4 चीनी टैंक लद्दाख सीमा में पहुंच गए थे? कितनी हक़ीक़त, कितना फ़साना- राहुल पर क्यों हुई BJP आगबबूला?
लोकसभा में राहुल गांधी के ‘चीनी टैंक’ बयान पर हंगामा, नरवणे की अनपब्लिश्ड किताब बना विवाद का केंद्र, सदन 3 बार हुई स्थगित, सदन में क्या हुआ और किसने क्या कहा?
लोकसभा में सोमवार को जो हुआ, वह सिर्फ हंगामा नहीं था, बल्कि यह संसद के नियम, राष्ट्रीय सुरक्षा और राजनीतिक नैरेटिव तीनों के बीच सीधा टकराव था. नेता विपक्ष राहुल गांधी जब चीन और लद्दाख के मुद्दे पर बोलने खड़े हुए, तब उनका निशाना सरकार और सेना पर था, जिसे लेकर सदन में बवाल शुरू हो गया.
राहुल जिस आधार पर सवाल उठा रहे थे, वही आधार सरकार के लिए सबसे बड़ा हथियार बन गया. अनपब्लिश्ड किताब, मैगजीन आर्टिकल और सदन के नियम इन्हीं तीन शब्दों में पूरी लोकसभा उलझकर रह गई और कार्यवाही तीन बार स्थगित करनी पड़ी. बाद में राहुल गांधी ने कहा कि मुझे बोलने नहीं दिया जा रहा है.
शुरुआत कैसे हुई?
सोमवार को लोकसभा में राहुल गांधी ने पूर्व थलसेना प्रमुख मनोज मुकुंद नरवणे की अनपब्लिश्ड किताब का हवाला देते हुए कहा कि चार चीनी टैंक लद्दाख सीमा में भारतीय ठिकानों के बेहद करीब आ गए थे. राहुल गांधी ने कहा, “मैं एक मैगजीन के आर्टिकल को कोट कर रहा हूं, जिसमें पूर्व आर्मी चीफ की किताब का जिक्र है.”
रक्षा मंत्री और गृह मंत्री का विरोध
बयान आते ही पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और फिर गृह मंत्री अमित शाह खड़े हुए. दोनों की आपत्ति का केंद्र था- स्रोत. राजनाथ सिंह ने कहा कि अगर यह प्रकाशित है तो उसका जिक्र करें, नहीं तो छोड़ दें. अमित शाह ने कहा कि यह मैगजीन की रिपोर्ट है. नरवणे जी ने ऐसा नहीं कहा. मैगजीन कुछ भी लिख सकती है. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने नियमों का हवाला दिया कि सदन में अखबार की कटिंग ही रखी जा सकती है, अनपब्लिश्ड सामग्री नहीं.
कितनी बार स्थगित हुई लोकसभा?
- पहली बार राहुल गांधी लगभग 46 मिनट तक अपनी बात रखने की कोशिश करते रहे. हंगामे के बाद कार्यवाही दोपहर 3 बजे तक स्थगित.
- दूसरी बार 3 बजे जब राहुल गांधी ने बोलना शुरू हुआ तो 9 मिनट में फिर से हंगामा शुरू हो गया. सदन शाम 4 बजे तक स्थगित हो गई.
- तीसरी बार शान 4 बजे सदन शुरू होते ही दोबारा हंगामा हुआ. 11 मिनट बाद कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित.
किसने कितनी बार टोका?
- राजनाथ सिंह: 11 बार
- अमित शाह: 7 बार
- किरण रिजिजू: 2 बार
- अनुराग ठाकुर: 6 बार
लोकसभा के अंदर क्या हुई बातचीत?
- लोकसभा में चर्चा के दौरान नेता विपक्ष राहुल गांधी ने दावा किया कि डोकलाम में चीनी टैंक भारत की सीमा तक पहुंच गए थे. उन्होंने कहा कि यह जानकारी वह एक मैगजीन में छपे आर्टिकल के आधार पर दे रहे हैं, जिसमें पूर्व आर्मी चीफ एमएम नरवणे की मेमॉयर का हवाला दिया गया है.
- राहुल गांधी की इस बात पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह तुरंत खड़े हुए और आपत्ति जताते हुए कहा कि अगर ये बातें प्रकाशित हैं तो उनका स्पष्ट उल्लेख किया जाए, अन्यथा इस विषय को यहीं छोड़ा जाए.
- इसके जवाब में राहुल गांधी ने कहा, “आप सब ध्यान से सुनिए कि मैं क्या पढ़ रहा हूं. इससे साफ हो जाएगा कि कौन देशभक्त है और कौन नहीं. चार चीनी टैंक भारत की धरती की ओर बढ़ रहे थे और वे महज कुछ सौ मीटर की दूरी पर थे.”
- इस पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि राहुल गांधी सदन में नेता विपक्ष हैं और उनसे अपेक्षा की जाती है कि वे ऑथेंटिक और प्रमाणिक स्रोतों के साथ अपनी बात रखें. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जब सांसद प्रियंका ने अपनी बात रखी थी, तो उसे प्रमाणिक तरीके से प्रस्तुत किया गया था.
- राहुल गांधी ने जवाब में कहा कि उनकी जानकारी “सौ प्रतिशत ऑथेंटिक” है. इसके बाद राजनाथ सिंह ने फिर दोहराया कि राहुल गांधी केवल यह स्पष्ट कर दें कि जिस किताब का हवाला दिया जा रहा है, वह प्रकाशित हुई है या नहीं. इसी बात को लेकर लोकसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जोरदार हंगामा शुरू हो गया.
- स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि रक्षा मंत्री की आपत्ति सही है और राहुल गांधी को नियमों के तहत इसका जवाब देना चाहिए. उन्होंने याद दिलाया कि राहुल सदन में नेता विपक्ष हैं और उन्हें संसदीय मर्यादा के अनुसार बोलना चाहिए.
- राहुल गांधी ने कहा कि नरवणे की किताब में रक्षा मंत्री और प्रधानमंत्री दोनों का उल्लेख है और वह सिर्फ वही बात सदन में रख रहे हैं. इस पर राजनाथ सिंह ने साफ कहा कि जिस किताब की चर्चा की जा रही है, वह अभी तक प्रकाशित ही नहीं हुई है.
- इसके बाद गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि यह केवल एक मैगजीन की रिपोर्ट है और नरवणे ने सार्वजनिक रूप से ऐसा कोई बयान नहीं दिया है. उन्होंने कहा कि मैगजीन में कुछ भी लिखा जा सकता है.
- लोकसभा अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि सदन में केवल अखबार की कटिंग को ही रिकॉर्ड का हिस्सा बनाया जा सकता है, इसके अलावा किसी अन्य सामग्री की अनुमति नहीं है. राहुल गांधी ने फिर कहा कि ये बातें नरवणे ने ही कही हैं, लेकिन उनकी किताब को प्रकाशित नहीं होने दिया गया.
- अमित शाह ने पलटवार करते हुए कहा कि राहुल गांधी खुद मान रहे हैं कि किताब प्रकाशित नहीं हुई है, ऐसे में चर्चा यहीं समाप्त हो जाती है. जो किताब पब्लिश ही नहीं हुई, उसका हवाला सदन में नहीं दिया जा सकता.
- इसके बाद स्पीकर ने माइक का नियंत्रण बंद करने के निर्देश दिए. राजनाथ सिंह ने कहा कि राहुल गांधी सदन के नियमों का उल्लंघन न करें. उन्होंने यह भी कहा कि अगर राहुल गांधी किताब लेकर आते हैं तो वह खुद देखना चाहते हैं, क्योंकि उनका दावा है कि वह किताब प्रकाशित नहीं हुई है.
- राहुल गांधी ने फिर कहा कि वह केवल एक मैगजीन में छपे आर्टिकल को कोट कर रहे हैं. इस पर राजनाथ सिंह ने लोकसभा अध्यक्ष से आग्रह किया कि इस मुद्दे पर सदन में बोलने की अनुमति न दी जाए.
- इसी दौरान समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि चीन से जुड़ा मामला बेहद संवेदनशील है और अगर यह राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित है, तो राहुल गांधी को अपनी बात रखने दी जानी चाहिए.
- संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार सुनने के लिए तैयार है, लेकिन अध्यक्ष पहले ही रूलिंग दे चुके हैं और इसके बावजूद राहुल गांधी पढ़ते जा रहे हैं, जो नियमों के खिलाफ है.
- स्पीकर ओम बिरला ने दोहराया कि सदन में अपनी बात रखने का अधिकार सभी को है, लेकिन वह अधिकार नियमों के दायरे में ही प्रयोग किया जाना चाहिए.
- अंत में राहुल गांधी ने कहा कि सरकार की ओर से विपक्ष के चरित्र पर सवाल उठाए गए हैं और उन्हें एंटी नेशनल कहा गया है.
- इस पर अमित शाह ने जवाब दिया कि उन्होंने तेजस्वी यादव का भाषण ध्यान से सुना था, जिसमें विपक्ष की देशभक्ति पर कोई सवाल नहीं उठाया गया. उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा पर सवाल उठाना और चरित्र पर आरोप लगाना, दोनों अलग-अलग बातें हैं.
- अमित शाह ने यह भी सवाल किया कि राहुल गांधी जिन चीनी टैंकों की बात कर रहे हैं, उनकी जानकारी उन्हें किस स्रोत से मिली.
चीनी टैंक घुसपैठ के वक्त क्या हुआ था?
कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक मैगजीन में प्रकाशित आर्टिकल के पन्ने शेयर किए. इस आर्टिकल में पूर्व थलसेना प्रमुख मनोज मुकुंद नरवणे की अनपब्लिश्ड आत्मकथा Four Stars of Destiny के अंश बताए गए हैं. इन अंशों में 31 अगस्त 2020 को पूर्वी लद्दाख में भारत–चीन सीमा पर बने तनावपूर्ण हालात का विस्तृत ब्योरा दिया गया है.
- रात 8:15 बजे: नॉर्दर्न कमांड के चीफ लेफ्टिनेंट जनरल योगेश जोशी को सूचना मिली कि चीनी पैदल सेना के समर्थन के साथ चार चीनी टैंक पूर्वी लद्दाख में रेचिन ला की ओर जाने वाली खड़ी पहाड़ी पगडंडी से आगे बढ़ रहे हैं.
- रात 8:15–8:30 बजे: लेफ्टिनेंट जनरल योगेश जोशी ने हालात की गंभीरता देखते हुए सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे को जानकारी दी; बताया गया कि चीनी टैंक कैलाश रेंज में भारतीय ठिकानों से कुछ सौ मीटर की दूरी पर हैं, चेतावनी के तौर पर भारतीय सैनिकों ने रोशनी वाला गोला दागा, लेकिन टैंक नहीं रुके.
- रात 8:30 बजे के बाद: सेना प्रमुख नरवणे ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत और विदेश मंत्री एस. जयशंकर से संपर्क कर स्थिति से अवगत कराया और स्पष्ट निर्देश मांगे.
- रात 9:10 बजे: नॉर्दर्न कमांड से दोबारा सूचना आई कि चीनी टैंक अब दर्रे से एक किलोमीटर से भी कम दूरी पर रह गए हैं.
- रात 9:25 बजे: सेना प्रमुख नरवणे ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को फिर फोन कर तत्काल और स्पष्ट निर्देश मांगे, लेकिन कोई ठोस फैसला नहीं मिला; इसी दौरान PLA कमांडर मेजर जनरल ल्यू लिन का संदेश आया, जिसमें तनाव कम करने और अगले दिन सुबह 9:30 बजे स्थानीय कमांडरों की बैठक का प्रस्ताव दिया गया.
- रात 10:00 बजे: नरवणे ने चीनी कमांडर के प्रस्ताव की जानकारी रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और एनएसए अजित डोभाल को दी.
- रात 10:10 बजे: नॉर्दर्न कमांड से फिर सूचना मिली कि चीनी टैंक नहीं रुके हैं और अब चोटी से सिर्फ 500 मीटर दूर हैं; लेफ्टिनेंट जनरल योगेश जोशी ने बताया कि उन्हें रोकने का एकमात्र विकल्प मीडियम आर्टिलरी से फायर खोलना है.
- रात 10:10–10:30 बजे: सेना मुख्यालय में सैन्य विकल्पों पर लगातार चर्चा होती रही और पूरे नॉर्दर्न फ्रंट को हाई अलर्ट पर रखा गया.
- रात 10:30 बजे: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सेना प्रमुख नरवणे को फोन कर बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात हो चुकी है और प्रधानमंत्री का निर्देश था—“जो उचित समझो, वो करो”; इसके बाद यह निर्णय पूरी तरह सैन्य नेतृत्व पर छोड़ दिया गया.
किन नेताओं ने क्या कहा?
संसदीय परंपराओं के खिलाफ: मनीष तिवारी
दिल्ली में संसद के भीतर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बयान को लेकर कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने सरकार और ट्रेजरी बेंचों पर गंभीर सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि सत्तापक्ष संसद की दोनों सदनों की परंपराओं, रीति-रिवाजों और प्रथाओं से अनभिज्ञ नजर आता है. मनीष तिवारी ने कहा कि यह तर्क देना कि राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर संसद में चर्चा नहीं हो सकती, पूरी तरह गलत और भ्रामक है.
राहुल गांधी का व्यवहार असंवैधानिक: जीतन राम मांझी
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि राहुल गांधी गलत बातें कह रहे थे और उनका व्यवहार असंवैधानिक था. जीतन राम मांझी ने सवाल उठाया कि अगर इस तरह की घटनाएं लगातार होती रहीं, तो संसद कैसे चलेगी और संविधान कैसे काम करेगा. उन्होंने कहा कि सदन की मर्यादा और संवैधानिक व्यवस्था का पालन सभी सदस्यों की जिम्मेदारी है.
सीमा और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा जरूरी: अखिलेश यादव
दिल्ली में संसद के भीतर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बयान पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और सांसद अखिलेश यादव ने सरकार के रवैये पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी सदन में बेहद अहम मुद्दे उठाना चाहते थे और जब बात सीमा सुरक्षा, राष्ट्रीय सुरक्षा और चीन सीमा की आती है, तो यह और भी गंभीर हो जाता है. अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी के नेता समय-समय पर सरकार को आगाह करते रहे हैं कि पाकिस्तान से ज्यादा चीन को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है, क्योंकि चीन की नजर लगातार हमारी सीमाओं पर रही है.
चर्चा से डरने वाली सरकार लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं: शशि थरूर
दिल्ली में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के संसद के भीतर दिए गए बयान पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने सरकार के रवैये पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार चर्चा से डरती नजर आ रही है. शशि थरूर के मुताबिक, सरकार को इस तरह की प्रतिक्रिया देने के बजाय खुली बहस को प्रोत्साहित करना चाहिए था, ताकि भ्रम दूर होता और स्थिति स्पष्ट होती.
सदन की गरिमा भंग कर रहे हैं राहुल गांधी: गिरिराज सिंह
दिल्ली में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के संसद के भीतर दिए गए बयान पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कड़ा पलटवार किया. उन्होंने कहा कि जिस तरह राहुल गांधी अनुशासनहीनता दिखा रहे हैं और सदन में स्पीकर के आदेशों का पालन तक नहीं कर रहे, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. गिरिराज सिंह ने तंज कसते हुए पूछा कि 1962 में आपके दादा-परदादा ने चीन को कितनी जमीन दी थी? केंद्रीय मंत्री ने कहा कि फिलहाल राहुल गांधी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा करनी चाहिए, तभी नेता प्रतिपक्ष की गरिमा बनी रह सकती है.
FAQ
Q1. राहुल गांधी ने संसद में क्या दावा किया?
राहुल गांधी ने दावा किया कि लद्दाख में चार चीनी टैंक भारतीय सीमा तक पहुंच गए थे.
Q2. सरकार ने राहुल गांधी को क्यों रोका?
सरकार का कहना था कि जिस किताब का हवाला दिया गया, वह प्रकाशित नहीं है, इसलिए नियमों के तहत उस पर चर्चा नहीं हो सकती.
Q3. ‘Four Stars of Destiny’ किताब क्या है?
यह पूर्व आर्मी चीफ मनोज मुकुंद नरवणे की आत्मकथा है, जो अभी तक रक्षा मंत्रालय की मंजूरी के कारण प्रकाशित नहीं हुई है.
Q4. लोकसभा कितनी बार स्थगित हुई?
राहुल गांधी के भाषण के दौरान लोकसभा की कार्यवाही तीन बार स्थगित हुई.





