'सुंदर मगर असुरक्षित'! भारत की इन 5 जगहों से डरी सोलो ट्रैवलर, वाराणसी को बताया सबसे असुरक्षित; वायरल हुई रैंकिंग
3 महीने भारत घूमने वाली जापानी सोलो ट्रैवलर हन्ना ने अपने अनुभवों के आधार पर महिलाओं के लिए सबसे तनावपूर्ण शहरों की सूची जारी की, जिसके बाद सोशल मीडिया पर नई बहस छिड़ गई है.
क्या भारत विदेशी महिला पर्यटकों के लिए सचमुच सुरक्षित है? पिछले कुछ हफ्तों से सोशल मीडिया और न्यूज़ चैनलों पर भारतीय पर्यटकों के विदेशों में व्यवहार और भारत आने वाले मेहमानों के साथ हमारे बर्ताव को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है. इसी बीच, 'अतिथि देवो भव:' के हमारे नारे को आईना दिखाता एक वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है. जापान की सोलो ट्रैवलर हन्ना ने अपनी तीन महीने की भारत यात्रा के बाद शहरों की एक ऐसी रैंकिंग जारी की है, जिसने देश के पर्यटन विभागों और सुरक्षा दावों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं.
हन्ना ने भारत के खूबसूरत अनुभवों को तो सराहा, लेकिन साथ ही उन कड़वी सच्चाइयों को भी उजागर किया, जिनसे अमूमन विदेशी महिलाओं को दो-चार होना पड़ता है. उन्होंने सेक्सुअल हैरेसमेंट,स्टॉकिंग और गंभीर रूप से बीमार पड़ने जैसी घटनाओं का जिक्र करते हुए भारत के 5 सबसे असुरक्षित शहरों की सूची जारी की है. आइए जानते हैं कि इस जापानी ट्रैवलर की नजर में भारत के कौन से शहर महिलाओं के लिए सबसे ज्यादा तनावपूर्ण रहे.
खूबसूरत वादियों के बीच कड़वे अनुभव
हन्ना ने 10 जून को सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर अपने अनुभवों को खुलकर दुनिया के सामने रखा. उन्होंने वीडियो की शुरुआत में ही चेतावनी देते हुए कहा कि इस व्लॉग में कुछ ऐसी घटनाओं का जिक्र है जो किसी को भी असहज कर सकती हैं. उन्होंने कहा, 'एक जापानी नागरिक के तौर पर भारत में घूमने की जगहों का यह मेरा व्यक्तिगत मूल्यांकन है. मैंने भारत में अकेले तीन महीने बिताए. सच कहूं तो ज़्यादातर जगहें बेहद खूबसूरत थीं और मुझे यहां कुछ बहुत ही प्यारे और काइंड लोग मिले. लेकिन इसी यात्रा के दौरान मुझे पीछा किए जाने और यौन उत्पीड़न जैसी भयानक स्थितियों का सामना भी करना पड़ा. यह लिस्ट उन जगहों की है जहां एक जापानी अकेली महिला यात्री के तौर पर मैंने सबसे ज़्यादा असुरक्षित महसूस किया.; हन्ना की यह कहानी सिर्फ एक ट्रैवल व्लॉग नहीं है, बल्कि यह भारत के अलग-अलग कोनों में एक अकेली महिला की सुरक्षा के वास्तविक जमीनी स्तर को बयां करती है.
गुवाहाटी
नार्थ ईस्ट इंडिया को आमतौर पर महिलाओं के लिए देश के अन्य हिस्सों की तुलना में काफी सुरक्षित और फ्रेंडली माना जाता है. लेकिन हन्ना की लिस्ट में असम का प्रमुख शहर गुवाहाटी पांचवें स्थान पर है. हन्ना ने साफ किया कि वहां उनके साथ कोई सीधे तौर पर अप्रिय घटना या अपराध नहीं हुआ. इसके बावजूद, पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों या शहरों की तुलना में गुवाहाटी की सड़कों पर अकेले घूमते हुए वह खुद को सहज नहीं पा रही थी. लोगों की लगातार घूरती नजरें और अकेले होने का अहसास उन्हें असहज कर रहा था.
नई दिल्ली
देश की राजधानी नई दिल्ली सुरक्षा और स्वास्थ्य दोनों ही मोर्चों पर हन्ना की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी. हन्ना ने दिल्ली को चौथे नंबर पर रखा. उन्होंने अपने वीडियो में बताया कि उन्होंने अपनी तीन महीने की यात्रा के दौरान तीन बार दिल्ली का रुख किया. लेकिन हैरानी की बात यह रही कि वे जितनी बार भी दिल्ली आईं, हर बार गंभीर रूप से बीमार पड़ गईं. दिल्ली की जहरीली हवा, प्रदूषण और शायद खान-पान के तालमेल की कमी ने उनकी हेल्थ को इस कदर प्रभावित किया कि उन्हें लगने लगा कि दिल्ली और उनके सितारे आपस में मेल नहीं खाते.
मुंबई
मुंबई को अक्सर भारत का सबसे सुरक्षित महानगर माना जाता है, जहां महिलाएं रात के समय भी बेखौफ घूम सकती हैं. लेकिन हन्ना का अनुभव इसके बिल्कुल उलट रहा, जिसने मुंबई को उनकी सूची में तीसरे स्थान पर लाकर खड़ा कर दिया. हन्ना ने बेहद भारी मन से शेयर किया कि मुंबई में उन्हें सीधे तौर पर सेक्सुअल हैरेसमेंट का सामना करना पड़ा. इस एक खौफनाक वाकये ने मुंबई को लेकर उनके नजरिए को पूरी तरह बदल दिया. अब जब भी वे मुंबई के बारे में सोचती हैं, तो सुरक्षा की जगह उनके जेहन में वो दर्दनाक और डरावनी यादें ताजा हो जाती हैं.
रक्सौल
बिहार का सीमावर्ती शहर रक्सौल, जो भारत और नेपाल को जोड़ता है, हन्ना के लिए सबसे तनावपूर्ण अनुभवों में से एक रहा. हन्ना ने इसे दूसरे स्थान पर रखा है. जब वे नेपाल की यात्रा पूरी कर रक्सौल के रास्ते भारत लौटीं, तो उन्हें ठहरने के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ी. कई होटलों ने सिर्फ इसलिए उन्हें कमरा देने से साफ इनकार कर दिया क्योंकि वे एक विदेशी नागरिक थी. वहीं, जिन कुछ होटलों ने हामी भरी, उन्होंने एक अकेली विदेशी महिला को मजबूर पाकर सामान्य से कई गुना ज्यादा पैसों की मांग की. हन्ना के मुताबिक, अनजान जगह पर इस तरह का व्यवहार मानसिक रूप से बेहद प्रताड़ित करने वाला था.
वाराणसी
यह इस पूरी लिस्ट का सबसे चौंकाने वाला हिस्सा था. आध्यात्मिक नगरी और घाटों के शहर वाराणसी को हन्ना ने असुरक्षा के मामले में पहले स्थान पर रखा है. हालांकि, विरोधाभास यह है कि वाराणसी ही पूरे भारत में उनका सबसे पसंदीदा शहर भी है. हन्ना ने बताया कि वाराणसी की संस्कृति और सुंदरता ने उनका दिल तो जीता, लेकिन इसी शहर में उन्होंने अपनी पूरी यात्रा का सबसे खतरनाक रूप देखा. यहां उनका कई बार पीछा किया गया. हन्ना ने उस खौफनाक पल को याद करते हुए कहा, 'वाराणसी में एक वक्त ऐसा आया जब मैं सचमुच डर गई थी. मुझे लगा कि बस अब बहुत हो गया, इसका अंजाम मेरे लिए बेहद बुरा हो सकता है. मुझे अपनी शारीरिक सुरक्षा को लेकर इतना बड़ा खतरा पहले कभी महसूस नहीं हुआ था.'
भारत को लेकर नजरिया
इतने बुरे और कड़वे अनुभवों के बाद भी हन्ना के मन में भारत को लेकर कोई नफरत नहीं है. एक मैच्योर ट्रैवलर की तरह उन्होंने वीडियो के अंत में बेहद खूबसूरत बात कही. उन्होंने साफ किया कि इन शहरों को असुरक्षित कहने का मतलब यह कतई नहीं है कि ये भारत के सबसे खराब स्थान हैं. उन्होंने कहा कि यात्राएं हमेशा सीधी और आसान नहीं होतीं, वे जटिल होती हैं. कभी-कभी कोई जगह एक ही समय में आपके लिए बेहद खूबसूरत और बेहद चैलेंजिंग दोनों हो सकती है. हन्ना ने स्पष्ट किया कि यह रैंकिंग पूरी तरह से उनके व्यक्तिगत अनुभवों पर आधारित है, और मुमकिन है कि किसी दूसरे यात्री की कहानी और अनुभव इससे बिल्कुल अलग हों.
सोशल मीडिया का फूटा गुस्सा, देशवासियों ने मांगी माफी
जैसे ही हन्ना का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, इंटरनेट यूजर्स के बीच बहस छिड़ गई. बड़ी संख्या में भारतीयों, खासतौर उन शहरों के निवासियों ने हन्ना से कमेंट सेक्शन में माफी मांगी. मुंबई की एक महिला यूजर ने लिखा, 'एक मुंबईकर होने के नाते मैं पूरी तरह सहमत हूं कि हमारी सड़कों पर भी लड़कियां सुरक्षित नहीं हैं. लोग भले ही हमारी सुरक्षा के दावे करें, लेकिन असलियत यही है. दिल्ली की हवा तो वैसे ही सांस लेने लायक नहीं है, आपका बीमार पड़ना लाजिमी था.' गुवाहाटी के एक नागरिक ने बेहद इमोशनल होकर कहा, 'गुवाहाटी का निवासी होने के नाते मुझे यह जानकर बेहद दुख और शर्मिंदगी महसूस हो रही है कि हमारे शहर में आपको असहज होना पड़ा। हम इसके लिए माफी मांगते हैं.' कुछ यूजर्स ने लिखा कि भारत में अकेले घूमना किसी भी महिला के लिए एक बड़ा रिस्क है. वहीं कुछ लोगों ने हन्ना को अगली बार नागालैंड, मिजोरम या साउथ इंडियन जाने की सलाह दी, जहां का माहौल महिलाओं के लिए कहीं ज्यादा सुरक्षित और सम्मानजनक माना जाता है.




