ज्वेलरी इंडस्ट्री को कितनी भारी पड़ेगी PM मोदी की एक अपील, खाली बाजार, सुनी दुकानों का कितनों पर होगा असर?
पीएम मोदी की अपील के बाद अब ज्वेलर्स, कारीगर और ज्वेलरी एसोसिएशन के बयान भी सामने आने लगे हैं. इसको लेकर देश की बुलियन और ज्वेलरी एसोसिएशन के प्रेसिडेंट योगेश सिंघल ने स्टेट मिरर हिंदी से बातचीत की.
मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग का असर अब सीधे तौर पर भारत में भी देखने मिलने लगा है. जंग कब खत्म होगी ये तो अभी नहीं कहा जा सकता है लेकिन इसको लेकर अब भारत ने भी अपनी कमर कस ली है, पीएम मोदी ने हाल ही में देश की जनता से तेल-ईंधन बचाने और सोना न खरीदने की अपील की है. हालांकि इसको लेकर काफी सवाल भी उठ रहे हैं.
अब सोना न खरीदने वाली अपील पर ज्वैलर्स, कारीगर और ज्वेलरी एसोसिएशन के बयान भी सामने आने लगे हैं. इसको लेकर देश की बुलियन और ज्वेलरी एसोसिएशन के प्रेसिडेंट योगेश सिंघल ने स्टेट मिरर हिंदी से बातचीत की और बताया कि अगले 1 साल तक सोना न खरीदने से ज्वेलरी इंडस्ट्री, कारीगरों पर क्या असर पड़ेगा?
सरकार के फैसले पर क्या बोले सिंघल?
योगेश सिंघल का कहना है कि "प्रधानमंत्री ने अगर ये कहा है कि सोना ना खरीदें उनकी इस अपील का वो देश का नागरिक होने के नाते हम समर्थन करते हैं लेकिन बड़ा सवाल ये है कि जनता खरीदना बंद करेगी क्या और उन हजारों-लाखों मजदूरों का क्या होगा जो आभूषण बनाते हैं जिनकी कड़ी मेहनत के बाद एक अच्छा ज्वेलरी तैयार होती है उनकी रोजी रोटी क्या होगा? सरकार को अगर विदेशी मुद्रा भण्डार बचाना ही है तो सरकार मेकिंग इंडिया मिशन को बढ़ावा दे, टैक्स में रियायत दे सरकार को अपनी तरफ से भी कदम उठाने चाहिए."
आगे उन्होंने कहा कि "मोदी जी ने ये तो कह दिया कि आपके यहां कितनी भी जरूरी शादी या समारोह हो आप सोना नहीं खरीदेंगे. लेकिन उसका कोई सब्सिट्यूट नहीं दिया है कि आप सोना न खरीदे और इसकी जगह ये काम कर ले. ऐसे में ज्वेलर्स क्या करें ये काफी असमंजस की स्थिति है."
किस स्कीम को लॉन्च करने की कही बात?
योगेश सिंघल ने कहा कि "सरकार को पहले ज्वेलरी इंडस्ट्री से बातचीत करनी चाहिए. कि हम चाहते है कि सोने का इम्पोर्ट रूक जाए तो वो हो सकता है. हमने तो उनको प्रपोजल पहले भी दिया है जो ये सरकार 5 मई 2015 को गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम लाई थी वो लगभग फ्लॉप हो गई. उसमें ज्वेलर्स को साथ नहीं लिया गया, हम चाहते हैं कि इसमें ज्वेलर्स की भागीदारी करके इस स्कीम को सरकार दोबारा लॉन्च करें. तो उसके अच्छे रिजल्ट होंगे."
मोदी की अपील के बाद क्या पड़ रहा असर?
आगे उन्होंने बताया कि "2 दिन में सभी जगह शोरूम खाली है, ऐसा नहीं है कि पहले भरे हुए थे, लेकिन इसका असर होना ही है. भले ही 50 फीसदी हो. क्योंकि पीएम मोदी की सब इज्जत करते हैं, सब देशभक्त हैं. सब चाहते हैं कि देश पर अगर कोई संकट पड़े तो हम मदद करें. लेकिन एक ज्वेलरी इंडस्ट्री जिसके ऊपर ये डायरेक्ट संकट आएगा. इसके अंदाजा शायद सरकार को नहीं है. कि उनके कारीगर और कर्मचारी कहां जाएंगे?"
कैसे मिलेगा इसका समाधान?
सोना न खरीदने के बाद ज्वेलरी इंडस्ट्री पर पड़ने वाली समस्या के समाधान को लेकर योगेश सिंघल ने बताया कि "इसका समाधान कोई अपील करने से नहीं आएगा. इसके समाधान के लिए सरकार को एक्शन में आना पड़ेगा, इसमें कानून बनाना होगा. सरकार को इससे फर्क नहीं पड़ता यहां ज्वेलरी इंडस्ट्री में अंदर क्या हो रहा है. लेकिन सरकार को अपना विदेशी मुद्रा भंडार देखना है. अगर विदेशी मुद्रा भंडार पर असर पड़ता है तो ऐसे में सरकार के पास रास्ता बचता है कि या तो सोने का गिरवी रखा जाए, या बेच दे."
क्या संकट के दौर से गुजर रही अर्थव्यवस्था?
उन्होंने कहा "ये चीज हमें पहले से ही नजर आ रही है क्योंकि जैसे तेल के दाम बढ़े पहले 60 डॉलर का एक बैरल तेल आता था, अब 120 डॉलर का आ रहा है. दूसरा जैसे डॉलर की डिमांड आती है तो डॉलर मजबूत हो जाता है और हमारा रुपया कमजोर. आज 85 वाला रुपया 95 तक बिक गया आगे चलकर 100 रुपया पार कर जाए, तो ये भी जो गिरावट है रुपये में इसका भी नुकसान हो रहा है. तो सरकार को तेल और गैस आयात में डबल नुकसान है."
ज्वेलरी इंडस्ट्री से कितने लोगों का जुड़ा कारोबार?
इसको लेकर योगेश सिंघल ने बताया कि "करोड़ों लोगों का रोजगार इससे जुड़ा है. जिसमें 2 करोड़ के आस-पास कारीगर बंगाल के है. पीएम मोदी की अपील के बाद फिलहाल करोबार काफी मंदा हो गया है. कस्टमर को लेकर उन्होंने कहा कि आज ही कस्टमर ने सोने की घड़ी पसंद की थी और जब पीएम की अपील सुनी तो कैंसिल करनी पड़ी. तो इसका इफेक्ट तो आने लगा है."
1 साल की स्थिति पर क्या बोले योगेश सिंघल?
पीएम मोदी ने अगले 1 साल तक सोना न खरीदने की अपील की है अब 1 साल के अंदर क्या स्थिति बनेगी उसको लेकर योगेश सिंघल ने बताया कि "स्थिति हमें दिखाई दे रही है हम फिलहाल पैनिक पॉजीशन में है. ज्वेलर्स माथा पकड़कर बैठे हैं. अभी किसी को समझ नहीं आ रहा है कि इस स्थिति से हम कैसे बाहर निकलेंगे लेकिन सोच विचार जारी है."
क्या है योगेश सिंघल की अपील?
आखिर में इस स्थिति को लेकर योगेश सिंघल ने अपील करते हुए कहा कि "मैं अपने ज्वेलर्स भाई से अपील कर चुका हूं कि हमें कोई प्रोटेस्ट या पीएम के बारे में कोई अभद्र भाषा का उपयोग नहीं करना है. क्योंकि ये देश के लिए गंभीर समस्या का विषय है और इस समस्या के हम पुराने मरीज है, हम इस समस्या को कांग्रेस के समय पर भी भुगत चुके हैं और दूसरी सरकारों के समय पर भी. तो हम सरकार से चाहते हैं कि इसका कोई एक्सपोर्ट बढ़ाने का, मेक इन इंडिया का कोई न कोई समाधान दे. अगर सरकार समाधान नहीं बताएगी तो ये समस्या ऐसे ही खड़ी रहेगी."




