Monsoon Travel: दक्षिण भारत की इन 8 जगहों पर बारिश में मिलेगा स्वर्ग जैसा नजारा, एक बार जरूर जाएं
मानसून के दौरान दक्षिण भारत की वादियां, झरने और पहाड़ अपनी सबसे खूबसूरत छटा बिखेरते हैं. वायनाड से लेकर जोग फॉल्स तक, जानिए बारिश के मौसम में घूमने के लिए 8 बेहतरीन जगहों के बारे में.
जब तपती गर्मी के बाद आसमान में काले बादल घिरने लगते हैं और मिट्टी से सोंधी खुशबू उठने लगती है, तो दिल कहीं दूर निकल जाने को मचल उठता है. भारत में मानसून का आना सिर्फ एक मौसम का बदलना नहीं है, बल्कि प्रकृति का उत्सव है और जब बात मानसून को उसकी पूरी शिद्दत के साथ जीने की हो, तो दक्षिण भारत से खूबसूरत कोई और विकल्प नहीं हो सकता. अगर आप भी इस कड़कड़ाती रोजमर्रा की जिंदगी से ब्रेक लेकर प्रकृति की गोद में सुस्ताने का मन बना रहे हैं, तो हम आपको ले चल रहे हैं दक्षिण भारत के उन 8 चुनिंदा ठिकानों पर, जहां मानसून के दौरान कदम रखते ही आपकी रूह तरोताजा हो जाएगी.
1. वायनाड
केरल के उत्तर-पूर्वी हिस्से में स्थित वायनाड मानसून के दौरान किसी परीकथा के दृश्य जैसा नजर आता है. पश्चिमी घाट के पहाड़ों पर बसे इस हिल स्टेशन की खासियत इसके घने जंगल, मसालों के बागान और हरियाली से ढकी कंदराएं हैं. मानसून में यहां के बाणासुर सागर बांध और मीनमुट्टी झरने का वेग देखने लायक होता है. ट्रैकिंग के शौकीनों के लिए 'चेम्ब्रा पीक' पर जाना एक जादुई अहसास है, जहां पहाड़ों के बीचोबीच प्राकृतिक रूप से बनी दिल के आकार की (Heart-shaped) झील मौजूद है. धुंध के बीच इस झील को देखना जीवनभर का अनुभव बन जाता है.
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2. कूर्ग
कर्नाटक का कूर्ग (कोडागु) अपनी कॉफी की खुशबू के लिए जाना जाता है, लेकिन मानसून में इसकी खूबसूरती दोगुनी हो जाती है. लगातार होने वाली बारिश यहां की पहाड़ियों को एक नया जीवन देती है. अब्बे फॉल्स और इरिट्टी फॉल्स जैसे झरने इस मौसम में पूरे उफान पर होते हैं. सुबह-सुबह उठकर कॉफी के बागानों के बीच टहलना और धुंध की सफेद चादर को अपनी उंगलियों से छूते हुए महसूस करना. मानसून में कूर्ग की वादियों में घूमते हुए आपको समझ आएगा कि इसे 'भारत का स्कॉटलैंड' क्यों कहा जाता है.
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3. मुन्नार
केरल का मुन्नार दुनिया भर के पर्यटकों की पहली पसंद है. तीन नदियों- मुथिरपुझा, नल्लथन्नी और कुंडाली के संगम पर स्थित यह हिल स्टेशन मानसून में पूरी तरह से बदल जाता है. जब बारिश की बूंदें चाय की हरी पत्तियों पर गिरती हैं, तो पूरा नजारा चमक उठता है. अनामुडी चोटी (दक्षिण भारत की सबसे ऊंची चोटी) को बादलों के छलावे के बीच देखना. मानसून के दौरान मुन्नार की शांत झीलें और धुंधली सड़कें लॉन्ग ड्राइव के लिए एकदम मुफीद होती हैं.
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4. ऊटी
तमिलनाडु की नीलगिरी पहाड़ियों में बसा ऊटी (उदगमंडलम) भले ही एक सदाबहार टूरिस्ट स्पॉट हो, लेकिन मानसून में इसका मिजाज बिल्कुल जुदा होता है. इस मौसम में यहां सैलानियों की भीड़ थोड़ी कम होती है, जिससे आपको प्रकृति को करीब से निहारने का पूरा मौका मिलता है. नीलगिरी माउंटेन रेलवे (टॉय ट्रेन) की सवारी मानसून में और भी रोमांचक हो जाती है, जब ट्रेन बादलों और झरनों के बीच से गुजरती है. ऊटी झील में हल्की बूंदाबांदी के बीच बोटिंग करना और डोडाबेटा पीक से पूरी घाटी का विहंगम नजारा देखना.
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5. अथिरापल्ली
अगर आप मानसून की असली ताकत और गड़गड़ाहट को महसूस करना चाहते हैं, तो त्रिशूर जिले में स्थित अथिरापल्ली झरने का रुख करें. 80 फीट की ऊंचाई से गिरता यह झरना मानसून में इतना विशाल रूप ले लेता है कि इसे देखकर आंखें फटी की फटी रह जाती हैं. फिल्मों के शौकीन इसे 'बाहुबली' फिल्म के झरने के रूप में पहचानते हैं. मानसून में इसका जलस्तर देखने लायक होता है. झरने के आसपास के जंगलों में घूमना, जहां आपको कई दुर्लभ पक्षी और वन्यजीव देखने को मिल सकते हैं. यहां की हवा में घुली पानी की फुहारें आपको कई मीटर दूर से ही भिगो देती हैं.
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6. कोडैकनाल
तमिलनाडु के पलानी हिल्स में स्थित कोडैकनाल को 'हिल स्टेशनों की राजकुमारी' कहा जाता है. मानसून के दौरान यहां का मौसम बेहद रोमांटिक और जादुई हो जाता है. यहां की स्टार-शेप्ड (तारे के आकार की) कोडई झील इस मौसम में बादलों से घिरी रहती है. 'ब्रायंट पार्क' के रंग-बिरंगे फूल और 'पिलर रॉक्स' (तीन खड़ी चट्टानें) जो मानसून में बादलों के पीछे छुपती-दिखती रहती हैं.यहां की ठंडी हवाएं और लगातार चलती धुंध आपको एक अलग ही दुनिया में ले जाएगी.
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7. चिकमगलूर
बाबा बुडन गिरी पहाड़ियों की तलहटी में स्थित चिकमगलूर को भारत में कॉफी का गढ़ माना जाता है. मानसून के दौरान यह जगह प्रकृति प्रेमियों और एडवेंचर के शौकीनों के लिए जन्नत बन जाती है. मुल्लायनगिरी, जो कर्नाटक की सबसे ऊंची चोटी है, मानसून में पूरी तरह बादलों से ढक जाती है. वहां तक की ट्रैकिंग इस मौसम में बेहद रोमांचक होती है. हेब्बे फॉल्स और कलहट्टी फॉल्स की सैर. बारिश के पानी से धुले घने जंगलों के बीच से गुजरना एक रूहानी सुकून देता है.
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8. जोग फॉल्स
शरावती नदी द्वारा बनाया गया जोग फॉल्स भारत के सबसे ऊंचे झरनों में से एक है. गर्मियों में यह भले ही एक पतली धारा जैसा दिखे, लेकिन मानसून आते ही यह अपना रौद्र और सबसे खूबसूरत रूप धारण कर लेता है. राजा, रोरर, रॉकेट और रानी इन चार धाराओं से मिलकर बनने वाला यह झरना जब 830 फीट की ऊंचाई से गिरता है, तो नजारा देखने लायक होता है.सामने बने व्यू-पॉइंट से गिरते हुए पानी की विशाल गर्जना को सुनना और प्रकृति की इस असीम शक्ति के सामने नतमस्तक हो जाना.
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यात्रा पर निकलने से पहले कुछ जरूरी टिप्स
मानसून की ट्रिप जितनी खूबसूरत होती है, उतनी ही सावधानी की भी मांग करती है। अगर आप दक्षिण भारत के इन पहाड़ी इलाकों में जा रहे हैं, तो कुछ बातें हमेशा याद रखें:
- अच्छे वटरप्रूफ जूते, छाता और रेनकोट हमेशा अपने पास रखें
- पहाड़ी रास्तों पर लैंडस्लिड्स का खतरा रहता है, इसलिए निकलने से पहले मौसम और रास्तों का अपडेट जरूर लें
- मानसून में मच्छरों और कीड़ों का प्रकोप बढ़ जाता है, इसलिए ओडोमॉस और जरूरी दवाइयां साथ रखना न भूलें




