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Iran जंग से टेंशन में आ गए जेलेंस्की, रूस के लिए अच्छी और यूक्रेन के लिए इसलिए बुरा है युद्ध का लंबा खींचना

Middle East में जारी जंग का असर अब यूक्रेन युद्ध पर भी साफ दिखने लगा है. यूक्रेन के राष्ट्रपति Volodymyr Zelensky ने चेतावनी दी है कि इस संघर्ष के चलते उनके देश को मिसाइलों की भारी कमी का सामना करना पड़ सकता है. उन्होंने यह भी कहा कि लंबी जंग से Vladimir Putin को फायदा हो रहा है, जबकि शांति की कोशिशें लगातार टल रही हैं.

Iran जंग से टेंशन में आ गए जेलेंस्की, रूस के लिए अच्छी और यूक्रेन के लिए इसलिए बुरा है युद्ध का लंबा खींचना
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( Image Source:  X- @ANI )
समी सिद्दीकी
Edited By: समी सिद्दीकी4 Mins Read

Updated on: 19 March 2026 7:29 AM IST

Iran Warn Impact om Ukraine: यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने कहा है कि यूक्रेन को रूस से लड़ने के लिए इस्तेमाल होने वाली मिसाइलों की कमी का सामना करना पड़ सकता है, और इसका कारण मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध को बताया. BBC को दिए गए एक खास इंटरव्यू में जेलेंस्की ने रूस की मंशा का भी जिक्र किया.

जेलेंस्की ने कहा कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन चाहते हैं कि अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच लंबी लड़ाई हो, क्योंकि इससे कीव कमजोर होगा और अमेरिकी संसाधन दूसरी जगहों पर डाइवर्ट होंगे होंगे.

ट्रंप पर क्या बोले जेलेंस्की?

जेलेंस्की ने यह भी कहा कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप किसी पक्ष के साथ नहीं हैं और वह पुतिन को नाराज़ नहीं करना चाहते. उन्होंने ट्रंप और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री सर कीर स्टारमर से आग्रह किया कि वे मिलकर एक साझा स्थिति बनाएं, खासकर ट्रंप द्वारा स्टारमर की लगातार आलोचना के बाद.

अब तीसरे सप्ताह में प्रवेश कर चुके मिडिल ईस्ट की जंग ने खाड़ी क्षेत्रों में असर डाला है. ईरान ने अमेरिका और इज़राइल के हमलों के जवाब में पड़ोसी राज्यों पर कार्रवाई की है. जेलेंस्की ने कहा कि उन्हें यूक्रेन युद्ध पर इसके प्रभाव के बारे में "बहुत बुरा अहसास" है और शांति की वार्ता लगातार स्थगित हो रही है. उन्होंने कहा कि इसका मुख्य कारण ईरान में चल रहे युद्ध हैं.

रूस के लिए क्यों फायदेमंद है यह स्थिति?

जेलेंस्की ने बताया कि यह स्थिति पुतिन के लिए फायदेमंद है क्योंकि इससे ऊर्जा की कीमतें बढ़ती हैं, जो यूक्रेन के लिए समस्या है, और इससे अमेरिकी संसाधनों तथा हवाई रक्षा उपकरणों में कमी आती है. उन्होंने कहा कि यूक्रेन को Patriot मिसाइलों की कमी का सामना करना पड़ेगा, जो चुनौतीपूर्ण साबित होगी.

जेलेंस्की ने बताया कि अमेरिका प्रति माह 60-65 मिसाइलें बनाता है, यानी सालाना लगभग 700-800 मिसाइलें, जबकि मध्य पूर्व युद्ध के पहले दिन ही 803 मिसाइलें इस्तेमाल हो चुकी थीं.

इस जंग में क्या चाहते हैं ट्रंप?

यूक्रेनी राष्ट्रपति ने अमेरिकी राष्ट्रपति की स्थिति पर भी प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि ट्रंप चाहते हैं कि वह युद्ध के किसी भी पक्ष में न पड़ें बल्कि मध्यस्थ की भूमिका निभाएं. जेलेंस्की ने कहा कि ट्रंप चाहते हैं कि यह युद्ध समाप्त हो, लेकिन उन्होंने और उनके सलाहकारों ने पुतिन के साथ संवाद बनाए रखने की रणनीति चुनी है ताकि यूरोप को नाराज़ न किया जाए, क्योंकि पुतिन यूरोप से बात नहीं करना चाहता.

मध्य पूर्व में अमेरिका और इज़राइल के हमलों से युद्ध ने कूटनीतिक विवाद भी जन्म लिया है. ट्रंप ने NATO सहयोगियों की आलोचना की और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर पर सैन्य कार्रवाई न करने का आरोप लगाया. जेलेंस्की ने पश्चिमी नेताओं में विभाजन से बचने की चेतावनी दी.

जेलेंस्की ने ट्रंप से क्या की गुजारिश?

BBC से की गई बातचीत में जेलेंस्की ने कहा कि वह ट्रंप को यह नहीं बताएंगे कि क्या करना है, लेकिन उन्होंने सुझाव दिया कि ट्रंप और स्टारमर को मिलकर "संबंधों को फिर से लोड" करना चाहिए. उन्होंने कहा, "मैं वास्तव में चाहता हूं कि राष्ट्रपति ट्रंप स्टारमर से मिलें ताकि उनके बीच एक साझा स्थिति बन सके."

ट्रंप ने स्टारमर पर क्या कहा था?

ट्रंप ने मंगलवार को स्टारमर पर हमला करते हुए उन्हें "नो विंस्टन चर्चिल" कहा और बताया कि वह उन्हें एक अच्छे व्यक्ति मानते हैं, लेकिन "निराश" हैं. इसके जवाब में स्टारमर ने कहा कि ब्रिटेन किसी व्यापक युद्ध में शामिल नहीं होगा और अमेरिकी-यूके संबंध "स्थायी" हैं.

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