Cyclone Ditwah: तमिलनाडु–पुडुचेरी में अलर्ट, श्रीलंका में 132 लोगों की मौत; भारत ने लॉन्च किया 'ऑपरेशन सागर बंधु'- TOP UPDATES
चक्रवाती तूफान Ditwah ने श्रीलंका में भारी तबाही मचाई है, जहां बाढ़ और भूस्खलन में मरने वालों की संख्या बढ़कर 123 हो गई है. देशभर में इमरजेंसी लागू कर दी गई है. भारत ने तुरंत मदद भेजते हुए 80 NDRF कर्मियों और 2 Chetak हेलिकॉप्टरों को ऑपरेशन Sagar Bandhu के तहत तैनात किया है. उधर तमिलनाडु और पुडुचेरी में भी भारी बारिश, तेज़ हवाओं और समुद्र में उफान को लेकर अलर्ट जारी है. IMD का कहना है कि तूफान 30 नवंबर की सुबह दक्षिण भारत के तटों के पास पहुंचेगा.
Cyclone Ditwah ने श्रीलंका में भारी तबाही मचाने के बाद भारतीय तटों की ओर रुख कर लिया है. श्रीलंका में अब तक 132 लोगों की मौत हुई , जबकि सैकड़ों लोग घायल हुए हैं. वहीं, बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे को नुकसान की खबर है. स्थिति को देखते हुए राष्ट्रपति अनुरा कुमार दिसानायके ने पूरे देश में आपातकाल (State of Emergency) लागू कर दिया है.
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि चक्रवात के प्रभाव से तमिलनाडु, पुडुचेरी और दक्षिण आंध्र प्रदेश के तटीय जिलों में 29 और 30 नवंबर को भारी से अत्यधिक भारी वर्षा हो सकती है.
श्रीलंका में तबाही: बचाव अभियान जारी
- Cyclone Ditwah शुक्रवार को श्रीलंका से बाहर निकल गया, लेकिन उसके प्रभाव से देशभर में बाढ़, भूस्खलन और भीषण विनाश की स्थिति बनी हुई है.
- श्रीलंकाई सेना व नौसेना ने बड़े पैमाने पर रेस्क्यू अभियान शुरू किया है.
- नौसेना ने 68 लोगों को एक बस की छत से बचाया, जो बाढ़ का पानी आने के बाद 29 घंटे से फंसे हुए थे.
- श्रीलंका एयरपोर्ट पर करीब 300 अंतरराष्ट्रीय यात्री, जिनमें 150 भारतीय तमिल शामिल हैं, तीन दिनों से फंसे हुए हैं.
- श्रीलंकाई सरकार ने बताया कि चक्रवात के प्रभाव से देशभर में घर, सड़कें, पुल और बिजली ढांचा बुरी तरह प्रभावित हुआ है.
भारत की त्वरित सहायता: Operation Sagar Bandhu
भारत ने एक बार फिर 'First Responder' की भूमिका निभाते हुए श्रीलंका के लिए बड़ी सहायता भेजी है. 80 NDRF कर्मी और 4 सर्च डॉग्स को शनिवार सुबह IAF के IL-76 विमान से कोलंबो भेजा गया. टीम के पास फुलाए जाने वाले बोट, हाइड्रोलिक कटर, रेस्क्यू टूल्स, कम्युनिकेशन सेट और मेडिकल किट हैं.
भारतीय नौसेना के INS Vikrant के दो Chetak हेलिकॉप्टर भी रेस्क्यू मिशन में लगे हैं. विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बताया कि यह सहायता Operation Sagar Bandhu के तहत भेजी जा रही है, ताकि श्रीलंका को जल्द से जल्द राहत मिल सके.
भारत ने हेल्प डेस्क बनाया- फंसे भारतीयों को भोजन–पानी उपलब्ध
- कोलंबो स्थित भारतीय उच्चायोग ने आपातकालीन हेल्प डेस्क स्थापित किया है.
- हेल्पलाइन नंबर: +94 773727832 (WhatsApp पर भी उपलब्ध)
- फंसे यात्रियों को भोजन और पानी उपलब्ध कराया जा रहा है.
- हवाई अड्डे पर रुके भारतीय यात्रियों को लगातार सहायता मिल रही है.
तमिलनाडु–पुडुचेरी में अलर्ट: तटों पर तेज हवाएँ, ऊंची लहरें
Cyclone Ditwah अब उत्तर–उत्तर पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है और 30 नवंबर की सुबह तक दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में नॉर्थ तमिलनाडु व पुडुचेरी तट के करीब पहुंच सकता है. IMD के अनुसार, 29 नवंबर को निम्न जिलों में अत्यधिक भारी वर्षा की आशंका है;
- कडलूर
- नागपट्टिनम
- मयिलादुथुरै
- विल्लुपुरम
- चेंगलपट्टू
- पुडुचेरी–कराईकल क्षेत्र
सभी प्रभावित जिलों में बनाए गए पर्याप्त राहत शिविर
तमिलनाडु के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री केकेएसएसआर रामचंद्रन ने बताया कि सभी प्रभावित जिलों में पर्याप्त राहत शिविर बनाए गए हैं. प्रशासन पूरी तरह तैयार है. तटीय इलाकों में हाई टाइड और तेज हवाओं के बीच पुलिस व NDRF तैनात है. पुडुचेरी के तटीय हिस्सों में समुद्र में उफान, तेज हवाएँ और रुक-रुक कर बरसात जारी है.
भारतीय तट की ओर बढ़ रहा है चक्रवात
श्रीलंका से निकलने के बाद Ditwah अब भारत के तटीय राज्यों की ओर बढ़ रहा है. IMD के अनुसार, चक्रवात Chennai Coast के समानांतर एक coastal bypass rider के रूप में आगे बढ़ेगा. 1 दिसंबर तक यह Deep Depression के रूप में मौजूद रह सकता है. तटीय मछुआरों को समुद्र में न जाने की कड़ी सलाह दी गई है.
कुल मिलाकर, Cyclone Ditwah ने श्रीलंका में भारी तबाही मचाने के बाद अब भारत के दक्षिणी तटीय इलाकों में मौसम को गंभीर रूप से प्रभावित करना शुरू कर दिया है. भारत लगातार राहत सामग्री, बचाव दल और हेलिकॉप्टर भेजकर श्रीलंका की मदद कर रहा है, वहीं तमिलनाडु और पुडुचेरी में प्रशासन अलर्ट पर है.





