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जगन्नाथ मंदिर के पास कितना पैसा? जानकर लगेगा '440 वोल्ट' का झटका! आखिरी बार कब हुई थी खजाने की गिनती

ओडिशा के पुरी स्थित जगन्नाथ मंदिर में करीब 48 सालों के लंबे इंतजार के बाद रत्न भंडार की गिनती का ऐतिहासिक कार्य शुरू हो गया है. आखिर जगन्नाथ पुरी मंदिर के पास कितना पैसा है?

Jagannath Temple Ratna Bhandar
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Jagannath Temple

( Image Source:  AI: Sora )
विशाल पुंडीर
Edited By: विशाल पुंडीर4 Mins Read

Updated on: 26 March 2026 2:26 PM IST

ओडिशा के पुरी स्थित जगन्नाथ मंदिर में करीब 48 सालों के लंबे इंतजार के बाद रत्न भंडार की गिनती का ऐतिहासिक कार्य शुरू हो गया है. बुधवार को शुभ मुहूर्त में दोपहर 12:09 बजे से 1:40 बजे के बीच पारंपरिक विधि-विधान के साथ मंदिर में रखे बहुमूल्य आभूषणों की इन्वेंट्री तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की गई है.

यह प्रक्रिया न सिर्फ धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि ऐतिहासिक और आर्थिक नजरिए से भी बेहद खास मानी जा रही है. रत्न भंडार में मौजूद सोना, चांदी और कीमती रत्नों को लेकर सालों से लोगों में उत्सुकता बनी हुई थी, जो अब इस गिनती के जरिए धीरे-धीरे सामने आएगी. हर किसी के मन में सवाल उठ रहा है कि आखिर जगन्नाथ मंदिर के पास कितना पैसा है?

किन-किन चीजों की हो रही गिनती?

मंदिर प्रशासन द्वारा तैयार मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुसार, इस पूरी प्रक्रिया को अलग-अलग चरणों में पूरा किया जा रहा है. सबसे पहले उन आभूषणों की गिनती की जा रही है, जिनका उपयोग रोजाना पूजा-पाठ में किया जाता है. इसके बाद रत्न भंडार के बाहरी कक्ष को खोला जाएगा और अंत में आंतरिक कक्ष की जांच और गिनती की जाएगी, जहां सबसे ज्यादा मूल्यवान खजाना होने का अनुमान है.

श्रद्धालुओं के लिए क्या गाइडलाइंस?

गिनती के दौरान मंदिर की नियमित पूजा-पाठ व्यवस्था को प्रभावित नहीं होने दिया गया है. श्रद्धालुओं को ‘बाहरा कथा’ से दर्शन की अनुमति दी गई है, जबकि ‘भीतरा कथा’ क्षेत्र में प्रवेश पर अस्थायी रोक लगाई गई है. प्रशासन का कहना है कि पूरी प्रक्रिया को सुरक्षा और पारदर्शिता के साथ संपन्न किया जा रहा है, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना न रहे.

जगन्नाथ मंदिर के पास कितना पैसा?

पुरी का जगन्नाथ मंदिर देश के सबसे समृद्ध धार्मिक स्थलों में गिना जाता है. रिपोर्ट के मुताबिक मंदिर के पास ₹150 करोड़ से अधिक की बैंक जमा राशि और 30,000 एकड़ से ज्यादा जमीन मौजूद है. अनुमान है कि रत्न भंडार में रखे सोना, चांदी और कीमती रत्नों की कुल कीमत 100 करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है. इसके अलावा, मंदिर को हर साल भारी मात्रा में दान भी प्राप्त होता है.

1 साल में कितना दान?

रिपोर्ट के मुताबिक, मंदिर को एक साल में 18 करोड़ रुपये से अधिक का दान मिला है. वहीं, मंदिर की दान पेटी में हर साल करोड़ों रुपये का चढ़ावा आता है, जो इसकी आर्थिक मजबूती को दर्शाता है.

कब हुई थी आखिरी बार गिनती?

इससे पहले साल 1978 में 13 मई से 23 जुलाई के बीच रत्न भंडार की गिनती की गई थी. उस समय कुल 128 किलो से अधिक सोना और 221 किलो से ज्यादा चांदी के आभूषण दर्ज किए गए थे. उस दौर में पूरी प्रक्रिया को पूरा करने में 72 दिन लगे थे, जबकि इस बार आधुनिक तकनीक की मदद से इसे कम समय में पूरा करने की योजना बनाई गई है.

क्यों अहम है यह प्रक्रिया?

रत्न भंडार की गिनती केवल संपत्ति का आकलन नहीं, बल्कि देश की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को व्यवस्थित रूप से संरक्षित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है. दशकों बाद हो रही यह प्रक्रिया पूरे देश के श्रद्धालुओं और इतिहासकारों के लिए बेहद महत्वपूर्ण बन गई है.

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