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चाहते हैं बुढ़ापे में न सताए टेंशन, समझदारी दिखाएं - EPF के साथ VPF में भी करें निवेश

अगर आप चाहते हैं कि रिटायरमेंट के बाद आर्थिक तंगी न झेलनी पड़े, तो EPF के साथ VPF में निवेश कर बिना जोखिम बनाएं बड़ा रिटायरमेंट फंड. जानें ब्याज, टैक्स छूट और VPF शुरू करने का आसान तरीका.

चाहते हैं बुढ़ापे में न सताए टेंशन, समझदारी दिखाएं - EPF के साथ VPF में भी करें निवेश
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( Image Source:  Sora AI )

अगर आप चाहते हैं कि रिटायरमेंट के बाद पैसों की चिंता आपकी नींद न उड़ाए, तो अभी से सही कदम उठाना जरूरी है. नौकरीपेशा जिंदगी में हर महीने कटने वाला EPF जरूर एक सहारा देता है, लेकिन बढ़ती महंगाई के इस दौर में सिर्फ उसी पर भरोसा करना काफी नहीं है. बुढ़ापे में सम्मानजनक और सुकून भरी जिंदगी के लिए EPF के साथ VPF में निवेश एक समझदारी भरा फैसला साबित हो सकता है. आज की गई थोड़ी-सी अतिरिक्त बचत, कल आपको पेंशन की टेंशन से पूरी तरह राहत दिला सकती है.

सुरक्षित निवेश विकल्प

हर नौकरीपेशा कर्मचारी EPF में निवेश करता है, लेकिन सिर्फ EPF रिटायरमेंट के लिए काफी नहीं है. VPF एक सुरक्षित विकल्प है, जिससे बिना जोखिम बुढ़ापे की पेंशन टेंशन खत्म हो सकती है.

EPF से आगे क्यों सोचने की जरूरत है?

हर महीने EPF कटने से रिटायरमेंट की चिंता खत्म नहीं होती. बढ़ती महंगाई में सिर्फ EPF पर निर्भर रहना भविष्य में परेशानी खड़ी कर सकता है.

VPF क्या है और यह कैसे करता है काम?

वॉलंटरी प्रोविडेंट फंड यानी VPF, EPF का ही विस्तार है. इसमें कर्मचारी अपनी मर्जी से अतिरिक्त रकम उसी EPF खाते में जमा कर सकता है.

VPF में कितना निवेश किया जा सकता है?

VPF में योगदान की कोई अधिकतम सीमा तय नहीं है. कर्मचारी अपनी बेसिक सैलरी का 100% तक निवेश कर सकता है.

VPF पर कितना मिलता है ब्याज?

VPF पर वही ब्याज मिलता है जो EPF पर दिया जाता है. फिलहाल यह दर 8.25% सालाना है, जो FD से भी ज्यादा है.

टैक्स बचाने में VPF कितना फायदेमंद?

VPF में निवेश पर धारा 80C के तहत 1.5 लाख रुपये तक टैक्स छूट मिलती है. तय सीमा तक ब्याज और निकासी भी टैक्स फ्री रहती है.

क्या VPF से बीच में पैसा निकाला जा सकता है?

निकासी संभव है, लेकिन यह लंबी अवधि के लिए बेहतर निवेश है. समय से पहले पैसा निकालने पर टैक्स नियम लागू हो सकते हैं.

VPF शुरू करने का आसान तरीका

VPF के लिए किसी नए अकाउंट की जरूरत नहीं होती. HR या Payroll डिपार्टमेंट को सूचना देकर सैलरी से अतिरिक्त कटौती शुरू कराई जा सकती है.

नौकरी बदलने पर VPF का क्या होगा?

नौकरी बदलने पर EPF के साथ VPF अकाउंट भी नए नियोक्ता के पास ट्रांसफर हो जाता है. पैसा पूरी तरह सुरक्षित रहता है.

क्यों VPF बन सकता है बुढ़ापे का मजबूत सहारा?

महंगाई और निजी सेक्टर में पेंशन की कमी को देखते हुए VPF एक सुरक्षित, भरोसेमंद और लॉन्ग टर्म समाधान है.

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