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मां थी निशाना बीच में आई मासूम, तेज़ाब से खराब हुई 12 साल की बच्ची की आंख; आरोपी को अब मिली उम्र कैद की सजा

अजमेर में 12 साल की बच्ची पर हुए एसिड अटैक मामले में कोर्ट ने आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई है. हमले में बच्ची की एक आंख चली गई और चेहरा बुरी तरह झुलस गया.

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( Image Source:  AI Sora )
रूपाली राय
Edited By: रूपाली राय3 Mins Read

Published on: 26 March 2026 1:52 PM

राजस्थान के अजमेर जिले में एक बेहद दर्दनाक और क्रूर घटना हुई थी, जिसमें एक मासूम 12 साल की बच्ची के चेहरे पर तेजाब फेंक दिया गया. इस हमले में बच्ची की एक आंख खराब हो गई और उसके चेहरे पर गहरे घाव हो गए. इस मामले में आरोपी मोहम्मद इस्माइल को कोर्ट ने उम्र कैद की सजा सुनाई है. कोर्ट ने साफ कहा है कि आरोपी को आखिरी सांस तक जेल में ही रहना होगा. 25 अप्रैल 2025 को यह घटना हुई थी. पीड़िता की मां हेनबी अपनी 12 वर्षीय बेटी मोजबी के साथ चित्तौड़गढ़ रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर खड़ी थी. इसी दौरान आरोपी मोहम्मद इस्माइल बोतल में तेजाब लेकर वहां पहुंचा. उसकी नीयत हेनबी पर हमला करने की थी, लेकिन बच्ची मोजबी ने अपनी मां को बचाने की कोशिश की.

इसी बीच आरोपी ने तेजाब की बोतल मोजबी के चेहरे पर फेंक दी. तेजाब सीधे बच्ची के चेहरे पर गिरा, जिससे उसके चेहरे पर गंभीर जलन और जख्म हो गए तथा उसकी एक आंख पूरी तरह खराब हो गई. मां हेनबी ने अपनी बेटी को बचाने और आरोपी को पकड़ने की कोशिश की, तो आरोपी ने उन पर भी तेजाब फेंक दिया. इससे मां के शरीर पर भी तेजाब गिरा और वे भी झुलस गईं. आरोपी इस घटना के बाद मौके से फरार हो गया, लेकिन पुलिस ने बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया.

मेडिकल रिपोर्ट क्या कहती है?

मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार, इस हमले में पीड़िता मोजबी के शरीर का सिर्फ 2-4 प्रतिशत हिस्सा ही क्षतिग्रस्त हुआ था, क्योंकि तेजाब ज्यादातर उसके चेहरे पर पड़ा था. बाकी शरीर सुरक्षित रहा, लेकिन चेहरे पर हुए निशान और आंख की क्षति जीवनभर रहने वाली है.

कोर्ट ने क्या कहा?

फैसला सुनाते हुए जज उत्तमा माथुर ने बहुत सख्त और भावुक शब्दों में कहा, 'आरोपी द्वारा फेंका गया तेजाब सिर्फ एक छोटी बच्ची पर हमला नहीं था. यह पूरे सभ्य समाज की आत्मा और मानवता पर एक क्रूर हमला था. चेहरा इंसान की पहचान और आत्मसम्मान का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होता है. आरोपी की मंशा सिर्फ पीड़िता को शारीरिक चोट पहुंचाना नहीं थी, बल्कि उसे जीवनभर मानसिक रूप से तोड़कर रख देने की थी.' जज ने आगे कहा कि आरोपी ने बच्ची को इतनी बुरी तरह से नुकसान पहुंचाया कि वह पूरे जीवन तक इस आघात से बाहर नहीं निकल पाएगी. मां ने बेटी को बचाने की कोशिश की लेकिन आरोपी ने उन पर भी हमला कर दिया. कोर्ट ने आरोपी मोहम्मद इस्माइल को आजीवन कारावास की सजा के साथ-साथ दो लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है.

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