बहुत देर कर दी पाकिस्तान और चीन को हद बताने में, डोकलाम विवाद के बीच नरवणे का Video Viral
Rahul Gandhi के संसद बयान के बाद BJP ने अपने एक्स अकाउंट पर एमएम नरवणे का एक पुराना वीडियो शेयर किया है.
Manoj Naravane
राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान सोमवार को लोकसभा में जमकर हंगामा देखने को मिला. यह हंगामा तब शुरू हुआ, जब कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने डोकलाम मुद्दे को उठाते हुए पूर्व थल सेनाध्यक्ष जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की अप्रकाशित किताब और एक मैग्जीन आर्टिकल का हवाला दिया. राहुल गांधी ने इस आधार पर केंद्रीय रक्षा मंत्री और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए.
राहुल गांधी के इस बयान के बाद सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई. इसी बीच अब भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पूर्व आर्मी चीफ जनरल नरवणे का एक पुराना वीडियो शेयर कर जवाबी हमला बोला है, जिससे यह विवाद और गहरा गया है.
क्या खास है नरवणे के पुराने वीडियो में?
लोकसभा में हंगामे के बीच बीजेपी ने एक्स पर जनरल मनोज मुकुंद नरवणे का एक वीडियो क्लिप साझा किया. यह वीडियो डोकलाम विवाद के समय का बताया जा रहा है, जिसमें नरवणे यह स्पष्ट करते नजर आते हैं कि भारत की जमीन पूरी तरह सुरक्षित है. वीडियो में पूर्व सेना प्रमुख कहते हैं कि “एक इंच भी जमीन नहीं खोई गई है.” बीजेपी ने इस वीडियो के जरिए राहुल गांधी के दावों पर सवाल उठाने की कोशिश की है.
सोशल पर क्यों भड़के यूजर्स?
भाजपा द्वारा शेयर किए गए पुराने वीडियो पर अब यूजर्स ये सवाल कर रहे हैं कि जब सरकार को डर नहीं तो फिर क्यों नहीं किताब को छपने देते? एक यूजर ने कमेंट करके लिखा कि 'डर क्यो रहे हो फिर नरवाने जी की किताब को छपने दो और राहुल जी को संसद में बोलने दो. मोदी जी का यह डर अच्छा लगा.' दूसरे यूजर ने लिखा कि 'सफाई देनी पड़ रही है.... मतलब LoP की बात मे point है.'
क्यों चर्चा में नरवणे का पुराना इंटरव्यू?
जनरल नरवणे का 2023 का एक इंटरव्यू भी इस विवाद के बीच फिर चर्चा में आ गया है. उस इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि भारत और भारतीय सेना को दुनिया को यह दिखाने में समय लगा कि अब बहुत हो चुका है और पड़ोस में दादागिरी करने वालों को चुनौती दी जा सकती है.
उन्होंने कहा था कि भारतीय सेना ने यह संदेश साफ तौर पर दे दिया है कि वह किसी भी दबाव के आगे झुकने वाली नहीं है. पूर्व सेना प्रमुख ने यह भी कहा था कि 16 जून की तारीख चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग कभी नहीं भूलेंगे. इसी दिन हिमालय में भारतीय सेना के साथ हुई झड़प में चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) को दो दशकों में पहली बार भारी नुकसान उठाना पड़ा था.





