकी आंखों पर पट्टी बांधी और फिर उसे आग के हवाले कर दिया. यह घटना मंगलवार को उसके घर में हुई बताई जा रही है. जांच में यह भी सामने आया है कि महिला ने कथित तौर पर युवक के अंतिम पलों को अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड किया.
पुलिस के अनुसार, आरोपी महिला प्रेमा और मृतक किरन, दोनों की उम्र 27 साल थी. दोनों राजाजीनगर स्थित एक मोबाइल सर्विस प्रोवाइडर स्टोर में साथ काम करते थे और पिछले लगभग दो साल से रिलेशनशिप में थे. अधिकारियों को शक है कि यह हत्या उस समय हुई जब किरन ने महिला के शादी के प्रस्ताव को ठुकरा दिया था, जिससे उसके मन में नाराजगी पैदा हुई हो सकती है.
इस घटना के बाद से बीडीएसएम को लेकर लगातार चर्चा जारी है. आइये समझते हैं इससे जुड़े सभी पहलू.
BDSM क्या है?
BDSM (bondage, discipline, dominance, submission, and sado-masochism) को अक्सर “किंकी” या “टैबू” के रूप में देखा जाता है, लेकिन यह इससे कहीं अधिक है. BDSM में यौन प्राथमिकताओं और डिटेल सीरीज शामिल होती है शामिल होती है. इसमें शरीर को अलग-अलग तरह से टॉर्चर किया जाता है.
BDSM के प्रकार?
- BDSM में कई तरह के दर्द और आनंद से जुड़े अनुभव शामिल होते हैं. इसमें ये गतिविधियाँ शामिल हो सकती हैं:
- Bondage (बंधना या रोकना)
- Wax (त्वचा पर गर्म मोम गिराना)
- Impact (स्पैंकिंग, थप्पड़ मारना, कोड़े मारना)
- Sensation (पंख, पैडल या अन्य टूल्स से त्वचा पर अनुभव देना)
- Sensory deprivation (आंखों पर पट्टी, कान बंद करना, ईयरप्लग लगाना)
- Power play जैसे master-slave role-प्लेइंग
लोग BDSM की ओर क्यों आकर्षित होते हैं?
इतिहास में अक्सर यह माना जाता रहा है कि BDSM करने वाले लोगों में कोई मानसिक या मेडिकल समस्या होती है. लेकिन 2013 में American Psychiatric Association ने DSM (Diagnostic and Statistical Manual of Mental Disorders) के पांचवें संस्करण में इसे लेकर बदलाव किया और इस प्रैक्टिस को टैबू से अलग कर दिया गया. इसे अक्सर अब प्लेजर लेने के अलग-अलग तरीकों में गिना जाता है, जो प्राइलेट मूमेंट के दौरान होता है.
NIH (National Institute of Health) की रिसर्च क्या कहती है?
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के अनुसार, बड़ी संख्या में लोग BDSM (bondage and discipline, dominance and submission, sadism, and masochism) में रुचि रखते हैं. BDSM गतिविधियों के दौरान कुछ मामलों में घातक परिणाम भी सामने आए हैं. इसको लेकर पब्लिश लिट्रेचर का रिव्यू किया गया, जिसमें BDSM से जुड़े गैर-प्राकृतिक मौतों के मामलों को शामिल किया गया.
क्या हो सकती है इसमें मौत
इस अध्ययन में 17 मामले पाए गए. मृतकों की उम्र 23 से 49 वर्ष के बीच थी, और औसत उम्र 34.9 वर्ष थी. सबसे आम मौत का कारण “स्ट्रैंगुलेशन” यानी इरोटिक अस्फिक्सिएशन (दिमाग तक ऑक्सीजन पहुंचने से रोकना) के दौरान सांस रुकना था, जो 88.2% मामलों में पाया गया. 13 मामलों में टॉक्सिकोलॉजी रिपोर्ट उपलब्ध थी, जिनमें से 8 मामलों (61.5%) में मृतक में ड्रग्स या शराब की मौजूदगी पाई गई. इनमें से 4 मामलों में BDSM पार्टनर में भी वही पदार्थ पाए गए. 64.3% घातक मामलों में ड्रग्स या शराब का इस्तेमाल शामिल था. 9 मामलों में यह भी पाया गया कि मृतक और उनके पार्टनर दोनों ही BDSM गतिविधियों में नए नहीं थे.
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि सुरक्षा नियमों और सावधानियों का पालन किया जाए, तो BDSM से जुड़े जोखिमों को काफी हद तक कम किया जा सकता है. ऐसे घातक मामले दुर्लभ होते हैं और अधिकतर मामलों में इन्हें रोका जा सकता है.




